shradh paksha
✕

Weather update : दिल्ली व जम्मू क्षेत्र में भीषण गर्मी, IMD ने इन राज्यों को लेकर जारी की चेतावनी

Updated: बुधवार, 13 अप्रैल 2022 (23:57 IST)
नई दिल्ली/श्रीनगर/चंडीगढ़। मौसम विभाग द्वारा गर्मी को लेकर कुछ राहत का पूर्वानुमान जताए जाने के बावजूद राष्ट्रीय राजधानी में लोगों को बुधवार को भीषण गर्मी का सामना करना पड़ा। वहीं जम्मू क्षेत्र में जहां तेज गर्मी रहीं, वहीं कश्मीर में हल्की बारिश दर्ज की गई। हरियाणा और पंजाब के भी अधिकतर हिस्सों में बुधवार को भीषण गर्मी रही।

दिल्ली के लिए मौसम के आधिकारिक आंकड़े एकत्र करने वाली सफदरजंग वेधशाला ने आज का अधिकतम तापमान 40.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया जो कि सामान्य से पांच डिग्री अधिक रहा। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने दिल्ली में अगले सप्ताह 18 अप्रैल की शुरुआत से लू चलने का अनुमान जताया है।

राष्ट्रीय राजधानी पिछले हफ्ते से भीषण लू का सामना कर रही है जबकि मंगलवार को बादल छाए रहने के कारण तापमान 39.5 दर्ज किया गया था। दिल्ली में बृहस्पतिवार को अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से कम रहने का पूर्वानुमान है। इसके बाद, पारा धीरे-धीरे बढ़कर 18 अप्रैल तक 42 डिग्री तक पहुंचने के आसार हैं।

इससे पहले, आईएमडी ने कहा कि हिमालयी क्षेत्र में कमजोर पश्चिमी विक्षोभ और पंजाब के ऊपर चक्रवाती परिसंचरण से मैदानी इलाकों में भीषण गर्मी से थोड़ी राहत मिली है। हालांकि बाद में अधिकतम तापमान फिर से बढ़ने का अनुमान है।

भारत मौसम विज्ञान विभाग ने बताया था कि राष्ट्रीय राजधानी में अगले पांच से छह दिनों तक लू चलने का अनुमान नहीं है। सफदरजंग वेधशाला ने सोमवार को अधिकतम तापमान 42.6 डिग्री सेंटीग्रेड दर्ज किया था जो पांच वर्षों में अप्रैल में सबसे अधिक तापमान है।

मैदानी इलाकों के लिए लू की घोषणा तब की जाती है जब अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से अधिक होता है और सामान्य तापमान से कम से कम 4.5 डिग्री सेल्सियस अधिक होता है। राष्ट्रीय राजधानी पिछले हफ्ते से भीषण लू का सामना कर रही है और अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से अधिक ही रहा है।

विभाग के आंकड़ों के अनुसार, दिल्ली में इस साल अप्रैल में अभी तक पांच दिन लू चली है। अप्रैल 2017 में छह दिनों तक लू चली थी। राजधानी में 21 अप्रैल 2017 को अधिकतम तापमान 43.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। इस महीने आज तक सबसे अधिक तापमान 29 अप्रैल 1941 को 45.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था।

उधर हरियाणा और पंजाब के अधिकांश हिस्सों में बुधवार को गर्मी की स्थिति बनी रही, दिन का तापमान सामान्य से ऊपर रहा और चंडीगढ़ में अधिकतम 38 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

हरियाणा के हिसार में अधिकतम तापमान 44.2 डिग्री सेल्सियस, फरीदाबाद जिले के बोपानी में 43.4 डिग्री सेल्सियस, भिवानी में 42.5 डिग्री सेल्सियस, गुरुग्राम में 42.2 डिग्री सेल्सियस, रोहतक में 40.3 डिग्री सेल्सियस, भिवानी में 40.1 डिग्री सेल्सियस और अंबाला में 39 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

वहीं पंजाब के बठिंडा में अधिकतम तापमान 43.6 डिग्री सेल्सियस, पटियाला में 40.3 डिग्री सेल्सियस, जालंधर में 39.8 डिग्री सेल्सियस, लुधियाना में 39.7 डिग्री सेल्सियस और अमृतसर में 39 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इस बीच, जम्मू क्षेत्र में जहां तेज गर्मी रहीं, वहीं कश्मीर में हल्की बारिश दर्ज की गई।

मौसम विभाग के मुताबिक, जम्मू में अधिकतम तापमान 38.5 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 24.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। दिन का तापमान जहां मौसम के औसत से 6.4 डिग्री अधिक है, वहीं रात का तापमान भी सामान्य से 5.6 डिग्री अधिक है।(भाषा)

Show comments

ECI के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में राहुल गांधी की याचिका, SIR में गड़बड़ी के आरोप, INDIA Bloc का मार्च

Economics Nobel 2026: रॉबर्ट ई. हॉल और माइकल वुडफोर्ड को अर्थशास्त्र का नोबेल, आर्थिक स्थिरता पर शोध के लिए मिला सम्मान

Electric Scooter : नया सस्ता इलेक्ट्रिक स्कूटर लॉन्च, 250KM तक की रेंज का दावा, फीचर्स भी कमाल के

दिल्ली मेट्रो में सीट विवाद में हत्या, पूर्व IAS और वकील बेटा गिरफ्तार

शिवराज सिंह चौहान ने किसे कहा 'नरपिशाच' और क्यों मोहन यादव सरकार के खिलाफ धरने पर बैठे पूर्व सीएम?

सभी देखें

गांधीनगर मनपा चुनाव परिणाम: 44 में से 38 सीटें जीतकर बीजेपी ने लगाई हैट्रिक, कांग्रेस ने 5 सीटें जीतकर बचाई साख

पीयूष गोयल बोले- चुनाव में मदद के बदले कांग्रेस देती थी बड़े पद, अब संवैधानिक संस्थाओं को कर रही है बदनाम

इंफ्रास्ट्रक्चर में निवेश बढ़ाने के लिए सीएम डॉ. मोहन ने की नई पहल, इंदौर में होगी अर्बन कॉन्क्लेव-2026

OBC आरक्षण पर हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट जाएगी मोहन सरकार, सॉलिसिटर जनरल से CM की मुलाकात

एस. जयशंकर ने क्यों दी '4F संकट' की चेतावनी? जानिए इंदिरा गांधी ने 1966 में भारत को ऐसे ही संकट से कैसे निकाला था

अगला लेख