नूपुर शर्मा के खिलाफ समन, बंगाल में छिटपुट घटनाएं, यूपी में हिंसा के आरोप में 325 लोग गिरफ्तार

Last Updated: सोमवार, 13 जून 2022 (22:17 IST)
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ठाणे। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) से निलंबित कर दी गईं प्रवक्ता नूपुर शर्मा ने पर कथित आपत्तिजनक टिप्पणी के मामले में महाराष्ट्र पुलिस के समक्ष पेश होने के लिए सोमवार को समय मांगा जबकि उत्तरप्रदेश में 10 जून को जुमे की नमाज के बाद हिंसा करने वाले प्रदर्शनकारियों पर कार्रवाई करते हुए 300 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया गया है।

इस बीच पश्चिम बंगाल के हिंसा प्रभावित जिलों में स्थिति धीरे-धीरे सामान्य हो रही है, लेकिन भारी पुलिस बल की मौजूदगी के बावजूद कुछ स्थानों पर छिटपुट घटनाएं हुईं। अधिकारियों ने कहा कि प्रदर्शनकारियों द्वारा रेल पटरियों को अवरुद्ध करने के बाद सुबह पूर्वी रेलवे के सियालदह-हसनाबाद खंड पर ट्रेन सेवाएं प्रभावित हुईं।

एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि प्रदर्शनकारियों द्वारा पटरियों को अवरुद्ध करने के लिए टायरों में आग लगा दी गई और शर्मा के पुतले जलाए गए। उन्होंने कहा कि लगभग 20 मिनट तक सेवा प्रभावित रही। उत्तर 24 परगना के हसनाबाद स्टेशन के आसपास भारी पुलिस बल तैनात है।
महाराष्ट्र के ठाणे जिले में भिवंडी में एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि शर्मा को समय दे दिया गया है लेकिन उन्होंने यह नहीं बताया कि उन्हें पेश होने के लिए कब कहा गया है। उन्होंने बताया कि रजा अकादमी के एक प्रतिनिधि द्वारा 30 मई को दर्ज कराई गई शिकायत के बाद भिवंडी पुलिस ने नूपुर शर्मा के खिलाफ मामला दर्ज किया था।

ठाणे में मुंब्रा पुलिस ने शर्मा को 22 जून को उनके समक्ष पेश होने और अपनी टिप्पणी पर बयान दर्ज कराने को कहा है, वहीं मुंबई पुलिस ने भी उन्हें 25 जून को बयान दर्ज कराने के लिए तलब किया है। कोलकाता पुलिस ने नूपुर शर्मा को मामले में पूछताछ के लिए तलब किया है।
एक अधिकारी ने सोमवार को बताया कि उन्हें बयान दर्ज कराने के लिए 20 जून को नारकेलडांगा थाने में पेश होने के लिए कहा गया है। उत्तरप्रदेश पुलिस ने 10 जून को हुई हिंसा के सिलसिले में अब तक राज्य के 8 जिलों से 325 लोगों को गिरफ्तार किया है।

अपर पुलिस महानिदेशक (कानून-व्यवस्था) प्रशांत कुमार ने सोमवार सुबह लखनऊ में जारी एक बयान में बताया कि राज्य के 8 जिलों से 325 लोगों को गिरफ्तार किया गया है और इस संबंध में 9 जिलों में 13 प्राथमिकी दर्ज की गईं। जिलेवार ब्योरा देते हुए कुमार ने बताया कि प्रयागराज में 92, सहारनपुर में 80, हाथरस में 51, आंबेडकर नगर में 41, मुरादाबाद में 35, फिरोजाबाद में 16, अलीगढ़ में 6 और जालौन में 4 लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
इस बीच वकीलों के समूह ने प्रयागराज में हुई हिंसा के कथित षड्यंत्रकर्ता जावेद अहमद के मकान को गिराए जाने के खिलाफ इलाहाबाद उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया है। प्रयागराज विकास प्राधिकरण (पीडीए) और जिला प्रशासन ने रविवार को जावेद उर्फ पंप के दो मंजिला मकान को ध्वस्त कर दिया था।

जिला अधिवक्ता मंच के 5 अधिवक्ताओं की ओर से इलाहाबाद उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश को भेजी गई याचिका में दावा किया गया है कि पीडीए ने जिस मकान को ध्वस्त किया है, वास्तव में उस मकान का स्वामी जावेद नहीं है, बल्कि उसकी पत्नी परवीन फातिमा है।
याचिका में बताया गया है कि उक्त मकान को परवीन फातिमा की शादी से पूर्व उनके माता-पिता ने उन्हें उपहार में दिया था। चूंकि जावेद का उस मकान और जमीन पर कोई स्वामित्व नहीं है, इसलिए उस मकान को गिराया जाना कानून के मूल सिद्धांत के खिलाफ है। याचिका के मुताबिक सामाजिक कार्यकर्ता जावेद को 10 जून की रात को गिरफ्तार किया गया।

इस बीच बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की प्रमुख मायावती ने सरकार द्वारा की जा रही बुलडोजर कार्रवाई और अन्य द्वेषपूर्ण आक्रामक कार्रवाई को अनुचित करार दिया है। मायावती ने इस कार्रवाई को अनुचित और अन्यायपूर्ण बताते हुए एक ट्वीट में कहा कि भय और आतंक का माहौल बनाया गया है और अदालतों को इसका संज्ञान लेना चाहिए।



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