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Weather update : असम और बिहार में बाढ़ से राहत नहीं, हिमाचल प्रदेश में अलर्ट

Updated: रविवार, 26 जुलाई 2020 (09:48 IST)
नई दिल्ली। असम और बिहार में शनिवार को भी बाढ़ की स्थिति भयावह बनी हुई थी और पूर्वोत्तर राज्य में एक और व्यक्ति की मौत हुई है और दोनों ही राज्यों में करीब 36 लाख लोग बाढ़ से प्रभावित हैं। असम में बाढ़ और भूस्खलन से मरने वालों की संख्या 123 तक पहुंच गई है। वहीं बिहार में अब तक बाढ़ से 10 लोगों की मौत हो चुकी है।

सरकारी रिपोर्ट के अनुसार असम में 27 जिलों में करीब 26.38 लाख प्रभावित हैं और बाढ़ की वजह से 97 और भूस्खलन की वजह से 26 लोगों की मौत हुई है। रिपोर्ट में बताया गया है कि शुक्रवार से अब प्रभावित लोगों की संख्या में 1.6 लाख की कमी आई है जबकि प्रभावित जिलों में एक और जिला शामिल हो गया है। ग्वालपाड़ा बाढ़ से सबसे ज्यादा प्रभावित जिला है। यहां 4.7 लाख लोग प्रभावित हैं। वहीं बारपेट और मोरीगांव जिले में क्रमश: 4.24 लाख और 3.75 लाख लोग प्रभावित हैं।

ब्रह्मपुत्र नदी गुवाहाटी, तेजपुर, धुबरी और ग्वालपाड़ा शहरों में खतरे के निशान के ऊपर बह रही है। इसकी सहायक नदियां धनसिरी, जिया भराली, कोपिली, बेकी ओर संकोश भी विभिन्न स्थानों पर खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं।

रिपोर्ट में बताया गया है कि अब तक बाढ़ से विभिन्न प्रजातियों के 127 जानवरों की जान जा चुकी है और काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान में 157 जानवरों को बचाया गया है। बिहार में बाढ़ प्रभावित उत्तरी जिलों में राहत सामग्री हेलीकॉप्टर की मदद से लोगों के बीच गिराई गई है। करीब 10 लाख लोग यहां बाढ़ की वजह से प्रभावित हैं। शनिवार को किसी के हताहत होने की खबर नहीं है। राहत पैकेट में ढाई किलोग्राम चावल, एक किलोग्राम चना, 500 ग्राम गुड़, माचिस और एक मोमबत्ती का पैकेट है।

बाढ़ प्रभावित परिवारों की पहचान के बाद राज्य सरकार उन्हें छह-छह हजार रुपए की सहायता राशि भी मुहैया कराएगी। बुलेटिन के अनुसार 10 जिलों के 10.61 लाख लोग प्रभावित हैं। अधिकारियों ने बताया कि एनडीआरएफ की 13 और एसडीआरएफ की आठ टीमें लोगों के बचाव अभियान में शामिल हैं।

बाढ़ प्रभावित जिलों में पश्चिमी चंपारण, पूर्वी चंपारण, सीतामढ़ी, शिवहर, सुपौल, किशनगंज, दरभंगा, मुजफ्फरपुर, गोपालगंज और खगड़िया शामिल हैं। बागमती, बुढ़ी गंडक, कमलाबलान, लालबकैया, अधवारा, खिरोई, महानंदा और घाघरा नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। एक अधिकारी ने बताया कि सुगौली-नरकटियागंज के बीच बाढ़ के पानी की वजह से ट्रेन सेवा निलंबित कर दी गई है।

भूस्खलन की वजह से सिक्किम में राज्य के अन्य हिस्सों से कटे उत्तरी सिक्किम के दो दूरदराज गांवों तक भारतीय वायुसेना का हेलीकॉप्टर जरूरी सामग्री लेकर गया। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने एक बुलेटिन में बताया कि उप-हिमालई पश्चिम बंगाल, सिक्किम, अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय में रविवार को दूरदराज इलाकों में बारिश हो सकती है।

वहीं उत्तर में राजस्थान के इलाकों में भारी से भारी बारिश हुई और उत्तर प्रदेश के कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हुई तथा कुछ स्थानों पर गरज के साथ छींटे भी पड़े। हिमाचल प्रदेश में आंधी-तूफान के लिए ‘यलो’ चेतावनी जारी की गई है।

दिल्ली में अधिकतम तापमान 35.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जो कि इस मौसम के हिसाब से सामान्य से एक डिग्री सेल्सियस अधिक है। शहर में आर्द्रता का स्तर 68 से 95 फीसदी के बीच रहा। मौसम कार्यालय ने इससे पहले बताया कि शहर में सोमवार, मंगलवार और बुधवार को मध्यम से भारी बारिश होने की संभावना है।

राज्य में सबसे अधिक तापमान ऊना में 34 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जबकि सबसे कम तापमान 13.2 डिग्री सेल्सियस लाहौल-स्पीति जिले के प्रशासनिक केंद्र केलोंग में दर्ज किया गया। मौसम की चेतावनियों में से ‘यलो’ सबसे कम खतरनाक है। यह अगले कुछ दिनों में खराब मौसम की आशंका को इंगित करता है। राजस्थान के कुछ हिस्सों में भारी बारिश हुई।

वहीं अगले 24 घंटे में भी राज्य के कुछ स्थानों पर भारी बारिश की संभावना जताई गई है। उत्तर प्रदेश में बीते 24 घंटे के दौरान पश्चिमी हिस्से में कहीं कहीं गरज चमक के साथ छीटें पड़ीं जबकि पूर्वी हिस्से में कुछ जगहों पर बारिश हुई।

मौसम विभाग ने शनिवार को बताया कि पूर्वी उत्तर प्रदेश में मानसून सामान्य रहा। कहीं-कहीं गरज के साथ वर्षा की खबर है। बलिया में शुक्रवार को 13 सेंटीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई है। विभाग ने बताया कि दुद्धी (सोनभद्र) में छह सेंटीमीटर, बदायूं में पांच तथा सलेमपुर (देवरिया) और बरेली में चार-चार सेंटीमीटर पानी बरसा।
मौसम विभाग ने बताया कि 38.4 डिग्री सेल्सियस के साथ शुक्रवार को इटावा का तापमान सबसे अधिक रहा।आईएमडी ने कहा कि उत्तराखंड, पूर्वी राजस्थान, उत्तर प्रदेश में रविवार को दूरदराज के क्षेत्र में भारी बारिश की संभावना है। वहीं इस अवधि में जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, राजस्थान में आंधी-तूफान और बिजली चमकने की संभावना है।(भाषा)

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