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  4. 10 best places to celebrate Christmas in India
Written By WD Feature Desk
Last Updated : बुधवार, 24 दिसंबर 2025 (14:33 IST)

Christmas tours: भारत के ये 10 ठिकाने जहाँ क्रिसमस मनाना है एक ख्वाब जैसा

Christmas tours
christmas city in India: भारत की विविधता यहाँ के त्योहारों में जान फूँक देती है। करीब ढाई करोड़ की ईसाई आबादी वाले हमारे देश में क्रिसमस का मतलब सिर्फ एक छुट्टी नहीं, बल्कि एक रूहानी और सांस्कृतिक उत्सव है। अगर आप इस साल सांता क्लॉज और जगमगाते सितारों के बीच अपनी छुट्टियां बिताना चाहते हैं, तो इन 10 शहरों की लिस्ट आपके बैग पैक करवा देगी।
 
1. गोवा: भारत का 'क्रिसमस कैपिटल'
गोवा एक हिंदू बहुल राज्य है लेकिन पणजी में ईसाइयों की संख्या अधिक है। गोवा में क्रिसमस का जादू सिर चढ़कर बोलता है। यहाँ के ऐतिहासिक चर्च जैसे बैसिलिका ऑफ बॉम जीसस और कैथेड्रल चर्च की वास्तुकला रात की रोशनी में और भी भव्य लगती है। पणजी की गलियों से लेकर बाघा और कलांगुट बीच की रेत तक, हर तरफ पार्टी और प्रार्थना का अनोखा तालमेल देखने को मिलता है। 
 
2. मुंबई: महानगर की चमक
महाराष्ट्र का प्रमुख शहर मुंबई एक हिंदू बहुल क्षेत्र है। मायानगरी मुंबई में रोमन कैथोलिक और पुर्तगाली विरासत की झलक साफ दिखती है। यहाँ के बैंड्रा इलाके के चर्च और मैरीन ड्राइव के किनारे सजी लाइटें एक जादुई माहौल बना देती हैं। गिरजाघरों के बाहर बजते 'कैरोल्स' (प्रार्थना गीत) और समुद्री हवाओं के साथ क्रिसमस मनाना एक यादगार अनुभव होता है।
 
3. केरल: समंदर किनारे शांति का अहसास
केरल एक हिंदू बहुल राज्य है लेकिन यहां पर तीसरे नंबर पर ईसाइयों की संख्या हो चली है। यहां पर हिंदू और ईसाई मिलकर यह पर्व मनाते हैं। भगवान के अपने देश (God's Own Country) में क्रिसमस की सादगी दिल जीत लेती है। अगर आप शोर से दूर रहना चाहते हैं, तो कोवलम या थ्रिस्सुर का रुख करें। यहाँ का सेंट थॉमस चर्च (कोडुन्गल्लुर) अपनी प्राचीनता के लिए मशहूर है। मलयात्तूर और वल्लारपदम के चर्चों में होने वाली प्रार्थनाएं मन को शांति देती हैं।
 
4. शिलॉन्ग: बादलों के बीच 'ईस्ट का स्कॉटलैंड'
भारत के सबसे सुंदर राज्य मेघालय में 75 प्रतिशन लोग ईसाई बन चुके हैं। 12 प्रतिशत ही हिंदू बचे हैं। यहां की राजधानी है शिलॉन्ग में क्रिसमय मनाना बहुत ही शानदार अनुभव रह सकता है। प्राकृतिक सुंदरता और ईसाइयत का मेल देखना हो तो शिलॉन्ग जाएँ। यहाँ का 'कैथिडरल कैथोलिक चर्च' अपनी खूबसूरती के लिए पूरी दुनिया में जाना जाता है। पहाड़ों की ठंडी वादियों में गुनगुनाते गानों के बीच यहाँ क्रिसमस मनाना किसी फिल्म के दृश्य जैसा लगता है।
 
5. कन्याकुमारी और कोच्चि: परंपरा का उत्सव
तमिलनाडु एक हिंदू बहुल राज्य है लेकिन यहां पर ईसाई धर्म तेजी से फैल रहा है। तमिलनाडु के कन्याकुमारी में ईसाई संस्कृति का इतिहास बहुत पुराना है। यहां सेंट थॉमस द्वारा स्थापित चर्चों की सजावट देखने लायक होती है। वहीं, कोच्चि में होने वाला क्रिसमस कार्निवाल अपनी झांकियों और नाच-गानों के लिए प्रसिद्ध है, जो पर्यटकों को मंत्रमुग्ध कर देता है।
 
6. पुडुचेरी: छोटा सा फ्रांस
पुडुचेरी में 87 प्रतिशत से अधिक हिंदू रहते हैं लेकिन पुडुचेरी की गलियों में कदम रखते ही आपको लगेगा जैसे आप किसी फ्रांसीसी शहर में आ गए हैं। सेक्रेट हार्ट ऑफ जीसस और एग्लाइस डे नार्टे डेमे जैसे चर्चों में होने वाली विशेष प्रार्थनाएं और समुद्री तटों पर होने वाले आयोजन इसे बेहद रोमांटिक और सुखद बना देते हैं।
 
7. कोलकाता: पार्क स्ट्रीट का जलवा
पश्‍चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में करीब 77 प्रतिशत हिंदू और 20 प्रतिशत मुस्लिम रहते हैं। हालांकि यहां पर अंग्रेज काल में और मदर टेरेसा के काल में ईसाई करण के कलचे कई चर्चों और अस्पतालों का निर्माण हुआ। कोलकाता का पार्क स्ट्रीट क्रिसमस के दौरान रोशनी की चादर ओढ़ लेता है। यहाँ का कार्निवाल, बेकरी की खुशबू और चर्चों की सजावट पूरे बंगाल को एक नए उत्सव के रंग में रंग देती है।
 
8. शिमला: सफेद क्रिसमस का सपना
हिमाचल की खास जगह शिमला में 97 प्रतिशत से अधिक हिंदू रहते हैं लेकिन यहां पर अंग्रेजों के काल में कई ऐतिहासिक इमारतों और चर्च का निर्माण हुआ है जिसके चलते लोग यहां भी क्रिसमय मनाने आते हैं। यदि आप बर्फ के बीच क्रिसमस मनाने के शौकीन हैं, तो शिमला सबसे बेहतरीन विकल्प है। ब्रिटिश काल की ऐतिहासिक इमारतों पर जब बर्फ की चादर गिरती है और रिज मैदान पर क्रिसमस ट्री सजता है, तो नज़ारा स्वर्ग जैसा हो जाता है।
 
9. बेंगलुरु: मॉडर्न और ट्रेडिशनल का मेल
कर्नाटक का प्रमुख शहर बेंगुलुरु में 80 प्रतिशत से ज्यादा हिंदू रहते हैं, लेकिन अंग्रेज काल से ही बेंगलुरु के ब्रिगेड रोड और होसुर के चर्चों में क्रिसमस की रौनक देखते ही बनती है। सेंट पैट्रिक चर्च में होने वाले आयोजन और शहर के बाज़ारों की सजावट युवाओं और परिवारों को समान रूप से आकर्षित करती है।
 
10. मिजोरम: जहाँ हर घर है एक उत्सव
मिजोरम की लगभग 87% आबादी ईसाई बन चुकी है, इसलिए यहाँ का कोना-कोना इस त्योहार में डूबा रहता है। यहाँ दुनिया का सबसे बड़ा चर्च निर्माणाधीन है। यहाँ का सामुदायिक भोज और सामूहिक प्रार्थनाएं एकता की एक खूबसूरत मिसाल पेश करती हैं।

Photo:  AI/WD
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