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शाकंभरी नवरात्रि प्रारंभ, जानें उत्सव की खासियत और पूजा का मुहूर्त

Written By WD Feature Desk
Updated: गुरुवार, 18 जनवरी 2024 (10:32 IST)
Shakmbhari Navratri 
 
HIGHLIGHTS
 
* 18 जनवरी 2024 से शाकंभरी नवरात्रि का प्रारंभ होगा।
* देवी दुर्गा के अवतारों में एक मां शाकंभरी देवी मानी गई हैं। 
* यह पर्व पौष शुक्ल अष्टमी से शुरू होता है।

Shakumbhari Devi Navaratri Parv : 18 January Navaratri Parv : वर्ष 2024 में बृहस्पतिवार, 18 जनवरी से शाकंभरी नवरात्रि का प्रारंभ हो गया है और 25 जनवरी, गुरुवार को शाकंभरी जयंती मनाई जाएगी। धार्मिक शास्त्रों के अनुसार पौष के महीने में शाकंभरी नवरात्रि पर्व मनाया जाता है। मान्यता के अनुसार माता शाकंभरी को देवी भगवती का ही अवतार माना जाता है।
 
पर्व की खासियत : दुर्गा सप्तशती के मूर्ति रहस्य में मां शाकंभरी का वर्ण नीला बताया गया है, उनके नेत्र नील कमल के सदृश कहे गए हैं तथा इन्हें पद्मासना अर्थात् कमल पुष्प पर विराजित हैं, जहां उनकी एक मुट्‌ठी में कमल पुष्प और दूसरी मुट्‌ठी बाणों से भरी रहती है।

पौराणिक ग्रंथों के अनुसार आदिशक्ति दुर्गा के अवतारों में से एक देवी शाकंभरी मानी गई हैं। दुर्गा के सभी अवतारों में से शाकंभरी, रक्तदंतिका, भीमा, भ्रामरी आदि प्रसिद्ध हैं। यह पर्व पौष शुक्ल अष्टमी से शुरू होकर 25 जनवरी 2024 को पौष शुक्ल पूर्णिमा के दिन शाकंभरी नवरात्रि का समापन होगा। और इसी दिन मां शाकंभरी जयंती मनाई जाएगी। यह पर्व 8 दिनों का ही होता है। 
 
आइए यहां जानते हैं शाकंभरी नवरात्रि पूजन के शुभ मुहूर्त, योग और समय के बारे में- 
 
शाकंभरी नवरात्रि : गुरुवार, 18 जनवरी 2024 के शुभ मुहूर्त : Shakambhari Navratri 2024 date n time
 
अष्टमी तिथि का प्रारंभ- 17 जनवरी 2024 को 01.36 पी एम से, 
अष्टमी तिथि समाप्त- 18 जनवरी 2024 को 12.14 पी एम तक। 
शाकंभरी नवरात्रि का समापन- 25 जनवरी 2024 को। 
 
18 जनवरी 2024 दिन का चौघड़िया
 
शुभ- 05.21 ए एम से 06.56 ए एम
चर- 10.05 ए एम से 11.39 ए एम
लाभ- 11.39 ए एम से 01.14 पी एम
अमृत- 01.14 पी एम से 02.48 पी एम
शुभ- 04.23 पी एम से 05.57 पी एम
 
रात का चौघड़िया
 
अमृत- 05.57 पी एम से 07.23 पी एम
चर- 07.23 पी एम से 08.48 पी एम
लाभ- 11.39 पी एम से 19 जनवरी को 01.05 ए एम, 
शुभ- 02.31 ए एम से 19 जनवरी को 03.56 ए एम, 
अमृत- 03.56 ए एम से 19 जनवरी को 05.22 ए एम तक। 
 
शुभ समय :
ब्रह्म मुहूर्त- 03.50 ए एम से 04.36 ए एम
प्रातः सन्ध्या- 04.13 ए एम से 05.21 ए एम
अभिजित मुहूर्त- 11.14 ए एम से 12.04 पी एम
विजय मुहूर्त- 01.45 पी एम से 02.36 पी एम
गोधूलि मुहूर्त- 05.56 पी एम से 06.19 पी एम
सायाह्न सन्ध्या- 05.57 पी एम से 07.06 पी एम
अमृत काल- 11.27 ए एम से 01.00 पी एम
 
योग-संयोग :
 
निशिता मुहूर्त- 11.17 पी एम से 19 जनवरी 12.02 ए एम
सर्वार्थ सिद्धि योग- 05.21 ए एम से 06.28 पी एम 
रवि योग- 06.28 पी एम से 19 जनवरी 05.22 ए एम तक।
 
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