Daily Horoscope
✕

गंगा दशहरा 2020 : पुराणों के अनुसार जानें Ganga स्नान विधि, दान का महत्व एवं स्तोत्र

Updated: रविवार, 31 मई 2020 (07:56 IST)
Ganga Snan 2020
 
स्कंद पुराण में लिखा हुआ है कि, ज्येष्ठ शुक्ला दशमी संवत्सरमुखी मानी गई है, इस दिन स्नान और दान विशेष तौर पर करना चाहिए। ज्येष्ठ शुक्ल दशमी को दशहरा कहते हैं। 
 
इसमें स्नान, दान, रूपात्मक व्रत होता है। किसी भी नदी पर जाकर अर्घ्य (पू‍जादिक) एवम् तिलोदक (तीर्थ प्राप्ति निमित्तक तर्पण) अवश्य करें। ऐसा करने वाला महापातकों के बराबर के दस पापों से छूट जाता है। यदि ज्येष्ठ शुक्ला दशमी के दिन मंगलवार रहता हो व हस्त नक्षत्र युता तिथि हो यह सब पापों के हरने वाली होती है। 
 
वराह पुराण में लिखा हुआ है कि, ज्येष्ठ शुक्ला दशमी बुधवारी में हस्त नक्षत्र में श्रेष्ठ नदी स्वर्ग से अवतीर्ण हुई थी, वह दस पापों को नष्ट करती है। इस कारण उस तिथि को दशहरा कहते हैं। ज्येष्ठ मास, शुक्ल पक्ष, बुधवार, हस्त नक्षत्र, गर, आनंद, व्यतिपात, कन्या का चंद्र, वृषभ के सूर्य इन दस योगों में मनुष्य स्नान करके सब पापों से छूट जाता है।
 
भविष्य पुराण में लिखा हुआ है कि, जो मनुष्य इस दशहरा के दिन गंगा के पानी में खड़ा होकर दस बार इस स्तोत्र को पढ़ता है चाहे वो दरिद्र हो, चाहे असमर्थ हो वह भी प्रयत्नपूर्वक गंगा की पूजा कर उस फल को पाता है। यह दशहरा के दिन स्नान करने की विधि पूरी हुई। 
 
स्कंद पुराण का कहा हुआ दशहरा नाम का गंगा स्तोत्र और उसके पढ़ने की विधि- 
 
सब अवयवों से सुंदर तीन नेत्रों वाली चतुर्भुजी जिसके कि, चारों भुज, रत्नकुंभ, श्वेतकमल, वरद और अभय से सुशोभित हैं, सफेद वस्त्र पहने हुई है। मुक्ता मणियों से विभूषित है, सौम्य है, अयुत चंद्रमाओं की प्रभा के सम सुख वाली है जिस पर चामर डुलाए जा रहे हैं, वाल श्वेत छत्र से भलीभांति शोभित है, अच्छी तरह प्रसन्न है, वर के देने वाली है, निरंतर करुणार्द्रचित्त है, भूपृष्ठ को अमृत से प्लावित कर रही है, दिव्य गंध लगाए हुए है, त्रिलोकी से पूजित है, सब देवों से अधिष्ठित है, दिव्य रत्नों से विभूषित है, दिव्य ही माल्य और अनुलेपन है, ऐसी गंगा के पानी में ध्यान करके भक्तिपूर्व मंत्र से अर्चना करें। 
 
'ॐ नमो भगवति हिलि हिलि मिलि मिलि गंगे मां पावय पावय स्वाहा' यह गंगा जी का मंत्र है।
 
