ramcharitmanas
✕

मोदी को एसआईटी की क्लीन चिट के खिलाफ जकिया जाफरी की याचिका खारिज

Updated: गुरुवार, 5 अक्टूबर 2017 (15:28 IST)
अहमदाबाद। गुजरात उच्च न्यायालय ने वर्ष 2002 में हुए दंगों में बड़े षड्यंत्र के आरोप में तत्कालीन मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी और अन्य को विशेष जांच दल द्वारा क्लीन चिट दिए जाने को बरकरार रखने के निचली अदालत के आदेश को चुनौती देने वाली, जकिया जाफरी की अपील आज खारिज कर दी।
 
हालांकि, उच्च न्यायालय ने मामले की आगे की जांच के लिए जाफरी को उच्च फोरमों में जाने की अनुमति दे दी है। दंगों में मारे गए पूर्व सांसद एहसान जाफरी की पत्नी जकिया और कार्यकर्ता तीस्ता सीतलवाड़ के एनजीओ ‘सिटिजन फॉर जस्टिस एंड पीस’ ने एसआईटी की क्लीन चिट को बरकरार रखने वाले मजिस्ट्रेट के आदेश के खिलाफ अदालत में आपराधिक समीक्षा याचिका दायर की थी।
 
मजिस्ट्रेट ने दंगों के पीछे ‘बड़ी आपराधिक साजिश’ के आरोपों के संबंध में मोदी और अन्य लोगों को एसआईटी द्वारा दी गई क्लीन चिट को सही बताया था। याचिका में अनुरोध किया गया था कि मोदी और पुलिस तथा प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों सहित 59 अन्य लोगों को उस कथित षड्यंत्र में संलिप्तता का आरोपी बनाया जाए, जिसके कारण दंगे हुए थे। इस याचिका में उच्च न्यायालय से मामले की जांच नए सिरे से कराने का आदेश देने का भी अनुरोध किया गया है।
 
गुजरात के गोधरा में ट्रेन की बोगियों में 59 हिन्दुओं को जिंदा जला दिए जाने की घटना के एक दिन बाद 28 फरवरी, 2002 को भीड़ ने गुलबर्ग सोसायटी पर हमला कर दिया था, जिसमें कांग्रेस नेता जाफरी सहित 68 लोग मारे गए थे। ट्रेन में आगजनी की घटना के बाद गुजरात में दंगे हो गए थे।
 
एसआईटी ने आठ फरवरी, 2012 को दाखिल अपनी क्लोजर रिपोर्ट में मोदी और अन्य लोगों को क्लीन चिट दी है। दिसंबर, 2013 में मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट की अदालत ने रिपोर्ट के खिलाफ जकिया जाफरी की याचिका खारिज कर दी थी। इसके बाद जकिया 2014 में उच्च न्यायालय पहुंचीं। (भाषा)

Show comments

SIR विवाद के बीच सुप्रीम कोर्ट की दो टूक, कहा- हमारे हाथ बंधे नहीं हैं

CJP नेताओं सौरव दास और आशुतोष रांका को बड़ी राहत, SEM कोर्ट ने दिया रिहाई का आदेश

Gold-Silver Price Today: सस्ता हुआ सोना, चांदी के दामों में गिरावट, जानिए देश के बड़े शहरों में क्या रहे भाव

Electric Scooter : TVS और Ather को टक्कर देने आ रहा है VinFast का सस्ता इलेक्ट्रिक स्कूटर, पेटेंट में दिखा 14-इंच व्हील वाला डिजाइन

जेफ्री एपस्टीन के साथ हरदीप सिंह पुरी की तस्वीरें वायरल: विपक्ष ने घेरा, गरमाई सियासत

सभी देखें

हिसाब तो देना ही पड़ेगा! धन्नीपुर मस्जिद की फंडिंग पर उठे सवाल, वक्फ बोर्ड पर अनियमितता के आरोप

अयोध्या राम मंदिर ट्रस्ट के CEO जितेंद्र मिश्र ने सख्त किए नियम, दर्शन से लेकर चढ़ावे तक होगी कड़ी मॉनिटरिंग

क्या है इस्लामी कानून का ‘ताज़ीर’ नियम? जिसके तहत मक्का की मस्जिद में 'अनैतिक कृत्य' पर 2 बांग्लादेशियों को मिली मौत की सजा!

MP में कर्मचारियों ने महंगाई भत्ता नहीं बढ़ाने पर काली दीपावली मनाने की दी चेतावनी

इंडिया केम-2026: पेट्रोकेमिकल्स, फर्टिलाइजर्स और दवा निर्माण में मप्र में अनेक अवसर, निवेशकों को सुविधा, साथ और सहयोग भी देगी हमारी सरकार- मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव

अगला लेख