dipawali
✕

शरद पूर्णिमा विशेष: लकड़ी की चौकी पर बनाएं स्वास्तिक, चांद से अमृत के साथ बरसेगा धन

Updated: बुधवार, 24 अक्टूबर 2018 (13:43 IST)
हिंदू धर्म ग्रंथों में भी इस पूर्णिमा को विशेष बताया गया है।
 
शरद पूर्णिमा के शुभ अवसर पर सुबह उठकर व्रत करके अपने इष्ट देव का पूजन करना चाहिए। इंद्र और महालक्ष्मी जी का पूजन करके घी के दीपक जलाकर, गंध पुष्प आदि से पूजन करना चाहिए।
 
ब्राह्मणों को खीर का भोजन कराना चाहिए और उन्हें दान दक्षिणा प्रदान करनी चाहिए। लक्ष्मी प्राप्ति के लिए इस व्रत को विशेष रूप से किया जाता है। कहा जाता है कि इस दिन जागरण करने वाले की धन-संपत्ति में वृद्धि होती है।
 
 
- इस व्रत को मुख्य रूप से स्त्रियों द्वारा किया जाता है।
 
- इस दिन चंद्रमा उदय की दिशा में लकड़ी की चौकी पर (सातिया) स्वास्तिक बनाकर उस पर पानी का लोटा भरकर रखें।
 
- एक गिलास में गेहूं भरकर उसके ऊपर रुपया रखें और गेहूं के 13 दाने हाथ में लेकर कहानी सुनें।
 
- गिलास और रुपया कथा कहने वाली स्त्रियों को पैर छूकर भेंट करें। 

- चांद से अमृत के साथ बरसेगा इतना धन कि 7 पीढ़ियों तक नहीं होगी कोई कमी... 

ALSO READ: आज कैसे मनाएं शरद पूर्णिमा, पढ़ें 7 काम की बातें

ALSO READ: शरद पूनम पर श्री गणेश का यह मंत्र पढ़ेंगे तो कभी नहीं होगी धन की कमी

Show comments

सभी देखें

रवि पुष्य नक्षत्र: 5 आसान उपाय जो रातों-रात बदल सकते हैं किस्मत, जानिए क्या खरीदें और क्या नहीं

31 October Birthday: आपको 31 अक्‍टूबर, 2026 के लिए जन्मदिन की बधाई!

Aaj Ka Rashifal: आज 31 अक्‍टूबर, 2026 का दैनिक राशिफल: मेष से मीन तक 12 राशियों का भविष्यफल

दीपावली पर क्‍यों खास हैं महाराष्ट्र के मशहूर अनारसे? जानिए इस मिठाई की दिलचस्प कहानी

दीपावली पर कैसे हुई शकरपारे बनाने की शुरुआत? जानिए इस पारंपरिक मिठाई की खासियत

सभी देखें

दीपावली पर गुझिया के बिना क्यों अधूरी है मिठाई की थाली? जानिए इसके पीछे की खास परंपरा

दिवाली के पहले खरीदारी का पुष्‍य नक्षत्र कब से कब तक रहेगा, करें 4 उपाय- माता लक्ष्मी की मिलेगी कृपा

Aaj ka panchang: आज का शुभ मुहूर्त: 31 अक्‍टूबर 2026: शनिवार का पंचांग और शुभ समय

दिवाली कब है 2026 में, 08 या 09 नवंबर को?

दीपावली पर मिठाइयों के बीच चिवड़ा क्यों है जरूरी? जानिए इसके पीछे की खास वजह

अगला लेख