मैं क्रिकेट का विकेट नहीं, अंगद का पांव हूं : शिवराज सिंह

भोपाल| भाषा| पुनः संशोधित गुरुवार, 3 जुलाई 2014 (21:24 IST)
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भोपाल। मुख्यमंत्री ने शासन के दस साल के कार्यकाल के दौरान हुई गड़बड़ियों की जांच की घोषणा करते हुए कहा है कि वह कोई क्रिकेट का विकेट नहीं बल्कि अंगद के पांव हैं, जिसे गिराया जाना संभव नहीं है।


राज्य विधानसभा में कांग्रेस द्वारा व्यावसायिक परीक्षा मंडल घोटाले की जांच से कराने की मांग को लेकर बुधवार को प्रस्तुत स्थगन प्रस्ताव पर मुख्यमंत्री के जवाब के दौरान कांग्रेसी सदस्यों द्वारा किए गए हंगामे के कारण उनका जवाब कल पूरा नहीं हो पाया था।
कांग्रेसी सदस्यों ने आज भी मुख्यमंत्री के जवाब के दौरान व्यापमं घोटाले की सीबीआई से जांच कराए जाने की मांग को लेकर जबर्दस्त हंगामा और नारेबाजी की। इस कारण वह जवाब नहीं दे सके, वहीं अत्यधिक हंगामे और नारेबाजी के बीच विधानसभा अध्यक्ष सीताशरण शर्मा को दो बार सदन की कार्यवाही स्थगित करने के बाद तीसरी बाद सदन की कार्यवाही भोजनावकाश तक के लिए स्थगित करनी पड़ी।

भोजनावकाश के बाद भी सदन में हंगामे की स्थिति बनी रही और मुख्यमंत्री ने अपना जवाब सदन के पटल पर रख दिया, जिसके बाद अध्यक्ष ने सदन की कार्यवाही कल तक के लिए स्थगित कर दी गई।


शिवराज ने बाद में विधान सभा सभागार में भाजपा विधायकों को संबोधित करते हुए कहा कि वह सदन में कांग्रेस द्वारा लगाए गए निराधार और तथ्यहीन आरोपों का सिलसिलेवार जवाब देना चाहते थे। लेकिन कांग्रेसी सदस्यों ने हंगामा करके लोकतंत्र की हत्या की और संविधान को तार तार किया।
चौहान ने कहा कि कांग्रेस द्वारा व्यापमं घोटाले को लेकर उन पर तथा उनके परिजनों पर आरोप लगाए गए लेकिन वे इन आरोपों को लेकर एक भी सबूत पेश नहीं कर सके।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस मेरा विकेट गिराने की बात कर रही है लेकिन में क्रिकेट का विकेट नहीं हूं बल्कि अंगद का पांव हूं जो गिर नहीं सकता बल्कि जम गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि दरअसल कांग्रेस उनके तीसरी बार मुख्यमंत्री बनने को पचा नहीं पा रही है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने ऐसा पेश किया जैसे व्यापमं में महाघोटाला हो गया हो जबकि सामने आने पर हमने इसकी जांच कराई और हम इसकी जड़ में जाना चाहते हैं लेकिन कांग्रेस जांच को भटकाना चाहती है। (भाषा)



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