8 महीने बाद मासूम ने ली खुली हवा में सांस, जेल से आई बाहर, मौसी को मिली सुपुर्दगी...

अवनीश कुमार| Last Updated: शुक्रवार, 5 मार्च 2021 (12:47 IST)
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के थाना चौबेपुर के अंतर्गत 2 व 3 जुलाई की मध्यरात्रि हुए बिकरू कांड में जहां पुलिसवालों के मासूम बच्चों के सिर से पिता का साया अपराधी विकास दुबे ने छीन लिया था तो वहीं अपराधी विकास दुबे का साथ दे रहे लोगों के मासूम बच्चों को भी कष्ट उठाना पड़ा रहा है और अपनों की करनी की सजा एक 7 वर्षीय मासूम को भी में रहकर भुगतनी पड़ी थी, लेकिन देर से सही 8 महीने के बाद मासूम को खुली हवा में एक बार फिर घूमने-फिरने और सांस लेने का मौका मिला है और यह मौका किसी और ने नहीं बल्कि उसकी मौसी ने दिया है। कोर्ट के आदेश के बाद उसकी मौसी ने अपनी सुपुर्दगी में ले लिया है।
मौसी ने मांगी थी सुपुर्दगी : बिकरू कांड के ठीक बाद जहां पुलिस ने आरोपियों की धरपकड़ चालू कर दी थी और कड़ी से कड़ी जोड़ आरोपियों को गिरफ्तार करना शुरू किया था। इसी कड़ी में पुलिस ने अपराधी विकास दुबे के यहां काम करने वाले दयाशंकर और दयाशंकर की पत्नी रेखा को भी आरोपी मानते हुए जेल भेज दिया था।

लेकिन इस दौरान आरोपी दयाशंकर और उसकी पत्नी रेखा के साथ 7 और 3 वर्षीय दो बेटियों को भी जेल जाना पड़ा था क्योंकि आरोपी दयाशंकर और उसकी पत्नी रेखा के गिरफ्तार होने के बाद दोनों ही बच्चों की देखरेख करने वाला कोई भी नहीं था जिसके चलते दोनों बच्चों को भी उनके माता-पिता के साथ जेल भेज दिया गया था।

अपने माता-पिता के आरोपों की सजा भुगत रहे दोनों मासूम बच्चों को देखकर उनकी मौसी गुड्डी ने न्यायालय में पेश हलफनामे में बेटी को उनके सुपुर्द करने का अनुरोध किया था। मौसी ने कोर्ट में अधिवक्ता के माध्यम से प्रार्थना पत्र देते हुए कहा था कि बच्ची के जेल में रहने से उसका मानसिक संतुलन बिगड़ सकता है और उसकी पढ़ाई भी प्रभावित हो रही है।

साथ ही उन्होंने कोई भी ऐसा जुर्म नहीं किया है कि उन्हें जेल में रहना पड़े इसलिए बच्ची का पालन-पोषण सही ढंग से हो, इसके लिए बच्ची की सुपुर्दगी दे दी जाए, जिस पर सुनवाई करते हुए विशेष न्यायाधीश दस्यु प्रभावित कोर्ट ने 7 वर्षीय बच्ची की सुपुर्दगी उसकी मौसी को दिए जाने के आदेश दिए थे जिसके बाद 7 वर्षीय मासूम बच्ची को जेल से रिहा करते हुए उसकी मौसी के सुपुर्द कर दिया गया है।

क्या बोले अधिवक्ता :
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता आशीष तिवारी ने बताया कि मासूम बच्ची की मौसी की तरफ से कोर्ट में दिए गए प्रार्थना पत्र की सुनवाई के दौरान कोर्ट ने आरोपी रेखा की बड़ी बेटी की सुपुर्दगी रेखा की बहन गुड्डी को दिए जाने का आदेश दे दिया है और बच्ची की सुपुर्दगी कर दी गई है।



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