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Written By WD Feature Desk
Last Updated : बुधवार, 2 अप्रैल 2025 (17:18 IST)

क्यों हनुमान जी ने समुद्र में फेंक दी थी रामायण, जानिए क्या था इस घटना के पीछे का रहस्य

ramayan
hanumad ramayan: रामायण, एक ऐसा महाकाव्य जो पीढ़ियों से हमें प्रेरित करता रहा है, इसके कई अनछुए पहलू हैं। उनमें से एक है हनुमान जी द्वारा स्वयं लिखी गई रामायण, जिसे उन्होंने बाद में समुद्र में विसर्जित कर दिया था। लेकिन प्रश्न ये उठता है कि आखिर राम भक्त हनुमान ने किस कारण से ऐसा किया। इस घटना के पीछे हनुमान जी की मंशा क्या थी आइये जानते हैं।

क्या है पौराणिक मान्यता
पौराणिक कथाओं के अनुसार, रावण पर विजय प्राप्त करने के बाद, भगवान राम के अयोध्या में राज्याभिषेक के समय, हनुमान जी हिमालय पर तपस्या के लिए चले गए थे। वहां, उन्होंने अपनी भक्ति और राम के प्रति अपने अगाध प्रेम को अभिव्यक्त करते हुए, एक शिला पर अपने नाखूनों से रामायण की रचना की। यह रामायण, जिसे 'हनुमद रामायण' के नाम से जाना जाता है, उनके अद्वितीय दृष्टिकोण और भक्ति का प्रतीक थी।

वाल्मीकि जी और हनुमद रामायण का मिलन
जब महर्षि वाल्मीकि ने अपनी रामायण पूरी की, तो वे इसे भगवान शिव को समर्पित करने के लिए कैलाश पर्वत गए। वहां, उन्होंने हनुमान जी द्वारा रचित हनुमद रामायण देखी। हनुमान जी की रामायण की भव्यता और भक्ति से प्रेरित होकर, वाल्मीकि जी को लगा कि उनकी रामायण इसके सामने फीकी पड़ जाएगी।

हनुमान जी का त्याग और समुद्र में विसर्जन
हनुमान जी, जो हमेशा दूसरों के कल्याण के लिए तत्पर रहते थे, वाल्मीकि जी की निराशा को समझ गए। उन्होंने अपनी रामायण की शिला को उठाया और उसे समुद्र में विसर्जित कर दिया, यह कहते हुए कि वाल्मीकि जी की रामायण ही संसार में रामकथा का प्रकाश फैलाएगी।

हनुमान जी का यह कार्य उनके निःस्वार्थ प्रेम और त्याग की पराकाष्ठा को दर्शाता है। उन्होंने अपनी रचना को, जो उनके हृदय के सबसे करीब थी,  दूसरों के हित के लिए त्याग दिया। यह घटना हमें सिखाती है कि सच्ची भक्ति और प्रेम में अहंकार का कोई स्थान नहीं होता। भक्ति का उद्देश्य त्याग और प्राणीमात्र का कल्याण होता है।
हनुमान जी द्वारा अपनी रामायण का समुद्र में विसर्जन एक ऐसी घटना है जो हमें उनके चरित्र की गहराई और उनके त्याग की महानता का परिचय देती है। यह कहानी हमें यह भी याद दिलाती है कि सच्ची भक्ति और प्रेम में दूसरों के कल्याण को हमेशा प्राथमिकता देनी चाहिए।
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