suvichar

प्रभु श्रीराम को एक अप्सरा ने दिया था ये श्राप

Updated: मंगलवार, 28 जुलाई 2020 (18:14 IST)
विष्णु के सातवें अवतार भगवान श्रीराम को जीवन से जुड़े कई किस्से हैं। उनमें से एक किस्सा ऐसा है जिसे आप शायद ही जानते होंगे। यह किसा जुड़ा है उसके द्वारा सुग्रीव के भाई बालि का वध करने से जुड़ा हुआ है।
 
 
देवराज इंद्र का पुत्र और किष्किंधा का राजा बालि या बाली जिससे भी लड़ता था लड़ने वाला कितना ही शक्तिशाली हो उसकी आधी शक्ति बाली में समा जाती थी और लड़ने वाला कमजोर होकर मारा जाता था। बाली ने सुग्रीव की पत्नी और संपत्ति हड़पकर उसको राज्य से बाहर धकेल दिया था। यही कारण था कि प्रभु श्रीराम ने सुग्रीव से अपने बड़े भाई बाली से युद्ध करने को कहा और इसी दौरान श्रीराम ने छुपकर बाली पर तीर चला दिया और वह मारा गया।
 
ALSO READ: बाली ने श्रीराम से इस तरह लिया था अपनी मौत का बदला
बाली ने मरते वक्त अपने पुत्र अंगद को तीन तरह की शिक्षा दी थी। बालि ने कहा, पहली बात ध्यान रखना देश, काल और परिस्थितियों को हमेशा समझकर कार्य करना। दूसरी बात यह कि किसके साथ कब, कहां और कैसा व्यवहार करें, इसका सही निर्णय लेना। अंत में बालि ने तीसरी सबसे महत्वपूर्ण बात कही कि पसंद-नापसंद, सुख-दु:ख को सहन करना और क्षमाभाव के साथ जीवन व्यतीत करना। यही जीवन का सार है।
 
 
बाली के वध के बाद उसकी पत्नी तारा को बहुत दुख हुआ। तारा एक अप्सरा थी। बाली को को छल से मारा गया। यह जानकर उनकी पत्नी तारा ने श्रीराम को कोसा और उन्हें एक श्राप दिया। श्राप के अनुसार भगवान राम अपनी पत्नी सीता को पाने के बाद जल्द ही खो देंगे। उसने यह भी कहा कि अगले जन्म में उनकी मृत्यु उसी के पति (बाली) द्वारा हो जाएगी। अगले जन्म में भगवान विष्णु ने श्रीकृष्ण के रूप में जन्म लिया था और उनके इस अवतार का अंत एक शिकारी भील जरा (जो कि बाली का ही दूसरा जन्म था) द्वारा किया गया था।
 

लेखक के बारे में
अनिरुद्ध जोशी
पत्रकारिता के क्षेत्र में 26 वर्षों से साहित्य, धर्म, योग, ज्योतिष, करंट अफेयर्स और अन्य विषयों पर लिख रहे हैं। वर्तमान में विश्‍व के पहले हिंदी पोर्टल वेबदुनिया में सह-संपादक के पद पर कार्यरत हैं। दर्शनशास्त्र एवं ज्योतिष: मास्टर डिग्री (Gold Medalist), पत्रकारिता: डिप्लोमा। योग, धर्म और ज्योतिष में विशेषज्ञता।.... और पढ़ें

Show comments

सभी देखें

मंगल का मृगशिरा नक्षत्र में गोचर, 3 राशियों को रहना होगा 12 अगस्त तक सावधान

Rationalism: सत्य की वैज्ञानिक खोज: देकार्त का बुद्धिवाद और आधुनिक दर्शन का जन्म

मिथुन में मार्गी बुध का प्रभाव: भारत समेत दुनिया में होंगे ये बड़े बदलाव

Rakhi 2026: कब है रक्षा बंधन का त्योहार, राखी बांधने का शुभ मुहूर्त?

चातुर्मास में सुख-समृद्धि लाने के लिए इन 4 महीनों में राशि के अनुसार ये खास उपाय

सभी देखें

12 August Birthday: आपको 12 अगस्त, 2026 के लिए जन्मदिन की बधाई!

Solar eclipse 2026: सबसे दुर्लभ सूर्यग्रहण, छा जाएगा इन देशों में दिन में अंधेरा, भारत पर क्या होगा असर?

Aaj Ka Rashifal: आज का दैनिक राशिफल: मेष से मीन तक 12 राशियों का राशिफल (12 अगस्‍त, 2026)

Aaj ka panchang: आज का शुभ मुहूर्त: 12 अगस्‍त 2026: बुधवार का पंचांग और शुभ समय

श्रावण मास हरियाली अमावस्या पर करें पितृदोष, कालसर्पदोष और शनि दोष से मुक्ति के उपाय

अगला लेख