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बिजनौर में मालन नदी का कहर, कुछ घंटों में 3 लोग लापता, रेस्क्यू ऑपरेशन जारी

malan nadi
लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के चलते मालन नदी उफान पर पहुंच गई और उसने शुक्रवार को दो अलग-अलग घटनाओं में तीन परिवारों की खुशियां छीन ली। मालन नदी में एक व्यक्ति और दो किशोर तेज बहाव में बहने की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन ने मौके पर पहुंचकर राहत एवं बचाव कार्य शुरू कराया, लेकिन समाचार लिखे जाने तक तीनों का कोई पता नहीं चल सका था।
पहला हादसा मंडावर थाना क्षेत्र के रावली-ब्रह्मपुरी रपटे पर हुआ। ग्राम कूकड़ा निवासी 43 वर्षीय रविंद्र पुत्र अतर सिंह रिश्तेदारी में गांव शहजादपुर जा रहे थे। उस समय मालन नदी का जलस्तर बढ़ा हुआ था और रपटे के ऊपर से तेज गति से पानी बह रहा था। आसपास मौजूद लोगों ने उन्हें आगे बढ़ने से रोकने की कोशिश की, लेकिन वह उनकी बात को नजर अंदाज करते हुए पैदल ही रपटा पार करने लगा। 
 
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक रपटे के बीच पहुंचते ही रविंद्र का संतुलन बिगड़ गया और वह तेज बहाव में बहते हुए आंखों से ओझल हो गया। मौके पर मौजूद लोगों ने उन्हें बचाने का प्रयास किया, लेकिन पानी की रफ्तार इतनी अधिक थी कि वह देखते ही देखते नदी के बहाव में बह गया। तभी वहां मौजूद किसी शख्स ने घटना का वीडियो अपने मोबाइल में रिकॉर्ड करते हुए सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। 
इसी दिन शाम करीब साढ़े पांच बजे मालन नदी में दूसरा हादसा सामने आया। किरतपुर कस्बे के राहतगंज मोहल्ले निवासी 16 वर्षीय शबान पुत्र सदाब और 15 वर्षीय अजीम पुत्र आजम नदी में नहाने गए थे। इसी दौरान अचानक नदी का बहाव तेज हो गया और दोनों किशोर गहरे पानी की चपेट में आकर बह गए। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस, प्रशासन और गोताखोरों की टीम मौके पर पहुंच गई। देर शाम तक नदी में लगातार सर्च ऑपरेशन चलाया जाता रहा, लेकिन किसी का भी पता नहीं लग सका।
 
लगातार बारिश के कारण मालन नदी का जलस्तर बढ़ने से प्रशासन ने लोगों से नदी, रपटों और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहने की अपील की है। अधिकारियों ने कहा है कि मौसम सामान्य होने तक किसी भी प्रकार का जोखिम न उठाएं। एक ही दिन में हुए इन दो हादसों के बाद स्थानीय लोगों में गहरी चिंता है। उनका कहना है कि नदी के संवेदनशील स्थानों पर स्थायी बैरिकेडिंग, चेतावनी बोर्ड, पुलिस निगरानी और राहत-बचाव दल की तैनाती की जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।
लेखक के बारे में
हिमा अग्रवाल