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SolarEclipse2020 LIVE : हरियाणा के सिरसा और राजस्थान के सूरतगढ़ में बना रिंग ऑफ फायर

Updated: रविवार, 21 जून 2020 (12:26 IST)
नई दिल्ली।नई दिल्ली। 2020 की सबसे बड़ी खगोलीय घटना सूर्यग्रहण दुनिया के कई हिस्सों में शुरू हो चुका है। सूर्य ‘अग्नि वलय’ की तरह दिखाई देगा। सूर्यग्रहण से जुड़ी पल-पल की अपडेट्‍स-
- हरियाणा के सिरसा और राजस्थान के सूरतगढ़ में बना रिंग ऑफ फायर
- दुबई के आसमान में दिखाई दिया सूर्यग्रहण का अद्‍भुत नजारा।
- सूर्य ग्रहण दोपहर 1.50 बजे तक दिखाई देगा। अधिकतम ग्रहण दोपहर के 12.05 बजे होगा। यह एशिया, अफ्रीका, प्रशांत, हिंद महासागर, यूरोप और ऑस्ट्रेलिया के कुछ हिस्सों से दिखाई देगा।

- देशभर में दिखा सूर्यग्रहण का अद्भुत नजारा, कुछ स्थानों पर 'बादलों' से निराशा
- आज के बाद अगला सूर्यग्रहण इसी साल 14 या 15 दिसंबर को होगा। हालांकि माना जा रहा है कि अगला सूर्यग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा। वैज्ञानिकों के अनुसार एक साल में कुल पांच सूर्यग्रहण तक लग सकते हैं।
- दिल्ली से भी ग्रहण की तस्वीर सामने आई। दिल्ली में बादलों के कारण ग्रहण पूरी तरह दिखाई नहीं दे रहा है।
- सूर्यग्रहण को खुली आंखों से न देखें। सूर्यग्रहण के समय सूर्य से पराबैंगनी किरणें निकलती हैं जो आंखों पर बहुत बुरा प्रभाव डालती हैं।
- मुंबई में भी सूर्यग्रहण लगना शुरू हुआ। अमृतसर में भी सूर्यग्रहण की शुरुआत
- गुजरात के अहमदाबाद और राजस्थान में भी दिखा सूर्यग्रहण।
- दुनिया के सबसे बड़े सूर्यग्रहण की हुई शुरुआत, अबूधाबी से सामने आई पहली तस्वीरें
- दिल्ली में मौसम खराब, आसमान में बादल छाए हुए। नजर नहीं आ रहा है सूर्य
- सूर्यग्रहण को देखते हुए मंदिर के कपाट बंद।
- दुनिया के कई हिस्सों में शुरू हुआ सूर्यग्रहण
-पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय ने कहा कि ग्रहण का आंशिक रूप सुबह 9.16 बजे शुरू होगा। वलयाकार रूप सुबह 10.19 बजे शुरू होगा और यह अपराह्न 2.02 बजे समाप्त होगा। ग्रहण का आंशिक रूप अपराह्न 3.04 बजे समाप्त होगा।

-उत्तर भारत के कुछ क्षेत्रों में सूर्य ग्रहण एक सुंदर वलयाकार रूप (रिंग ऑफ फायर) में दिखेगा क्योंकि चंद्रमा सूर्य को पूरी तरह से नहीं ढक पाएगा।
-ग्रहण का वलयाकार रूप सुबह उत्तर भारत के राजस्थान, हरियाणा और उत्तराखंड के कुछ हिस्सों में दिखाई देगा।
-देहरादून, कुरुक्षेत्र, चमोली, जोशीमठ, सिरसा, सूरतगढ़ आदि स्थानों पर पूर्ण सूर्यग्रहण दिखाई देगा। देश के बाकी हिस्सों से यह आंशिक सूर्य ग्रहण के रूप में दिखाई देगा। 
-अगला वलयाकार ग्रहण दिसंबर 2020 में पड़ेगा, जो दक्षिण अमेरिका से देखा जाएगा
-मुंबई के नेहरू तारामंडल के निदेशक अरविंद परांजपे ने कहा कि दिल्ली जैसी जगहों पर दिन में 11 से 11.30 बजे तक पांच-सात मिनट तक अंधेरा रहेगा।
-सूर्य ग्रहण अमावस्या के दिन होता है जब चंद्रमा, पृथ्वी और सूर्य के बीच में आ जाता है और जब तीनों खगोलीय पिंड एक रेखा में होते हैं।
-उन्होंने लोगों को आगाह किया कि सूर्यग्रहण को नग्न आंखों से नहीं देखना चाहिए यहां तक ​​कि बहुत कम समय के लिए भी बिना उपकरण के नहीं देखना चाहिए। इससे आंख की रोशनी प्रभावित हो सकती है।
(Picture courtesy : YouTube)

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