Daily Horoscope
✕

ट्रेनों में गंदे कंबलों की शिकायत से मिलेगी मुक्ति

Updated: रविवार, 30 जुलाई 2017 (19:26 IST)
नई दिल्ली। ट्रेनों में कंबलों के गंदे होने की शिकायतों से परेशान भारतीय रेलवे ने कंबलों के ज्यादा बार धुलने और मौजूदा कंबलों को चरणबद्ध तरीके से डिजाइनर एवं हल्के कंबलों से बदलने के लिए एक कार्ययोजना तैयार की है। इसके अलावा इस्तेमाल किए हुए कंबलों को फिर से इस्तेमाल किए जाने से पहले नियमित रूप से साफ किया जाएगा।
 
यद्यपि कंबलों को हर 1 या 2 महीने के भीतर धोने का निर्देश है, लेकिन हाल में कैग की एक रिपोर्ट में कंबलों की दयनीय हालत को रेखांकित किया गया, जो कि 6 महीने से नहीं धुले थे हालांकि अब जल्द ही ट्रेनों में बदबूदार कंबल गुजरे समय की बात हो सकते हैं।
 
रेलवे ने राष्ट्रीय फैशन डिजाइन संस्थान (निफ्ट) को कम ऊन वाले हल्के कंबल बनाने का काम सौंपा है। पतले, सामान्य पानी से धुलने लायक कंबलों का परीक्षण भी मध्य रेलवे जोन में पायलट परियोजना के तौर पर किया जा रहा है।
 
रेल मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि हमारा लक्ष्य ट्रेनों में हर यात्रा के दौरान साफ लिनन के साथ धुले हुए कंबल मुहैया कराना है। फिलहाल लिनन के 3.90 लाख सेट रोजाना मुहैया कराए जाते हैं। इनमें 2 चादर, 1 तौलिया, तकिया और कंबल शामिल हैं, जो वातानुकूलित डिब्बों में हर यात्री को दिए जाते हैं।
 
उन्होंने बताया कि कंबलों को अधिक धोने और मौजूदा कंबलों को चरणबद्ध तरीके से नए हल्के एवं मुलायम कपड़े से बने कंबलों से बदलने की योजना बनाई गई है। अधिकारी ने बताया कि कुछ खंडों में कंबलों के कवर बदलने का काम शुरू कर दिया गया है और कंबलों को अब 1 माह की जगह 15 दिन और 1 सप्ताह में धोने का काम शुरू किया जा रहा है। (भाषा)
Show comments

अंकिता भंडारी हत्याकांड: तीनों दोषियों को उम्रकैद, उत्तराखंड पुलिस ने बताया कैसे 88 दिन में पूरी हुई जांच

Toyota Glanza Facelift : टोयोटा की सस्ती कार लॉन्च, त्योहारों पर मचाएगी धमाका, जानिए क्या हैं फीचर्स

हिंदू धर्म छोड़कर इस्लाम अपनाने पर नहीं मिलेगा आरक्षण का लाभ, सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला

CJP की प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान हंगामा, अभिजीत दीपके बोले- 50-100 रुपए देकर बाहर कीजिए, लहरा दो तिरंगा को लेकर बताया प्लान

Stock Market Rally : शेयर बाजार में तूफानी तेजी, सेंसेक्स 1,533 अंक उछला, निफ्टी में भी 375 अंकों की छलांग

सभी देखें

... तो हम पाकिस्तान का साथ देंगे, राजस्थान भाजपा अध्यक्ष राठौड़ के बयान से बवाल

भारत स्वस्तिक यात्रा की ओंकारेश्वर में रामकथा ने आदि शंकराचार्य की आध्यात्मिक विरासत को किया रेखांकित

जियो IPO से पहले ईशा अंबानी ने बताया- कैसे आया JIo का आइडिया, कैसे खड़ा हुआ विशाल साम्राज्य?

मोहन-शिवराज की एक घंटे बंद कमरे में बैठक के बाद आखिर कैसे खत्म हुआ कोसमी का आदिवासी जमीन विवाद?

सुप्रीम कोर्ट से CJP को बड़ी राहत, कनॉट प्लेस तिरंगा मार्च पर तुरंत रोक लगाने से किया इनकार

अगला लेख