इसका अर्थ है कि, हे भगवति गंगे! मुझे बार-बार मिल, पवित्र कर, पवित्र कर, इससे गंगा जी के लिए पंचोपचार और पुष्पांजलि समर्पण करें। इस प्रकार गंगा का ध्यान और पूजन करके गंगा के पानी में खड़े होकर 'ॐ अद्य' इत्यादि से संकल्प करें कि, ऐसे-ऐसे समय ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष में प्रतिपदा से लेकर दशमी तक रोज-रोज एक बढ़ाते हुए सब पापों को नष्ट करने के लिए गंगा स्तोत्र का जप करूंगा। पीछे स्तोत्र पढ़ना चाहिए। ईश्वर बोले कि, आनंदरूपिणी आनंद के देने वाली गंगा के लिए बारंबार नमस्कार है।
 
विष्णुरूपिणी के लिए और तुझ ब्रह्म मूर्ति के लिए बारंबार नमस्कार है।।1।।
 
तुझ रुद्ररूपिणी के लिए और शांकरी के लिए बारंबार नमस्कार है, भेषज मूर्ति सब देव स्वरूपिणी तेरे लिए नमस्कार है।।2।।
 
सब व्याधियों की सब श्रेष्ठ वैद्या तेरे लिए नमस्कार, स्थावर जंगमों के विषयों को हरण करने वाली आपको नमस्कार।।3।।
 
संसाररूपी विष के नाश करने वाली एवं संतप्तों को जिलाने वाली तुझ गंगा के लिए नमस्कार ; तीनों तापों को मिटाने वाली प्राणेशी तुझ गंगा को नमस्कार ।।4।।
 
मूर्ति तुझ गंगा के लिए नमस्कार, सबकी संशुद्धि करने वाली पापों को बैरी के समान नष्ट करने वाली तुझ...।।5।।
 
भुक्ति, मुक्ति, भद्र, भोग और उपभोगों को देने वाली भोगवती तुझ गंगा को।।6।।
 
तुझ मंदाकिनी के लिए देवे वाली के लिए बारंबार नमस्कार, तीनों लोकों की भूषण स्वरूपा तेरे लिए एवं तीन पंथों से जाने वाली के लिए बार-बार नमस्कार। 

ALSO READ: Ganga Dussehra 2020 : सहनशील, क्षमाशील और मधुर बनिए, यही सीख देती हैं मां गंगा

Show comments

सभी देखें

Govardhan Puja 2026: गोवर्धन पूजा का सबसे शुभ मुहूर्त कब है? जानें सही पूजन विधि, सामग्री और पौराणिक कथा

Bhai Dooj 2026: भाई दूज पर तिलक करते समय ज़रूर बोलें यह 1 पौराणिक मंत्र, यमराज देंगे लंबी उम्र का वरदान

Bhai Dooj 2026: भाई दूज पर किस समय लगाएं भाई को तिलक? नोट करें सबसे सटीक शुभ मुहूर्त, पूजन सामग्री और विधि

Bhai Dooj 2026: भाई दूज पर क्यों खिलाते हैं पान? जानें यमराज से जुड़ा यह पौराणिक रहस्य और सही तारीख

Weekly Horoscope: 9 से 15 नवंबर का साप्ताहिक राशिफल, किस राशि के लिए खुलेंगे सफलता के नए रास्ते? जानें क्या लेकर आ रहा नया सप्ताह?

सभी देखें

दिवाली की रात करें ये 10 आसान उपाय, पैसों की तंगी और हर संकट से तुरंत मिलेगी मुक्ति

Annual Numerology 2027 : मूलांक 8 वालों के लिए कैसा रहेगा नया साल? चमकेगी किस्मत या बढ़ेंगी चुनौतियां? जानें वार्षिक अंक भविष्यफल

06 November Birthday: आपको 6 नवंबर, 2026 के लिए जन्मदिन की बधाई!

Aaj Ka Rashifal: आज 06 नवंबर, 2026 का दैनिक राशिफल: मेष से मीन तक 12 राशियों का भविष्यफल

Aaj ka panchang: आज का शुभ मुहूर्त: 06 नवंबर 2026: शुक्रवार का पंचांग और शुभ समय

अगला लेख