सोशल मीडिया चार्ट में विदेश मंत्रालय अव्वल नंबर

पुनः संशोधित शुक्रवार, 26 दिसंबर 2014 (00:03 IST)
-शोभना जैन         
 
नई दिल्ली। द्वारा आम जनता को सही मायने में 'करीब लाने और शासन में पारदर्शिता' लाने के नजरिये से बड़े पैमाने पर सोशल मीडिया को अपनाया जा रहा है। इसी क्रम में विभिन्न केन्द्रीय मंत्रालयों और सरकारी विभागों में से के फेसबुक, ट्‍विटर, यू-ट्‍यूब तथा गूगल जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म अव्वल नंबर पर है। यानि इस मंत्रालय के सोशल मीडिया को सबसे ज्यादा लोग 'पसंद' कर रहे हैं। आंकड़ों के अनुसार विदेश मंत्रालय के खाते में सर्वाधिक लाइक आते हैं। इनकी संख्या 6.82 लाख है।
 
'डिजिटल इंडिया' की ओर तेजी से बढ़ते कदम बतौर विदेश मंत्रालय के इंडियन डिप्लोमेंसी हेंडल के 2.76 लाख फॉलोअर्स हैं, जो सभी केन्द्रीय मंत्रालयों में नंबर एक पर हैं। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता सैयद अकबरुद्दीन के 1.98 लाख फॉलोअर्स है। 
 
भारत की विदेश नीति संबंधी घटनाक्रम, विदेश में भारतीयों की खैरियत के लिए इन हेंड्ल्स को अपनाने वालों की संख्या में तेजी से बढोतरी हो रही है। पासपोर्ट, कोन्सुलर सेवाओं तथा वीजा संबंधी मसलों पर भी इन माध्यमों का इस्तेमाल करने वालो के संख्या निरंतर बढ़ रही है। 
 
इंडियन डिप्लोमेंसी के आधिकारिक यू-ट्‍यूब चेनल को 42 लाख लोगों ने देखा जबकि इसके उपभोक्ताओं की संख्या 16,500 है। हालांकि, फेसबुक लाइक के मामले में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इन सभी मंत्रालयों से काफी ऊपर हैं। ट्‍विटर पर भी 'प्रधानमंत्री कार्यालय' के बड़ी संख्या में फॉलोअर हैं। 
 
22 दिसंबर को मोदी के 2.62 करोड़ फेसबुक लाइक मिले थे जबकि नरेन्द्र मोदी ट्‍विटर खाते में 89.5 लाख फॉलोअर्स है और उनके ट्‍विटर हैंडल 'एट पीएमओ इंडिया' को 48 लाख लोग फॉलो करते हैं। इसीलिए 'सुशासन' के लिए डिजीटल इंडिया की भूमिका को महत्वपूर्ण बताते हुए प्रधानमंत्री ने कहा मेरा दृढ़ विश्वास है कि टेक्नोलॉजी सरकार और नागरिकों की बीच की खाई को भर सकती है और उसे अनिवार्य रूप से भरना भी चाहिए। टेक्नोलॉजी नागरिकों को अधिकार संपन्न बनाने का सशक्त उपकरण है और सरकार के लिए उत्तरदायित्वपूर्ण माध्यम है। मोदी ने कहा कि मेरी सरकार इस माध्यम की बेशुमार क्षमता को पूरी तरह पहचानती है। डिजिटल इंडिया का लक्ष्य देश को डिजिटल रूप से अधिकार संपन्न समाज और ज्ञान अर्थव्यवस्था के रूप में बदलना है। 
 
इसी जुड़ाव की कड़ी में विदेश मंत्रालय का सोशल मीडिया इन दिनों अहम भूमिका निभा रहा है। दिनों-दिन बड़ी संख्या में बढ़ते इनके फोलोअर्स इस बात का परिचायक है कि आम जन जानना चाहता है कि विदेश नीति को लेकर क्या हो रहा है? क्या सोच चल रही है? इसके जरिये आम आदमी को पारदर्शी तरीके से मंत्रालय के इन सभी हेंडल के जरिये नवीनतम सूचनाएं फौरन मिल जाती जाती है। शायद इसीलिए टि्वटर पर विदेश मंत्री सुषमा स्वराज के 20 लाख दो हजार तथा अकबरुद्दीन के 1,98,000 फोलोअर्स हैं। 
 
आधिकारिक सूत्रों के अनुसार निश्चित तौर पर विदेश मंत्रालय के सोशल मीडिया के इन प्लेटफॉर्म को अपनाने से न केवल एक आदमी अपने को सरकार के साथ सीधे तौर पर जुड़ा हुआ देखता है, बल्कि सरकार को भी जन भावनाएं और उनकी संवेदनाएं समझने में मदद मिलती है। निश्चय ही इससे आम आदमी का विदेश मंत्रालय के साथ रिश्ता और गहरा होता है, भरोसा और बढ़ता है।
 
शायद यही वजह है कि जनता के साथ संवेदनशील मुद्दों पर उन तक सही बात पहुंचाने के लिए ये माध्यम एक पुल सा कायम करते है और इससे सतही और हल्की अफवाहों के बाजार पर भी लगाम लगती है क्योंकि खबर सीधी सरकार के प्रतिनिधियों के जरिये उन तक पहुंच रही है। विदेश मंत्रालय के इस असरदार और विश्वसनीय माध्यम को इसके 70से अधिक मिशन विभिन्न हेंडलो के जरिये जानकारी का एक पुल सा बना रहे है। 
 
मंत्रालय का वेब पोर्टल भी सरकारी वेबसाईटों में सबसे ज्यादा देखा जाने वाली साईट है। इसे इस तरह से डिजायन किया गया है कि विकलांग भी इसे आसानी से इस्तेमाल कर सकते है। दुनिया भर के लोगों को भारत से जोड़ने के लिए इसे स्पेनी और अरबी भाषा में भी देखा जा सकता है। 
 
आंकड़ो के अनुसार जब फेसबुक लाइक की बात आती है तो विदेश मंत्रालय (6.82 लाख) के साथ शीर्ष पर तथा दूसरा सबसे अधिक लाइक सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय (6.60 लाख) को हासिल है। प्राप्त आंकड़ों के अनुसार इसके बाद वित्त मंत्रालय (6.28 लाख), रेल मंत्रालय (2.21 लाख), पर्यावरण एवं वन मंत्रालय (45 हजार 231) और मानव संसाधन विकास मंत्रालय (45004) का स्थान आता है। (वीएनआई)



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