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नहीं आए अच्छे दिन, मोदी सरकार के काम से लोग खुश : सर्वे

Two years of Modi government
नई दिल्ली। मोदी सरकार को दो साल पूरे होने वाले हैं और इस बीच शनिवार को एक ताजा सर्वेक्षण में कहा गया है कि करीब आधे प्रतिभागी (49 प्रतिशत) अपने जीवनस्तर में कोई बदलाव महसूस नहीं करते हालांकि बड़ी संख्या में लोग उनके काम से खुश है और वे चाहते हैं कि पांच साल बाद भी वे ही प्रधानमंत्री बने रहे।
 
मीडिया अध्ययन केंद्र (सीएमएस) के सर्वेक्षण में दावा किया गया है कि 43 प्रतिशत लोगों का मानना है कि मोदी सरकार के कार्यक्रमों और योजनाओं से गरीब जनता को लाभ नहीं हो रहा। उसी समय मोदी सरकार के दो साल के कामकाज प्रदर्शन का आकलन करने पर पता चला कि प्रधानमंत्री के रूप में नरेंद्र मोदी के कामकाज को बड़ी संख्या में लोगों ने पसंद किया है जिनकी संख्या 62 फीसदी है और करीब 70 प्रतिशत लोग चाहते हैं कि वे पांच साल के पहले कार्यकाल के बाद भी प्रधानमंत्री बने रहें।
 
यहां एक संवाददाता सम्मेलन में सर्वेक्षण के नतीजे घोषित करते हुए लोकसभा के पूर्व महासचिव सुभाष सी. कश्यप ने कहा कि प्रधानमंत्री की व्यक्तिगत छवि उजली बनी हुई और बड़ी संख्या में लोग उनके कामकाज को पसंद कर रहे हैं। दुनियाभर में भारत की स्थिति सुधारने और घरेलू स्तर पर प्रशासन सुधारने में मोदी के प्रयासों को सर्वेक्षण में शामिल अधिकतर लोगों ने पसंद किया। 
 
15 राज्यों के करीब 4000 प्रतिभागियों के बीच कराए गए इस सर्वेक्षण में कहा गया है कि एक तिहाई से कम प्रतिभागियों को लगता है कि प्रधानमंत्री ने वादे पूरे किए हैं वहीं 48 फीसदी मानते हैं कि वादे आंशिक रूप से पूरे किए गए हैं।
 
सर्वेक्षण के अनुसार, ‘क्या लोगों का जीवनस्तर दो साल पहले की तुलना में आज बेहतर हुआ है तो करीब आधे (49 प्रतिशत) को लगता है कि कोई बदलाव नहीं हुआ है वहीं 15 प्रतिशत मानते हैं कि हालात या स्थितियां बदतर हो गई हैं।' 
 
इस सर्वेक्षण में केंद्र सरकार की जो नाकामियां इस सर्वेक्षण में गिनाई गयीं उनमें 32 प्रतिशत ने महंगाई का जिक्र किया, उसके बाद 29 फीसदी लोग रोजगार नहीं दे पाने से नाखुश दिखे और काला धन वापस नहीं ला पाने की बात पर 26 प्रतिशत ने अपनी बात रखी।
 
सर्वेक्षण में गिनाई गई बड़ी उपलब्धियों में जन धन योजना (36 प्रतिशत), स्वच्छ भारत मिशन (32 प्रतिशत) और विदेशी प्रत्यक्ष निवेश लाने के प्रयास (23 प्रतिशत) का जिक्र हुआ। 
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