ramcharitmanas

गुलमर्ग में मौसम की सबसे सर्द रात, लेह का तापमान शून्य से 6.5 डिग्री नीचे

Updated: शुक्रवार, 17 नवंबर 2017 (14:25 IST)
श्रीनगर। उत्तर कश्मीर में मशहूर स्की रिसोर्ट गुलमर्ग के साथ साथ लद्दाख क्षेत्र में लेह और करगिल शहरों में रात का न्यूनतम तापमान सबसे कम रहा। ऐसा इस सप्ताह की शुरूआत में जम्मू कश्मीर के ऊंचाई वाले कई इलाकों में बर्फबारी होने के कारण हुआ है।
 
मौसम विभाग के एक अधिकारी ने यहां बताया कि गुलमर्ग का न्यूनतम तापमान शून्य से 5.6 डिग्री सेल्सियस नीचे दर्ज किया गया।
 
अधिकारी ने बताया कि घाटी में गुलमर्ग सबसे ठंडा स्थान रहा है और जम्मू कश्मीर में दूसरा सबसे ठंडा स्थान करगिल रहा। उन्होंने बताया कि लद्दाख क्षेत्र में करगिल शहर का न्यूनतम तापमान शून्य से 5.6 डिग्री सेल्सियस नीचे दर्ज किया गया।
 
अधिकारी के मुताबिक लेह राज्य में सबसे ठंडा स्थान रहा और यहां का न्यूनतम तापमान 6.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। कश्मीर संभाग में सभी अन्य स्थानों पर गुरुवार रात का तापमान जमाव बिन्दु से ऊपर दर्ज किया गया।
 
मौसम विभाग ने राज्य के अलग-अलग स्थानों पर हल्की बारिश या बर्फबारी होने का अनुमान व्यक्त किया है। इसके कुछ दिनों के बाद तक मौसम काफी हद तक शुष्क बने रहने की संभावना है। (भाषा) 
 

Show comments

SCO Summit : पाकिस्तान ने PM मोदी की फोटो की क्रॉप, वीडियो भी काटा, भारत ने दिखाया पूरा सच

Bristy Mukherjee Death : ममता बनर्जी की भतीजी बृष्टि मुखर्जी की मौत, घर में फंदे से लटका मिला शव, शिक्षक भर्ती मामले में गई थी नौकरी, जांच शुरू

NEET प्रदर्शन पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, दिल्ली समेत 5 राज्यों में FIR रद्द; CJP नहीं करेगी प्रोटेस्ट

Redmi Note 17 Pro Max 5G India Launch: भारत में जल्द दस्तक देगा Xiaomi का नया स्मार्टफोन, 10,000mAh बैटरी समेत मिलेंगे ये दमदार फीचर्स

नेपाल बाढ़ की तबाही का खौफनाक मंजर: एक घर के मलबे से मिले 23 शव, 4000 से ज्यादा लोग अब भी लापता

सभी देखें

गन्ने के खेत से विदेशी बाजार तक पहुंची यूपी की एक्सपोर्ट चेन, निर्यात नीति ने बदली तस्वीर

GIDC प्लॉट धारकों के लिए बड़ी राहत: राज्य सरकार ने घोषित की 'GIDC एम्नेस्टी स्कीम'

राम मंदिर को आज मिल सकता है पहला CEO, 3 नामों का पैनल तैयार

होर्मुज स्ट्रेट पर अमेरिका का लगभग पूरा कंट्रोल? ट्रंप के दावे से मचा हड़कंप ; तेल के दाम चढ़े

क्या तिब्बत में आपदा के नुकसान को छिपा रहा है चीन?

अगला लेख