स्मृति के बयान में 'महिषासुर', मचा बवाल...

नई दिल्ली| Last Updated: शुक्रवार, 26 फ़रवरी 2016 (09:14 IST)
नई दिल्ली। केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री स्मृति ईरानी ने रोहित वेमुला की आत्महत्या और जेएनयू से जुडे मुद्दों में सरकार की कार्रवाई का राज्यसभा में बचाव किया। स्मृति ने अपने जवाब में का जिक्र किया जिस पर बवाल मच गया और ने ठप करने की धमकी दी।
 
राज्यसभा में गुरुवार को इस संबंध में हुई अल्पकालिक चर्चा का उनका जवाब पूरा नहीं हो सका और जब अपने जवाब में स्मृति ने देवी दुर्गा के बारे में आरोपी छात्रों द्वारा जारी किए गए परचे का जिक्र किया तो विपक्ष ने इस पर कड़ी आपत्ति की तथा सदन की कार्यवाही उनके जवाब के बीच ही स्थगित कर दी गई।
 
स्मृति ईरानी जेएनयू में कुछ छात्रों द्वारा 'महिषासुर शहीद दिवस' मनाए जाने और उनसे जुड़े परचे का विस्तार से जिक्र कर रहीं थीं। कांग्रेस के नेतृत्व में विपक्ष ने आपत्ति जताई कि इस प्रकार की अपमानजनक भाषा को यहां पढ़ने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए।
 
सदन में कांग्रेस के उपनेता आनंद शर्मा ने कहा कि यहां क्या हो रहा है? यह अति है। यह एक खतरनाक मामला है। कई धार्मिक नेताओं और देवी-देवताओं के बारे में आपत्तिजनक टिप्पणियां की गई हैं। उन्होंने सवाल किया कि क्या उन टिप्पणियों पर यहां चर्चा होगी?
 
कांग्रेस सदस्यों ने इस हिस्से को सदन की कार्यवाही से बाहर किए जाने की मांग करते हुए हंगामा शुरू कर दिया और बाद में आसन के समक्ष आ गए। लेकिन स्मृति अपनी बात कहने पर अड़ी रहीं और कहा कि उनके खिलाफ लगाए गए आरोपों का जवाब देने के लिए यह जरूरी है।
 
उपसभापति पी जे कुरियन ने कहा कि मंत्री इसे प्रमाणित कर रही हैं और ऐसे में वह क्या कर सकते हैं। हंगामे को देखते हुए उन्होंने मंत्री के जवाब के बीच में ही सदन को शुक्रवार सुबह तक के लिए स्थगित कर दिया। आज भी इस मामले पर सदन में हंगामें के आसार है। इस बीच भाजपा सांसद उदित राज ने एक समाचार चैनल से बातचीत में कहा कि मैं महिषासुर को शहीद मानता हूं। वह दलितों के पूर्वज थे। उदित राज ने 2013 में जेएनयू में महिषासुर पर हुए कार्यक्रम में हिस्सा भी लिया था। हालांकि भाजपा ने उदित की टिप्पणी से पल्ला झाड़ दिया।
 


और भी पढ़ें :