डैनी बॉयल : श्रेष्ठ निर्देशक

डेनी बॉयल
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एक ऐसे निर्देशक हैं जिन्होंने फिल्म 'द स्लमडॉग मिलियनेयर' के जरिये 4 कैटेगरी में और अपनी झोली में डाल लिए। गोल्डन ग्लोब अवॉर्ड समारोह में जब एक के बाद एक करके उनकी इस फिल्म को अवॉर्ड्स ‍दिए जा रहे थे, तब न सिर्फ विदेशी, बल्कि पूरी भारतीय फिल्म इंडस्ट्री जश्न मना रही थी।

विशुद्ध रूप से में बनी 'द स्लमडॉग मिलियनेयर' में बॉयल ने अपने अनुभवों को आधार बनाकर फिल्म के स्क्रीन प्ले से लेकर सिनेमेटोग्राफी व म्यूजिक और स्टोरी लाइन से लेकर डायरेक्शन तक पूरा ध्यान दिया। आखिरकार बॉयल की मेहनत रंग लाई। अन्य अवॉर्डों के साथ इस फिल्म को 10 एकेडमी अवॉर्ड से लिए भी नामित किया गया और अब यह फिल्म ऑस्कार की रेस में भी जीत चुकी है।

आज हर कोई इस महान निर्देशक के बारे मैं जानना चाहता है, जो अचानक ही पूरी दुनिया में सुखियाँ बनकर छा गया।

Bafta aword
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स्लमडॉग के निर्देशक का जन्म 20 अक्टूबर 1956 को इंग्लैंड के मैनचेस्टर शहर में हुआ था। आयरिश कैथोलिक परिवार में जन्मे बॉयल ने किशोरावस्था में पादरी बनने के बारे में गंभीरतापूर्वक विचार किया और इसके लिए उन्होंने एक धार्मिक स्कूल में दाखिला भी लिया लेकिन याजकगण के साथ जुड़ने पर एक पादरी ने उन्हें वहाँ से निकाल दिया।

इस बारे में बॉयल ने एक साक्षात्कार में हँसते हुए कहा था कि 'मैं खुद नहीं जान पाया कि उन्होंने मुझे क्यों निकाल दिया? शायद वे मुझे बचाना चाहते थे या फिर उन पुरोहितों को मुझसे बचाना चाहते थे।

बाद में बॉयल ने अपनी डिग्री बॉल्टन स्थित थोर्नलीग सेल्सियन कॉलेज से प्राप्त की। इस दौरान उनका नाम अभिनेत्री फ्रांसिस बारबरा के साथ चर्चा में रहा।

थियेटर:
बॉयल ने जॉइंट स्टॉक थियेटर कंपनी और रोयल कोर्ट थियेटर कंपनी के साथ मिलकर रंगमंच से अपने करियर की शुरुआत की जहाँ पर 1982 से लेकर 1985 तक वे कला निर्देशक और 1985-1987 तक सहायक निर्देशक के तौर पर कार्यरत रहे। इस दौरान उन्होंने अपने प्रोडक्शन में हावर्ड बार्करर्स विक्टरी, हार्वड ब्रेन्टोन्स, द जिनियस और एडवर्ड बोन्ड्स सेव्ड जैसे नाटकों का निर्देशन किया। बॉयल ने रॉयल शेक्सपीयर कंपनी के लिए भी पाँच नाटकों का निर्देशन किया है।

टेलीविजन:
1980 से बॉयल ने टेलीविजन की ओर अपना रुख किया जहाँ पर उन्होंने 'इवन गॉड इज वाइस इनफ', 'फोर द ग्रेटर गॉड, 'स्काउट एंड इन्स्पेक्टर मोर्स (दो एपिसोड), मैजोनिक मिस्ट्रीज और', 'चेरुबिम एंड सेराफिम जैसे धारावाहिकों का निर्माण किया। बॉयल ने बीबीसी के लिए भी कुछ टीवी कार्यक्रम बनाए हैं।

फिल्म्स:
बतौर निर्देशक बॉयल 'शेलो ग्रेव' फिल्म से बड़े परदे के साथ जुड़े। इस छोटे बजट की फिल्म ने अच्छी सफलता प्राप्त की। बाद में बॉयल ने इरवीन वेल्स (इरविन वेल्श) के उपन्यास से प्रेरित होकर 'ट्रेन्सपोटिंग' बनाई जिसने बॉयल को सफल निर्देशकों की सूची में शामिल कर दिया।

बॉयल ने फिर कभी भी पीछे मुड़कर नहीं देखा। 'द बीच'(2000),'28-डे लेटर (2002), मिलियन्स (2004), सनशाइन (2007) और हाल ही में आई स्लमडॉग मिलियनेयर (2008) उनकी सफल फिल्मों में से एक हैं।

अवॉर्ड:
क्रिटीक्स चोइस अवॉर्ड (जनवरी 8, 2009), 4 कैटेगरी में गोल्डन ग्लोब अवॉर्ड (फिल्म स्लमडॉग मिलियनेयर के लिए, 11 जनवरी 2009) और बाफ्टा अवॉर्ड इसी फिल्म में श्रेष्ठ निर्देशन के लिए अकादमी अवॉर्ड्स से नामांकित, (22 जनवरी, 2009)

इसी फिल्म के लिए 31 जनवरी 2009 को डायरेक्टर्स गिल्ड ऑफ अमेरिका बेस्ट निर्देशक का अवॉर्ड।

जनकसिंह झाला|
अब तक विभिन्न कैटेगरी में गोल्डन ग्लोब जीतने वाली कई फिल्मों ने ऑस्कर अवॉर्ड भी जीते हैं। और अब बॉयल की फिल्म 'स्लमडॉग मिलियनेयर' भी ऑस्कर की जीत का जश्न मना रही है।



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