गणतंत्र दिवस पास आते ही सीमा पर ड्रोन-ड्रोन खेलने लगा पाकिस्तान

कई इलाकों में आतंकी घुसपैठ की अफवाहों के बाद चला तलाशी अभियान

सुरेश एस डुग्गर| पुनः संशोधित बुधवार, 12 जनवरी 2022 (17:25 IST)
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जम्मू। गणतंत्र दिवस के पास आते ही पाकिस्तान ने एक बार फिर सीमांत इलाकों में ड्रोन-ड्रोन खेलना आरंभ कर दिया है। दो दिनों में दो जगह ड्रोन देखे जाने की खबरों के बाद चलाए तो गए, पर हाथ कुछ नहीं आया था। हालांकि कई इलाकों में की अफवाहों के बाद तलाशी अभियान भी छेड़े गए हैं।
आज भी जम्मू जिले के अंतरराष्ट्रीय सीमा पर ड्रोन दिखाई दिया। इसकी सूचना के बाद पूरे इलाके में सर्च अभियान शुरू किया गया। कानाचक इलाके में बड़ी संख्या में सुरक्षाबलों के अलावा अन्य एजेंसियों को लगाया गया। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक इलाके में सभी प्रकार की सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। इससे पहले भी कई बार इलाके में ड्रोन दिखने की घटनाए हो चुकी हैं।

कल भी इस इलाके में ड्रोन की गतिविधि देखे जाने के बाद देर रात को ने बार्डर सिक्योरिटी फोर्स के जवानों के साथ मिलकर इलाके में तलाशी अभियान चलाया था। देर रात तक वहां कोई संदिग्ध वस्तु बरामद नहीं हुई। पाकिस्तान की ओर से जम्मू कश्मीर में गड़बड़ी फैलाए जाने के लिए अक्सर ड्रोन से हथियार या मादक पदार्थ सीमा के इस पार भेजे जाते हैं।

रात 10 बजे के करीब बार्डर पुलिस पोस्ट साधवा के गांव के लोगों ने आसमान में रोशनी भी देखी, जो ड्रोन से निकलती है। लोगों की सूचना पर बार्डर पुलिस पोस्ट साधवा के अलावा पौणी चक्क पुलिस चौकी से एक टीम को देर रात को इलाके में भेजा गया।

इस बीच गणतंत्र दिवस पर सुरक्षा पुख्ता करने के लिए सब सेक्टर रामगढ़ के अग्रिम कौलपुर बसंतर क्षेत्र में पुलिस, सेना और सीआरपीएफ जवानों का थ्री-टीयर सर्च ऑपरेशन चलाया। कल सुबह दस बजे शुरू हुआ सर्च ऑपरेशन आज भी जारी रहा था क्योंकि क्षेत्र में आतंकी घुसपैठ की अफवाह भी थी। इस सर्च ऑपरेशन में सेना की द्वित्तीय असम राइफल्स जवानों, सीआरपीएफ 38 बटालियन जवानों ने भी सर्च ऑपरेशन का हिस्सा बनकर पूरे अग्रिम क्षेत्र की जांच की। हालांकि इस दौरान कुछ मिला नहीं।

सर्च ऑपरेशन का नेतृत्व करने वाले अधिकारी एसओजी विंग डीएसपी गारू राम ने बताया कि आगामी गणतंत्र दिवस पर किसी किस्म की आतंकी साजिश को देखते हुए इस तरह के सर्च ऑपरेशन चलाए गए। उन्होंने कहा कि हर छोटे अंतराल के बाद इस तरह के लांग रेंज पेट्रोलिंग के तहत सरहद के साथ लगते वीरान क्षेत्रों जंगलों व झाड़ियों में सर्च ऑपरेशन भी चलाए जाते हैं।

इससे सरहद की सुरक्षा मजबूत बनी रहती है और आतंकी साजिशों को समय पर नाकाम बनाने में कामयाबी मिल सकती है। इस लांग रेंज पेट्रोलिंग मिश्न को कामयाब बनाने के लिए अग्रिम क्षेत्रों की जांच कर रही सर्च टीमों ने अपने उन उपकरणों का भी इस्तेमाल किया, जिनकी मदद से जमीन व बसंतर की रेत के नीचे दबी विस्फोटक व मादक पदार्थ सामग्री की जांच की जा सकती है।



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