Webdunia - Bharat's app for daily news and videos

Install App

कैसे करें अक्षय तृतीया व्रत, जानिए 10 विशेष बातें...

अक्षय फल देता हैं अक्षय तृतीया का पूजन 
 
अक्षय तृतीया/आखातीज अबूझ मुहूर्त माना गया है। यह पर्व वैशाख शुक्ल तृतीया के दिन मनाया जाता है। इस दिन किया हुआ जप, तप, ज्ञान तथा दान अक्षय फल देने वाला होता है अतः इसे 'अक्षय तृतीया' कहते हैं।

इसी दिन से सतयुग का आरंभ होता है इसलिए इसे युगादि तृतीया भी कहते हैं। यदि यह व्रत सोमवार तथा रोहिणी नक्षत्र में आए तो महाफलदायक माना जाता है।
 
यदि तृतीया मध्याह्न से पहले शुरू होकर प्रदोष काल तक रहे तो श्रेष्ठ मानी जाती है। इस दिन जो भी शुभ कार्य किए जाते हैं, उनका बड़ा ही श्रेष्ठ फल मिलता है। यह व्रत दानप्रधान है। इस दिन अधिकाधिक दान देने का बड़ा माहात्म्य है। 
 
वराह नाम से विष्णु के तीन अवतार थे, जानिए रहस्य
 
ऐसे करें अक्षय तृतीया व्रत-  
 
* व्रत के दिन ब्रह्म मुहूर्त में सोकर उठें।
 
* घर की सफाई व नित्य कर्म से निवृत्त होकर पवित्र या शुद्ध जल से स्नान करें।
 
* घर में ही किसी पवित्र स्थान पर भगवान विष्णु की मूर्ति या चित्र स्थापित करें।
 
निम्न मंत्र से संकल्प करें - 
 
ममाखिलपापक्षयपूर्वक सकल शुभ फल प्राप्तये
भगवत्प्रीतिकामनया देवत्रयपूजनमहं करिष्ये।
 
* संकल्प करके भगवान विष्णु को पंचामृत से स्नान कराएं।
 
* षोडशोपचार विधि से भगवान विष्णु का पूजन करें।
 
* भगवान विष्णु को सुगंधित पुष्पमाला पहनाएं। 
 
* नैवेद्य में जौ या गेहूं का सत्तू, ककड़ी और चने की दाल अर्पण करें।
 
* अगर हो सके तो विष्णु सहस्रनाम का जप करें।
 
* अंत में तुलसी जल चढ़ाकर भक्तिपूर्वक आरती करें।
 

Show comments

सभी देखें

शुक्र का सिंह राशि में गोचर, इन 5 राशियों की चमकेगी किस्मत, जरूर करें ये 3 उपाय

अमरनाथ यात्रा 2026: निकलने से पहले जरूर कर लें ये 5 जरूरी तैयारियां, तभी रहेगा सफर सुरक्षित

Vakri Budh Effect: बुध की कर्क राशि में वक्री चाल, इन 3 राशियों को रहना होगा बेहद सतर्क

क्या धरती से टकराएगा विशालकाय उल्कापिंड? जानें कब सच हो सकती है यह भविष्यवाणी

राहु-गुरु का षडाष्टक योग बना, जानें 12 राशियों पर कैसा पड़ेगा असर

सभी देखें

03 July Birthday: आपको 3 जुलाई, 2026 के लिए जन्मदिन की बधाई!

Aaj ka panchang: आज का शुभ मुहूर्त: 3 जुलाई 2026: शुक्रवार का पंचांग और शुभ समय

विघ्नहर्ता दूर करेंगे हर संकट: जानें आषाढ़ कृष्णपिंगल संकष्टी चतुर्थी का महत्व, पूजा मुहूर्त, विधि और मंत्र

कब है शीतला सप्तमी और शीतला अष्टमी का पर्व?

Daily Vastu Tips: घर में हर दिन खुश रहना है तो आज ही अपनाएं ये सरल वास्तु टिप्स

अगला लेख