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मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम समसामयिक है

गुरुवार,अप्रैल 2, 2020
shri ram
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गुहराज निषाद ने अपनी नाव में प्रभु श्रीराम को गंगा के उस पार उतारा था। आज गुहराज निषाद के वंशज और उनके समाज के लोग उनकी पूजा अर्चन करते हैं। चैत्र शुक्ल पंचमी को उनकी जयंती है। गुहराज निषाद ने पहले प्रभु श्रीराम के चरण धोए और फिर उन्होंने अपनी नाम ...
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भगवान श्रीराम से रामनवमी पर आशीर्वाद मांगें कि हे परमात्मा, मेरे शरीर, मन और बुद्धि की रक्षा करना। साथ ही इस मंत्र का पाठ करें-
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पूरा विश्व इस समय कोरोना वायरस-19 से लड़ रहा है। इतने भयानक समय में भी हम अपने-अपने ईष्ट का स्मरण कर रहे हैं। डॉक्टर के पास इस वायरस का स्थायी इलाज नहीं है।
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भारत में कोरोना वायरस की महामारी के चलते कई जगहों पर कर्फ्यू है तो संपूर्ण भारत में 14 अप्रैल तक लॉकडाउन है। सभी मंदिरों को बंद कर दिया गया है। ऐसे में इस बार का राम नवमी उत्सव मंदिर में मनाना मुश्किल है। भगवान राम का जन्मोत्सव चैत्र शुक्ल पक्ष की ...
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भगवान राम का काल ऐसा काल था जबकि धरती पर विचित्र किस्म के लोग और प्रजातियां रहती थीं, लेकिन प्राकृतिक आपदा या अन्य कारणों से ये प्रजातियां अब लुप्त हो गई हैं। आज यह समझ पाना मुश्‍किल है कि कोई पक्षी कैसे बोल सकता है। रामायण काल में बंदर, भालू आदि की ...
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चैत्र नवरात्रि में कई घरों में नवमी को दुर्गा माता की पूजा होती है। इस दिन राम नवमी भी होती हैं। आओ जानते हैं कि नवमी तिथि का ज्योतिष में क्या महत्व है।
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भगवान् शंकरजी ने मानस की चौपाइयों को मंत्र-शक्ति प्रदान की है- इसलिए भगवान शंकर को साक्षी बनाकर इनका श्रद्धा से जप करना चाहिए।
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तुलसीदास जी रचित रामचरित मानस में नारियों को सम्मान जनक रूप में प्रस्तुत किया है। जिससे ‘यत्र नार्यस्तु पूज्यन्ते, रमन्ते तत्र देवता:’ ही सिद्ध होता है। नारियों के बारे में उनके जो विचार देखने में आते हैं उनमें से कुछ इस प्रकार हैं:-
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तारक मंत्र 'श्री' से प्रारंभ होता है। 'श्री' को सीता अथवा शक्ति का प्रतीक माना गया है। राम शब्द 'रा' अर्थात् र-कार और 'म' मकार से मिल कर बना है। 'रा' अग्नि स्वरुप है। यह हमारे दुष्कर्मों का दाह करता है। 'म' जल तत्व का द्योतक है।
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देवी सीता मिथिला के राजा जनक की ज्येष्ठ पुत्री थीं इसलिए उन्हें 'जानकी' भी कहा जाता है। कहते हैं कि राजा जनक को माता सीता एक खेत से मिली थी। इसीलिए उन्हें धरती पुत्री भी कहा जाता है। आओ जानने हैं उनके भाई बहनों के बारे में।
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राम नवमी के दिन प्रभु श्री राम के पूजन एवं आरती के उपरां‍‍त नैवेद्य अथवा भोग को प्रसाद के रूप में चढ़ाया जाता है। इस दिन व्रत-उपवास रखने के साथ ही अगर
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किसी भी खास अवसर पर प्रसाद के रूप में भगवान को नैवेद्य / भोग में पंचामृत अवश्‍य चढ़ाना चाहिए। दूध, दही, घी, शहद, शकर को मिलाकर पंचामृत बनाया जाता है।
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पूरे भारत वर्ष में खीर बहुत लोकप्रिय डिश है। खीर को कुछ लोग 'पायसम' के नाम से भी जानते हैं। राम नवमी के खास मौके पर इस लाजवाब डिश का भगवान को भोग लगाकर उन्हें प्रसन्न किया जा सकता है। आइए जानें सरल विधि-
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भगवान श्री राम का नाम और उनका काम अद्भुत है। वे पुरुषों में सबसे उत्तम पुरुषोत्तम हैं। जिनकी आराधना महाबली हनुामन करते हैं उनके जैसा आदर्श चरित्र और सर्वशक्तिमान दूसरा कोई नहीं। उन्होंने जिसे भी छूआ वह स्वर्ण हो गया और जिसे में देखा वह इतिहास में ...
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भगवान श्रीराम पर भारत में 5 प्रमुख रामायण ज्यादा प्रचलित है, जिसकी चर्चा अक्सर की जाती है। जानिए इन पांच के नाम।
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दशरथ का अर्थ होता है दस रथ। दस रथों का स्वामी। अयोध्या के राजा दशरथ की रामायण के अलावा पुराणों में भी बहुत चर्चा होती है। आओ जानते हैं उनके संबंध में 10 ऐसी बातें तो शायद ही आप जानते होंगे।
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चैत्र नवरात्रि नवमी को ही रामनवमी के रूप में मनाया जाता है। श्रीराम की पूजा-अर्चना के लिए आइए जानें क्या करें इस दिन... प्रामाणिक और पौराणिक पूजा विधि
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इस वर्ष राम नवमी महापर्व 2 अप्रैल 2020 दिन गुरुवार को चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि को मनाया जाएगा। भगवान श्री विष्णु जी ने धर्म की स्थापना और अधर्म के समूल नाश के लिए त्रेतायुग में धरती पर भ गवान श्रीराम के रूप में मनुष्य अवतार लिया था।
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भगवान प्रभु श्रीराम का जन्म वाल्मीकि कृत रामायण के अनुसार चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की नवमी को हुआ था। आओ जानते हैं जन्म की 5 रोचक घटनाएं।
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