biodatamaker

क्या है पुष्य नक्षत्र और सोना खरीदारी के लिए क्यों माना जाता है शुभ

Updated: मंगलवार, 30 अक्टूबर 2018 (15:21 IST)
ज्योतिष शास्त्र में 27 नक्षत्रों में आठवां नक्षत्र पुष्य होता है, जिसे नक्षत्रों का राजा माना गया है। इस नक्षत्र के स्वामी शनि हैं जो चिरसथायित्व प्रदान करते हैं और इस नक्षत्र के देवता बृहस्पति हैं जिसका कारक सोना है। यही कारण है कि इस दिन खरीदा गया सोना शुभ और स्थायी माना जाता है। 
 
पुष्य नक्षत्र को सभी नक्षत्रों में से सर्वाधिक शुभ नक्षत्र की संज्ञा दी गई है। इसमें किया गया कोई भी कार्य पुण्यदायी और तुरंत फल देने वाला होता है। पुष्य नक्षत्र का संयोग जिस वार के साथ होता है वह महायोगों  का निर्माण करता है जैसे - गुरुवार को आने पर गुरु पुष्य, रविवार को - रवि पुष्य, शनिवार के दिन शनि पुष्य, और बुधवार के दिन आने पर बुध पुष्य जैसे महायोगों का निर्माण होता है। इन विशेष योगों में खरीदी करने का विशेष महत्व माना गया है। 
 
दीपावली से पहले इस बार पुष्य नक्षत्र 31 अक्टूबर, बुधवार को आ रहा है। जो रात्रि में 3 बजकर 50 मिनट से प्रारंभ होकर 31 अक्टूबर को रात्रि 2 बजकर 34 मिनट तक रहेगा। इस प्रकार पुष्य नक्षत्र का संपूर्ण योग बुधवार 31 अक्टूबर के दिन रहेगा। इस दिन सोना, चांदी, बर्तन, कपड़े, जेवर, भूमि, भवन, वाहन, इलेक्ट्रॉनिक वस्तुएं आदि खरीदना शुभ होगा। 

Show comments

सभी देखें

मंगल का मृगशिरा नक्षत्र में गोचर, 3 राशियों को रहना होगा 12 अगस्त तक सावधान

Rationalism: सत्य की वैज्ञानिक खोज: देकार्त का बुद्धिवाद और आधुनिक दर्शन का जन्म

मिथुन में मार्गी बुध का प्रभाव: भारत समेत दुनिया में होंगे ये बड़े बदलाव

Rakhi 2026: कब है रक्षा बंधन का त्योहार, राखी बांधने का शुभ मुहूर्त?

चातुर्मास में सुख-समृद्धि लाने के लिए इन 4 महीनों में राशि के अनुसार ये खास उपाय

सभी देखें

Aaj ka panchang: आज का शुभ मुहूर्त: 02 सितंबर 2026: बुधवार का पंचांग और शुभ समय

10 सितंबर से यूरेनस की उल्टी चाल: 4 राशियों के लिए 8 फरवरी 2027 तक खुलेंगे तरक्की और धन के रास्ते

श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की 12 अनूठी परंपराएं जो इस पर्व को बनाती हैं खास

बांके बिहारी मंदिर में जन्माष्टमी पर मंगला आरती का रहस्य एवं धार्मिक महत्व

मंगल-शनि का केंद्र योग बढ़ाएगा तनाव! 4 राशियों की किस्मत का पलट जाएगा पासा

अगला लेख