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तिल चौथ व्रत का महत्व और शुभ मुहूर्त

Written By WD Feature Desk
Updated: सोमवार, 29 जनवरी 2024 (09:02 IST)
Magh Chaturthi 2024 
 
HIGHLIGHTS
* इस बार सोमवार को माघ महीने में संकष्टी चतुर्थी व्रत रखा जाएगा। 
* यह व्रत संतान प्राप्ति देने वाला और संतान केा जीवन की चिंता दूर करने वाला माना गया है। 
* तिल संकटा चौथ व्रत में भगवान श्री गणेश का पूजन होता है। 

Tilkut Chauth Vrat 2024: वर्ष 2024 में 29 जनवरी 2024, सोमवार के दिन तिल चौथ व्रत रखा जा रहा है। यह व्रत माघ मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि पर किया जाता है। धार्मिक मान्यतानुसार इस व्रत से जीवन के सारे संकट दूर हो जाते है व मनोकामनाएं भी पूर्ण होती है।

महत्व- चतुर्थी तिथि भगवान श्री गणेश के पूजन के लिए प्रसिद्ध है तथा माताएं पुत्र की रक्षा के लिए संकष्टी चतुर्थी का व्रत रखती हैं। हिन्दू धर्म की मान्यतानुसार महिलाएं पुत्रों की लंबी आयु तथा उनके खुशहाल जीवन के लिए यह व्रत रखती हैं। इस दिन तिलकूट का प्रसाद बनाकर भगवान श्री गणेश को भोग लगाया जाता है ताकि वे प्रसन्न होकर आपकी हर कामना को पूर्ण करें।

पौराणिक शास्त्रों के अनुसार माघ मास की कृष्ण पक्ष की चतुर्थी को संकष्टी गणेश चतुर्थी कहते हैं। इसी दिन तिल चतुर्थी व्रत भी किया जाता है। तथा इस दिन व्रतधारी को चंद्रदर्शन और गणेश पूजन के पश्चात ही व्रत खोलना चाहिए। 
 
माघी तिल चौथ/ चतुर्थी पर श्री गणेश मंदिरों में भक्तों की लंबी भीड़ देखी जा सकती है। यह व्रत करने से जीवन में सुख-समृद्धि, पुत्र-पौत्रादि, धन-ऐश्वर्य की कमी नहीं रहती। यह व्रत करने से घर-परिवार में आ रही विपदा दूर होती है, कई दिनों से रुके मांगलिक कार्य संपन्न होते है तथा भगवान श्री गणेश असीम सुखों की प्राप्ति कराते हैं। 

इसी दिन से दिन तिल भर बड़े होने लगते हैं, ऐसी भी मान्यता है। माना जाता है कि जो व्यक्ति नियमित रूप से चतुर्थी का व्रत नहीं कर सकते, वो यदि माघी चतुर्थी का व्रत कर लें, तो भी वर्ष भर की चतुर्थी व्रत का फल प्राप्त हो जाता है। इस दिन गणेश कथा सुनने अथवा पढ़ने का विशेष महत्व माना गया है। व्रत करने वालों को इस व्रत की कथा अवश्य पढ़नी चाहिए। तभी व्रत का संपूर्ण फल मिलता है।
 
सोमवार, 29 जनवरी 2024 सकट चौथ के शुभ मुहूर्त :  Monday Sankashti Chaturthi Muhurat 2024 
 
सकट चौथ के दिन चंद्रोदय का समय- 08.44 पी एम
माघ कृष्ण चतुर्थी तिथि का प्रारंभ- 28 जनवरी 2024 को 09.40 पी एम से,
चतुर्थी तिथि का समापन- 30 जनवरी 2024 को 12.24 ए एम पर। 
 
29 जनवरी 2024, सोमवार का चौघड़िया
 
अमृत - 05.26 ए एम से 07.00 ए एम
शुभ - 08.34 ए एम से 10.08 ए एम
चर - 01.16 पी एम से 02.50 पी एम
लाभ - 02.50 पी एम से 04.24 पी एमवार वेला
अमृत - 04.24 पी एम से 05.58 पी एम
 
रात्रि का चौघड़िया
 
चर - 05.58 पी एम से 07.24 पी एम
लाभ - 10.16 पी एम से 11.42 पी एम
शुभ - 01.08 ए एम से 30 जनवरी को 02.34 ए एम तक। 
अमृत - 02.34 ए एम से 30 जनवरी को 04.00 ए एम तक।
चर - 04.00 ए एम से 30 जनवरी को 05.26 ए एम तक। 

अन्य मुहूर्त समय - Pujan Time
 
* ब्रह्म मुहूर्त- 03.54 ए एम से 04.40 ए एम
* प्रातः सन्ध्या- 04.17 ए एम से 05.26 ए एम
* अभिजित मुहूर्त- 11.17 ए एम से 12.07 पी एम
* विजय मुहूर्त- 01.47 पी एम से 02.37 पी एम
* गोधूलि मुहूर्त- 05.57 पी एम से 06.20 पी एम
* सायाह्न सन्ध्या- 05.58 पी एम से 07.07 पी एम
* निशिता मुहूर्त- 11.19 पी एम से 30 जनवरी 12.05 ए एम तक।
 
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