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शारदीय नवरात्रि 2022 : अष्टमी की देवी मां महागौरी के 8 रहस्य

Updated: शनिवार, 1 अक्टूबर 2022 (13:02 IST)
नवरात्रि में दुर्गा पूजा के दौरान अष्टमी पूजन का विशेष महत्व माना जाता है। इस दिन मां दुर्गा के महागौरी रूप का पूजन किया जाता है। मां दुर्गा की आठवीं विभूति हैं मां महागौरी। नवरात्रि की अष्टमी तिथि को इनकी आराधना करें। इस दिन अधिकतर घरों नवरात्रि के नौ दिनों के व्रत का पारण होता है। आओ जानते हैं माता के संबंध में 8 खास बातें।
 
- कठिन तपस्या कर गौरवर्ण को प्राप्त कर भगवती पार्वती महागौरी के नाम से विख्यात हुईं।
 
- मंत्र- ॐ देवी महागौर्यै नमः॥
 
- मां गौरी का वाहन बैल है। चार हाथों में से एक में त्रिशूल और एक में डमरू है। एक में हाथ वरमुद्रा और दूसरा हाथ अभयमुद्रा लिए हुए है। 
 
- महागौरी माता को नारियल और खीर का भोग लगाने से सभी तरह की मनोकामना पूर्ण होती है।
 
- इस दिन निर्जला व्रत रखने से बच्चे दीर्घायु होते हैं। सुहागन औरतें अपने अचल सुहाग के लिए मां गौरी को लाल चुनरी चढ़ाती हैं।
 
- कथाओं के अनुसार इसी तिथि को मां ने चंड-मुंड राक्षसों का संहार किया था। 
 
- अधिकतर घरों में अष्टमी की पूजा होती है। इस दिन हवन और कन्या भोजन का आयोजन करते हैं।
 
- देव, दानव, राक्षस, गंधर्व, नाग, यक्ष, किन्नर, मनुष्य आदि सभी अष्टमी और नवमी को ही पूजते हैं।

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