हेमंत सोरेन का बड़ा संदेश- विकास जरूरी, लेकिन जल-जंगल-जमीन की कीमत पर नहीं
झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने रांची में राज्यव्यापी वन महोत्सव-2026 में पर्यावरण संरक्षण का संकल्प दिलाया। उन्होंने कहा कि विकास जरूरी है, लेकिन जल, जंगल और जमीन की कीमत पर नहीं। सरकार इंसान, वन्यजीव और पर्यावरण के लिए उपयोगी पेड़ों को प्राथमिकता देगी।
सीएम हेमंत सोरेन ने सोशल मीडिया साइट एक्स पर अपनी पोस्ट में कहा कि रांची में राज्यव्यापी वन महोत्सव-2026 में शामिल हुआ। आप सभी को इस अवसर पर बहुत बहुत बधाई और शुभकामनाएं। वन महोत्सव केवल वृक्षारोपण का कार्यक्रम नहीं, बल्कि प्रकृति के प्रति हमारी जिम्मेदारी का संकल्प है।
उन्होंने कहा कि आज पूरी दुनिया जलवायु परिवर्तन के प्रभावों को महसूस कर रही है। कभी अत्यधिक वर्षा, कभी सूखा, कभी भीषण गर्मी, कभी असामान्य ठंड, कहीं बादल फटना, कहीं भूस्खलन, ये सभी संकेत हैं कि प्रकृति हमें लगातार चेतावनी दे रही है।
आज रांची में राज्यव्यापी वन महोत्सव-2026 में शामिल हुआ। आप सभी को इस अवसर पर बहुत बहुत बधाई और शुभकामनाएं। वन महोत्सव केवल वृक्षारोपण का कार्यक्रम नहीं, बल्कि प्रकृति के प्रति हमारी जिम्मेदारी का संकल्प है।
— Hemant Soren (@HemantSorenJMM) August 7, 2026
आज पूरी दुनिया जलवायु परिवर्तन के प्रभावों को महसूस कर रही है। कभी… pic.twitter.com/Ctf2qxDkvh
सीएम ने कहा कि विकास आवश्यक है, लेकिन विकास और प्रकृति के बीच संतुलन भी उतना ही आवश्यक है। सड़कें बनें, उद्योग लगें, शहर बसें, पर जल, जंगल और जमीन की कीमत पर नहीं। जब हम जंगलों में अतिक्रमण करेंगे, तब वन्यजीव भी हमारे बीच आएंगे। आज हाथियों का गांव और शहरों की ओर आना इसी बदलते संतुलन का परिणाम है।
उन्होंने कहा कि झारखंड की पहचान उसके जंगलों, जैव विविधता और प्रकृति से है। इसलिए हमारी सरकार ने स्पष्ट निर्णय लिया है कि राज्य में ऐसे वृक्षों को ही प्राथमिकता दी जाएगी जो इंसान, पशु-पक्षी और पर्यावरण, तीनों के लिए उपयोगी हों। हमें केवल पेड़ लगाने नहीं, उन्हें संरक्षित भी करना है।

