dharma sangrah

बछ बारस : गाय-बछड़ों का पर्व, जानें कैसे करें व्रत-पूजन...

Updated: गुरुवार, 17 अगस्त 2017 (15:24 IST)
* बछ बारस/गोवत्स द्वादशी : कैसे करें पूजन..  
 
प्रतिवर्ष आनेवाली भाद्रपद कृष्ण द्वादशी को बछ बारस या गोवत्स द्वादशी कहते हैं। इस दिन पुत्रवती महिलाएं गाय व बछड़ों का पूजन करती हैं। इस दिन भोजन में ज्वार की रोटी तथा चने की दाल के बेसन का उपयोग किया जाता है। इस दिन कदापि गेहूं का उपयोग नहीं करते हैं। स्‍थानीय तौर पर मक्का या बाजरे का उपयोग किया जा सकता है।  
 
आइए जानें कैसे करें व्रत-पूजन - 
 
* सर्वप्रथम व्रतधारी महिलाएं सुबह स्नान आदि से निवृत्त होकर धुले हुए साफ-सुथरे वस्त्र धारण करें। 
 
* तत्पश्चात गाय (दूध देने वाली) को उसके बछडे़सहित स्नान कराएं। 
 
* अब दोनों को नया वस्त्र ओढा़एं। 
 
* दोनों को फूलों की माला पहनाएं। 
 
* गाय-बछड़े के माथे पर चंदन का तिलक लगाएं और उनके सींगों को सजाएं। 
 
* अब तांबे के पात्र में अक्षत, तिल, जल, सुगंध तथा फूलों को मिला लें। अब इस मंत्र का उच्चारण करते हुए गौ प्रक्षालन करें।
 
मंत्र- क्षीरोदार्णवसम्भूते सुरासुरनमस्कृते।
सर्वदेवमये मातर्गृहाणार्घ्य नमो नम:॥ 
 
* गौमाता के पैरों में लगी मिट्टी से अपने माथे पर तिलक लगाएं।  
 
* गौमाता का पूजन करने के बाद बछ बारस की कथा सुनें। 
 
* दिनभर व्रत रखकर रात्रि में अपने इष्ट तथा गौमाता की आरती करके भोजन ग्रहण करें। 
 
* मोठ, बाजरा पर रुपया रखकर अपनी सास को दें। 
 
* इस दिन बाजरे की ठंडी रोटी खाएं। 
 
* इस दिन गाय के दूध, दही व चावल का सेवन न करें।  
 
* यदि किसी के घर गाय-बछड़े न हो, तो वह दूसरे की गाय-बछड़े का पूजन करें। 
 
* यदि घर के आसपास गाय-बछडा़ न मिले, तो गीली मिट्टी से गाय-बछडे़ की मूर्तियां बनाकर उनकी पूजा करें। उन पर दही, भीगा बाजरा, आटा, घी आदि चढ़ाकर कुंकू से तिलक करें, तत्पश्चात दूध और चावल चढ़ाएं।
Show comments

सभी देखें

मंगल का मृगशिरा नक्षत्र में गोचर, 3 राशियों को रहना होगा 12 अगस्त तक सावधान

Rationalism: सत्य की वैज्ञानिक खोज: देकार्त का बुद्धिवाद और आधुनिक दर्शन का जन्म

मिथुन में मार्गी बुध का प्रभाव: भारत समेत दुनिया में होंगे ये बड़े बदलाव

Rakhi 2026: कब है रक्षा बंधन का त्योहार, राखी बांधने का शुभ मुहूर्त?

चातुर्मास में सुख-समृद्धि लाने के लिए इन 4 महीनों में राशि के अनुसार ये खास उपाय

सभी देखें

Aaj ka panchang: आज का शुभ मुहूर्त: 01 सितंबर 2026: मंगलवार का पंचांग और शुभ समय

हनुमान अंश नीम करोली बाबा, जानिए 6 ऐसी बातें जिसे जानकर आश्चर्य करेंगे

बृहस्पति का नक्षत्र परिवर्तन: 2 सितंबर से इन 5 राशियों पर बरसेगी गुरु कृपा, अचानक धन लाभ के बन रहे योग

जनक दीदी का 41वां रक्षा-बंधन: 50 पौधे लगाकर मनाया गया

श्री कृष्‍ण जन्माष्टमी के दिन आद्य कालिका माता की जयंती, जानें पूजा का शुभ समय और महत्व

अगला लेख