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चैत्र नवरात्रि घटस्थापना 2022: कलश कैसे और कब रखें, जानिए सामग्री, पूजा विधि और शुभ मुहूर्त

Updated: मंगलवार, 29 मार्च 2022 (11:40 IST)
प्रतिवर्ष नवरात्रि (Chaitra Navratri 2022) के पहले दिन मंगल कलश या घट स्थापना की जाती है। अत: इस दिन शुभ मुहूर्त, सही समय और सही तरीके से स्थापना करके माता का पूजन करना  चाहिए। इस बार नवरात्रि नौ दिन की होगी। शनिवार, 2 अप्रैल से नवरात्रि पर्व शुरू होकर सोमवार, 11 अप्रैल 2022 को समाप्त होगी।
 
आइए जानें कैसे करें कलश स्थापना, जानिए सामग्री, पूजा विधि और पूजन के शुभ मुहूर्त...
 
नवरात्रि कलश स्थापना की सामग्री-Chaitra Navratri Samgari 
 
- जौ बोने के लिए मिटटी का पात्र
- साफ मिट्टी
- मिट्‍टी का एक छोटा घड़ा
- कलश को ढंकने के लिए मिट्टी का एक ढक्कन
- गंगा जल
- सुपारी
- 1 या 2 रुपए का सिक्का
- जौ (जवारे)
- इत्र (वैकल्पिक)
- पुष्प और फूल माला
- नारियल
- लाल कपडा / लाल चुन्नी
- दूर्वा घास
- आम की पत्तियां
- अक्षत
- मौली/ कलावा/ रक्षा सूत्र
 
कलश स्थापना पूजा विधि-Chaitra Navratri Puja Vidhi 
 
नवरात्रि में कलश स्थापना देव-देवताओं के आह्वान से पूर्व की जाती है। कलश स्थापना करने से पूर्व आपको कलश को तैयार करना होगा जिसकी संपूर्ण विधि इस प्रकार है...
 
- सबसे पहले मिट्टी के बड़े पात्र में थोड़ी सी मिट्टी डालें। और उसमे जवारे के बीज डाल दें।
 
- अब इस पात्र में दोबारा थोड़ी मिट्‍टी और डालें। और फिर बीज डालें। उसके बाद सारी मिट्टी पात्र में डाल दें और फिर बीज डालकर थोड़ा सा जल डालें (ध्यान रहे इन बीजों को पात्र में इस तरह से लगाएं कि उगने पर यह ऊपर की तरफ उगें। यानी बीजों को खड़ी अवस्था में लगाएं और ऊपर वाली लेयर में बीज अवश्य डालें।)
 
- अब कलश और उस पात्र की गर्दन पर मौली बांध दें। साथ ही तिलक भी लगाएं।
 
- इसके बाद कलश में गंगा जल भर दें।
 
- इस जल में सुपारी, इत्र, दूर्वा घास, अक्षत और सिक्का भी दाल दें।
 
- अब इस कलश के किनारों पर 5 अशोक के पत्ते रखें और कलश को ढक्कन से ढंक दें।
 
- अब एक नारियल लें और उसे लाल कपड़े या लाल चुन्नी में लपेट लें। चुन्नी के साथ इसमें कुछ पैसे भी रखें।
 
- इसके बाद इस नारियल और चुन्नी को रक्षा सूत्र से बांध दें।
 
- तीनों चीजों को तैयार करने के बाद सबसे पहले जमीन को अच्छे से साफ करके उसपर मिट्टी का जौ वाला पात्र रखें। उसके ऊपर मिट्‍टी का कलश रखें और फिर कलश के ढक्कन पर नारियल रख दें। आपकी कलश स्थापना संपूर्ण हो चुकी है। इसके बाद सभी देवी देवताओं का आह्वान करके विधिवत नवरात्रि पूजन करें। इस कलश को आपको नौ दिनों तक मंदिर में ही रखे देने होगा। बस ध्यान रखें सुबह-शाम आवश्यकतानुसार पानी डालते रहें।
 
चैत्र नवरात्रि 2022 के मुहूर्त-Chaitra Navratri 2022 Date
2 अप्रैल 2022, दिन शनिवार
चैत्र नवरात्रि पर कलश स्थापना का शुभ मुहूर्त 02 अप्रैल को सुबह 06.10 मिनट से 08.29 मिनट तक रहेगा। 
चैत्र नवरात्रि घटस्थापना मुहूर्त की कुल अवधि- 02 घंटे 18 मिनट।

Chaitra Navratri 2022
 

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