ईसा मसीह के जन्मदिन क्रिसमस का दिन 25 दिसंबर को चुनने के पीछे का इतिहास
The history of Christmas: 25 दिसंबर को ईसा मसीह का जन्म दिन क्रिसमस के रूप में मनाया जाता है। 25 दिसंबर को मनाने की परंपरा कम से प्रारंभ हुई इसके पीछे भी एक इतिहास है क्योंकि करीब 300 सालों तक तो जन्मदिन अलग अलग दिनांक को मनाया जाता रहा जैसा कि आज भी करीब 15 देशों में 7 जनवरी को ही क्रिसमस मनाया जाता है।
25 दिसंबर को चुनने के पीछे का इतिहास
1. सन 98 से लोग इस पर्व को निरंतर मना रहे हैं।
2. 137 में रोमन बिशप ने इस पर्व को मनाने की आधिकारिक रूप से घोषणा की थी।
3. ज्ञात इतिहास के अनुसार ईसाई रोमन सम्राट कॉन्सटेंटाइन के शासनकाल में 336 में पहली बार सार्वजनिक रूप से क्रिसमस मनाया गया था।
4. सन 350 में रोमन पादरी यूलियस ने 25 दिसंबर को क्रिसमस डे के रूप में घोषित कर दिया गया।
क्रिसमस का उद्भव और ऐतिहासिक तथ्य
क्रिसमस के इतिहास को लेकर इतिहासकारों और शोधकर्ताओं के भिन्न मत हैं, जो इस त्योहार के प्राचीन मूल की ओर संकेत करते हैं:
1. प्राचीन जड़ें: कई इतिहासकारों का मानना है कि क्रिसमस, ईसा मसीह के जन्म से पूर्व मनाए जाने वाले रोमन त्योहार 'सैंचुनेलिया' का ही परिवर्तित रूप है।
2. सूर्य उपासना से संबंध: मूल रूप से 25 दिसंबर को रोमन जाति सूर्य देवता के जन्मोत्सव के रूप में मनाती थी। ईसाई धर्म के प्रसार के दौरान, यीशु को 'सूर्य देवता का अवतार' मानकर इस दिन को अपना लिया गया।
3. जन्म तिथि पर विवाद: ईसा मसीह की वास्तविक जन्म तिथि को लेकर एकमत नहीं है। कुछ इसे 25 दिसंबर, तो कुछ 7 जनवरी मानते हैं और कुछ बसंत ऋतु की कोई सी तारीख।
4. वसंत ऋतु का संकेत: बाइबिल में वर्णित ईसा मसीह के जन्म के समय की परिस्थितियों के आधार पर, शोधकर्ता मानते हैं कि उनका जन्म वास्तव में मार्च या अप्रैल (वसंत ऋतु) के दौरान हुआ था, न कि सर्दियों में।