dharma sangrah

Article 371 : क्या है अनुच्छेद 371 और इन दिनों क्यों चर्चा में है...

Updated: शनिवार, 26 जून 2021 (15:24 IST)
जम्मू-कश्मीर को विशेष दर्जा देने वाले अनुच्छेद 370 (Article 370) को हटाने के बाद हाल ही में प्रधानमंत्री कश्मीरी नेताओं से रूबरू हुए। कश्मीरी नेताओं में विशेष अधिकार खत्म होने की कसक दिखी, वहीं उन्होंने जम्मू-कश्मीर को पूर्ण राज्य का दर्जा देने की मांग भी की है। हालांकि अभी इस संबंध में कोई स्पष्ट फैसला नहीं हुआ है, लेकिन माना जा रहा है कि सरकार अनुच्छेद 371 (Article 371) के तहत जम्मू-कश्मीर को कुछ राहत दे सकती है। 
 
क्या है आर्टिकल 371 : भारतीय संविधान के अनुसार देश के कुछ राज्यों को अनुच्छेद 371 (Article 371) के तहत सीमित स्वायत्तता दी गई है। ऐसे राज्यों में नगालैंड समेत पूर्वोत्तर के कुछ राज्य शामिल हैं। आर्टिकल 371 (A-J) नगालैंड, असम, मणिपुर, सिक्किम, मिजोरम, अरुणाचल प्रदेश आदि राज्यों के लिए विशेष प्रावधान किए गए हैं। इन राज्यों को विशेष दर्जा उनकी जनजातीय संस्कृति को संरक्षण प्रदान करता है। अनुच्छेद 371 में गुजरात, महाराष्ट्र, गोवा और आंध्रप्रदेश के लिए भी कुछ मामलों में विशेष उपबन्ध किए गए हैं। हालांकि अनुच्छेद 371 के तहत कुछ राज्यों के लिए किए गए विशेष प्रावधान समय के साथ खत्म हो चुके हैं। 
 
अनुच्छेद 371 में किस तरह के विशेष अधिकार : यदि अनुच्छेद 371 से जुड़े विशेषाधिकार की बात करें तो हिमाचल प्रदेश में बाहरी व्यक्ति खेती के लिए जमीन नहीं खरीद सकता। इतना ही नहीं हिमाचल प्रदेश का निवासी यदि किसान नहीं है तो वह भी खेती की जमीन नहीं खरीद सकता।
 
इसी तरह अनुच्छेद 371-A के तहत नगालैंड तीन विशेष अधिकार दिए गए हैं- 1. भारतीय संसद का कोई भी कानून नगालैंड के लोगों के सांस्कृतिक और धार्मिक मामलों में लागू नहीं होगा। 2. नगा लोगों के प्रथागत कानूनों और परंपराओं को लेकर संसद का कानून और सुप्रीम कोर्ट का कोई आदेश लागू नहीं होगा। और 3. नगालैंड में जमीन और संसाधन किसी गैर नगा को स्थानांतरित नहीं किया जा सकेगा। इसके साथ ही स्थानीय नागरिक ही नगालैंड की जमीन खरीद सकता है। दूसरे राज्य का व्यक्ति यहां जमीन नहीं खरीद सकता। 
 
अनुच्छेद 371 G के तहत मिजोरम में भी जमीन का मालिकाना हक सिर्फ वहां बसने वाले आदिवासियों का है। कोई बाहरी व्यक्ति वहां जमीन नहीं खरीद सकता। 
 
जम्मू-कश्मीर में मिल सकते हैं कुछ विशेष अधिकार : ऐसे में माना जा रहा है कि जम्मू-कश्मीर के लोगों को संतुष्ट करने लिए अनुच्छेद 371 के तहत कुछ विशेष प्रावधान किए जा सकते हैं। क्योंकि प्रधानमंत्री के साथ बैठक के दौरान जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्‍यमंत्री गुलाम नबी आजाद ने डोमिसाइल और जमीन का मुद्दा उठाया था।
 
पीडीपी अध्यक्ष और पूर्व मुख्‍यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने भी कहा है कि वह खुद तब तक कोई चुनाव नहीं लड़ेंगी जब तक कि जम्मू-कश्मीर का विशेष दर्जा बहाल नहीं हो जाता। हालांकि यह भी सही है कि अब अनुच्छेद 370 वाली स्थिति राज्य में नहीं रहेगी, लेकिन वहां कुछ मामलों में राहत जरूर दी जा सकती है। 
 
फिलहाल केन्द्र सरकार का जोर वहां नए सिरे से परिसीमन पर होगा, फिर राज्य में चुनाव कराए जाने की बात कही है बाद में जम्मू-कश्मीर को पूर्ण राज्य का दर्जा दिया जा सकता है। पूर्ण राज्य का दर्जा देने का निर्णय काफी हद तक चुनाव परिणामों से भी तय हो सकता है। 
अनुच्छेद 370 के तहत जम्मू-कश्मीर को मिले थे विशेष अधिकार-
लेखक के बारे में
वेबदुनिया न्यूज डेस्क
वेबदुनिया न्यूज़ डेस्क पर हमारे स्ट्रिंगर्स, विश्वसनीय स्रोतों और अनुभवी पत्रकारों द्वारा तैयार की गई ग्राउंड रिपोर्ट्स, स्पेशल रिपोर्ट्स, साक्षात्कार तथा रीयल-टाइम अपडेट्स को वरिष्ठ संपादकों द्वारा सावधानीपूर्वक जांच-परख कर प्रकाशित किया जाता है।.... और पढ़ें

Show comments

आरक्षण विरोधी आंदोलन पर पूर्ण प्रतिबंध क्यों? हाईकोर्ट ने लगाई दिल्ली पुलिस को फटकार, जानिए क्या है पूरा मामला

पहले 10 लाख जमा किए, IDA ने फिर मांगे 4 लाख रुपए, राहुल गांधी के इंदौर में आयोजन में फिर अड़चन

Hyundai BAYON India : नए SUV का डिजाइन आया सामने, H-Edge लाइटिंग ने खींचा ध्यान; जानें क्या-क्या हुआ कन्फर्म

Samsung Galaxy A18 4G लॉन्च, 50MP कैमरा और 5000mAh बैटरी के साथ आया फोन; जानें कीमत और फीचर्स

Suzuki e-Access खरीदें या नहीं? आराम, बैटरी और रेंज में दमदार, क्या कुछ कमियां भी हैं

सभी देखें

PM मोदी के 76वें जन्मदिन पर UP में दीपोत्सव जैसा माहौल, सीतापुर में मोदी-योगी की आकृति तो मेरठ में 'आशीर्वाद का दीया' बना आकर्षण

बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन और सीएम डॉ. मोहन यादव ने की सेवा-संकल्प अभियान की शुरुआत, स्वामित्व अधिकार योजना के तहत 50 लाख संपत्तियों की होगी फ्री रजिस्ट्री

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन पर जगमगाया मध्यप्रदेश, शिप्रा तट-महाकाल महालोक में एक साथ जलाए गए 33.27 लाख दीये, बना वर्ल्ड रिकॉर्ड

UPI विवाद पर हंसराज विश्वकर्मा का राहुल गांधी-अखिलेश पर निशाना , बोले- दोनों के बीच सांठगांठ

अंबेडकरनगर में 1100 बीघा जमीन पर आकार ले रहा इंडस्ट्रियल कॉरिडोर, पराली से बनेगी बायो गैस

अगला लेख