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18 जुलाई : भड़ली नवमी है विवाह का अंतिम मुहूर्त, देव के सोने से पहले इस दिन होती है शादी

Updated: शनिवार, 17 जुलाई 2021 (17:50 IST)
प्रतिवर्ष आषाढ़ शुक्ल नवमी को भड़ली या भडल्या नवमी पर्व मनाया जाता है। नवमी तिथि होने से इस दिन गुप्त नवरात्रि का समापन भी होता है। इस वर्ष भड़ली नवमी का पर्व (Bhadli Navami 2021) 18 जुलाई 2021, रविवार को मनाया जाएगा। 
 
पौराणिक शास्त्रों के अनुसार भड़ली नवमी का दिन भी अक्षय तृतीया के समान ही महत्व रखता है, अत: इसे अबूझ मुहूर्त भी मानते हैं तथा यह दिन शादी-विवाह को लेकर खास मायने रखता है। इस दिन बिना कोई मुहूर्त देखें विवाह की विधि संपन्न की जा सकती है। ज्ञात हो कि 20 जुलाई 2021, मंगलवार को देवशयनी, हरिशयनी एकादशी होने के कारण आगामी 4 माह तक शादी-विवाह संपन्न नहीं किए जा सकेंगे।


ऐसे में 4 माह तक शुभ कार्य वर्जित रहेंगे। इस अवधि में सिर्फ धार्मिक कार्यक्रम कर सकेंगे। इन 4 माह तक सिर्फ भगवान विष्णु का पूजन-अर्चन करना अत्याधिक लाभदायी रहता है। अत: देवउठनी एकादशी के बाद ही शुभ मंगलमयी समय शुरू होने पर शुभ विवाह के लग्न कार्य, खरीदारी तथा अन्य शुभ कार्य किए जाएंगे। 
 
पंचांग के अनुसार जुलाई माह में विवाह के केवल 5 ही शुभ मुहूर्त हैं। इस माह 1, 2, 6, 12 और 16 तारीख को ही शुभ मांगलिक विवाह के कार्य हो सकेंगे। इसके अलावा खास तिथि पर यानी भड़ली नवमी जुलाई का अंतिम शुभ विवाह मुहूर्त होगा।

भारत में देवशयनी एकादशी से चातुर्मास माना जाता है जिसका अर्थ होता है कि भड़ली नवमी के बाद 4 महीनों तक विवाह या अन्य शुभ कार्य नहीं किए जा सकते, क्योंकि इस दौरान देवी-देवता सो जाते हैं। इसके बाद सीधे देवउठनी एकादशी पर श्रीहरि विष्णुजी के जागने पर चातुर्मास समाप्त होता है तथा सभी तरह के शुभ कार्य शुरू किए जाते हैं। इस वर्ष देवशयनी एकादशी 20 जुलाई के दिन है। इस दिन से भगवान विष्णु चार माह के लिए योग निद्रा में चले जाएंगे और चातुर्मास का प्रारंभ हो जाएगा, इस वजह से विवाह आदि मांगलिक कार्य नहीं होते हैं। 
 
भड़ली नवमी पर शुभ मुहूर्त योग-
 
हिंदू पंचांग के अनुसार, आषाढ़ शुक्ल नवमी तिथि का आरंभ 18 जुलाई को तड़के 02.41 मिनट से हो रहा है और इसका समापन देर रात 12.28 मिनट पर होगा। 18 जुलाई, रविवार को भड़ली नवमी को पूरे दिन रवि योग का खास संयोग बन रहा है, वहीं देर रात 01.57 मिनट तक साध्य योग भी रहेगा। शास्त्रों में साध्य योग को अधिकांश शुभ कार्यों के लिए अधिक श्रेष्ठ माना जाता है, इसलिए यह बहुत ही शुभ मुहूर्त माना जाता है। 
 
 
भड़ली नवमी को भारत के दूसरे कई हिस्सों में इसे दूसरों रूपों में मनाया जाता है। उत्तर भारत में आषाढ़ शुक्ल नवमी तिथि का बहुत महत्व है। वहां इस तिथि को विवाह बंधन के लिए अबूझ मुहूर्त का दिन माना जाता है। इस संबंध में यह मान्यता है कि जिन लोगों के विवाह के लिए कोई मुहूर्त नहीं निकलता, उनका विवाह इस दिन किया जाए, तो उनका वैवाहिक जीवन हर तरह से संपन्न रहता है, उनके जीवन में किसी प्रकार का व्यवधान नहीं आता है।

 
पिछले दिनों यदि आपको विवाह का कोई मुहूर्त नहीं मिल रहा है, तो भड़ली नवमी का दिन शादी के लिए अतिउत्तम माना गया है। भड़ली नवमी पर पूरे दिन शुभ मुहूर्त होता है, ऐसे समय में आप किसी भी समय में विवाह बंधन में बंध सकते हैं। यह दिन इतना शुभ है कि इस दिन आप बिना मुहूर्त देखें नूतन गृह प्रवेश, नया वाहन और नए व्यापार का शुभारंभ कर सकते हैं। 
 
ज्ञात हो कि जुलाई 2021 में शुभ मांगलिक विवाह के लिए यह अंतिम मुहूर्त है, क्योंकि इसके बाद से श्रीहरि विष्णु चार माह के लिए योग निद्रा में रहेंगे और शुभ विवाह, मुंडन, नवीन गृह प्रवेश जैसे आदि सभी मांगलिक कार्य बंद हो जाएंगे। 

- RK.


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