ramcharitmanas
✕

मां कात्यायनी: नवरात्रि के छठे दिन कब करें देवी पूजन, जानिए विधि, मंत्र एवं प्रसाद

Updated: रविवार, 10 अक्टूबर 2021 (18:34 IST)
Goddess Katyayani
 
मां दुर्गा की छठी विभूति हैं मां कात्यायनी। शास्त्रों के मुताबिक जो भक्त दुर्गा मां की छठी विभूति कात्यायनी की आराधना करते हैं मां की कृपा उन पर सदैव बनी रहती है। कात्यायनी माता का व्रत और उनकी पूजा करने से कुंवारी कन्याओं के विवाह में आने वाली बाधा दूर होती है।
 
कब करें पूजन : मां कात्यायनी की साधना का समय गोधूली काल है। इस समय में धूप, दीप, गुग्गुल से मां की पूजा करने से सभी प्रकार की बाधाएं दूर होती हैं। जो भक्त माता को 5 तरह की मिठाइयों का भोग लगाकर कुंवारी कन्याओं में प्रसाद बांटते हैं माता उनकी आय में आने वाली बाधा को दूर करती हैं और व्यक्ति अपनी मेहनत और योग्यता के अनुसार धन अर्जित करने में सफल होता है।
 
माता कात्यायनी का चि‍त्र या यंत्र सामने रखकर रक्तपुष्प से पूजन करें। यदि चित्र में यंत्र उपलब्ध न हो तो देवी माता दुर्गाजी का चित्र रखकर निम्न मंत्र की 51 माला नित्य जपें, मनोवांछित प्राप्ति होगी। साथ ही ऐश्वर्य प्राप्ति होगी।
 
मंत्र- 'ॐ ह्रीं नम:।।'
 
चन्द्रहासोज्जवलकराशाईलवरवाहना।
कात्यायनी शुभं दद्याद्देवी दानवघातिनी।।
 
मंत्र- ॐ देवी कात्यायन्यै नमः॥
 
कैसे करें पूजन-
 
- गोधूली वेला के समय पीले अथवा लाल वस्त्र धारण करके इनकी पूजा करनी चाहिए।
 
- इनको पीले फूल और पीला नैवेद्य अर्पित करें। इन्हें शहद अर्पित करना विशेष शुभ होता है।
 
- मां को सुगंधित पुष्प अर्पित करने से शीघ्र विवाह के योग बनेंगे साथ ही प्रेम संबंधी बाधाएं भी दूर होंगी।
 
- इसके बाद मां के समक्ष उनके मंत्रों का जाप करें।
 
देवी का भोग- कात्यायनी की साधना एवं भक्ति करने वालों को मां की प्रसन्नता के लिए शहद युक्त पान अर्पित करना चाहिए। या फिर शहद का अलग से भोग भी लगा सकते हैं।

ALSO READ: Picture Story : नवरात्रि में उपवास के 10 नियम

ALSO READ: जय अम्बे गौरी मैया जय श्यामा गौरी : पढ़ें मां दुर्गा की दिव्य आरती
 

Show comments

सभी देखें

मंगल का मृगशिरा नक्षत्र में गोचर, 3 राशियों को रहना होगा 12 अगस्त तक सावधान

Rationalism: सत्य की वैज्ञानिक खोज: देकार्त का बुद्धिवाद और आधुनिक दर्शन का जन्म

मिथुन में मार्गी बुध का प्रभाव: भारत समेत दुनिया में होंगे ये बड़े बदलाव

Rakhi 2026: कब है रक्षा बंधन का त्योहार, राखी बांधने का शुभ मुहूर्त?

चातुर्मास में सुख-समृद्धि लाने के लिए इन 4 महीनों में राशि के अनुसार ये खास उपाय

सभी देखें

Aaj ka panchang: आज का शुभ मुहूर्त: 12 सितंबर 2026: शनिवार का पंचांग और शुभ समय

हरतालिका तीज व्रत की कथा

हरतालिका तीज व्रत शब्द का अर्थ, महत्व और इतिहास

Ganesh chaturthi 2026: गणेश चतुर्थी उत्सव में 10 दिनों तक करें 10 भोग अर्पित

गणेश चतुर्थी 2026: 9 साल बाद इस बार 12 दिनों का रहेगा गणेश उत्सव, जानिए क्यों है खास?

अगला लेख