Daily Horoscope
✕

33.13 करोड़ उपभोक्ताओं के साथ Reliance Jio बनी देश की सबसे बड़ी दूरसंचार कंपनी

Updated: शुक्रवार, 26 जुलाई 2019 (23:12 IST)
नई दिल्ली। मुकेश अंबानी की अगुवाई वाली रिलायंस जियो अपने परिचालन के 3 वर्ष के भीतर ही देश की सबसे बड़ी दूरसंचार सेवा प्रदाता बन गई है। कंपनी के उपभोक्ताओं की संख्या 33.13 करोड़ है, जबकि वोडाफोन आइडिया के ग्राहकों की संख्या घटकर 32 करोड़ रह गई है।

रिलायंस इंडस्ट्रीज की ओर से पिछले सप्ताह जारी पहली तिमाही के नतीजों के मुताबिक, उसकी अनुषंगी कंपनी रिलायंस जियो के ग्राहकों की संख्या जून 2019 के आखिर में 33.13 करोड़ है। भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (ट्राई) के मुताबिक, जियो मई में एयरटेल को पछाड़ते हुए देश की दूसरी सबसे बड़ी दूरसंचार सेवा प्रदाता बन गई थी।

वोडाफोन आइडिया ने शुक्रवार को सूचित किया कि 30 जून को उसके ग्राहकों की संख्या घटकर 32 करोड़ रह गई। इससे पहले 31 मार्च को कंपनी ने ग्राहकों की संख्या 33.41 करोड़ होने की सूचना दी थी।

उल्लेखनीय है कि वोडाफोन इंडिया और आइडिया सेल्यूलर के विलय के बाद वोडाफोन आइडिया 40 करोड़ उपयोक्ता के साथ देश की सबसे बड़ी दूरसंचार सेवा प्रदाता कंपनी बनकर उभरी थी।

Show comments

SIR विवाद के बीच सुप्रीम कोर्ट की दो टूक, कहा- हमारे हाथ बंधे नहीं हैं

CJP नेताओं सौरव दास और आशुतोष रांका को बड़ी राहत, SEM कोर्ट ने दिया रिहाई का आदेश

Gold-Silver Price Today: सस्ता हुआ सोना, चांदी के दामों में गिरावट, जानिए देश के बड़े शहरों में क्या रहे भाव

Electric Scooter : TVS और Ather को टक्कर देने आ रहा है VinFast का सस्ता इलेक्ट्रिक स्कूटर, पेटेंट में दिखा 14-इंच व्हील वाला डिजाइन

जेफ्री एपस्टीन के साथ हरदीप सिंह पुरी की तस्वीरें वायरल: विपक्ष ने घेरा, गरमाई सियासत

सभी देखें

सऊदी अरब के एयरपोर्ट और तेल ठिकाने पर हूती हमला, एक भारतीय समेत तीन की मौत, 10 घायल

मध्यप्रदेश में एक राज्यसभा सीट के लिए उपचुनाव का एलान, कांग्रेस का दावा, BJP के कई विधायक संपर्क में

'बद्र पैक्ट' से भारत पर क्‍या होगा असर, क्‍या भारत पर भारी पड़ा पाकिस्‍तान, मालदीव क्‍यों बैठा पाकिस्‍तान की गोद में?

एमपी गजब है! नगरीय निकायों में 2 लाख का कचरा वाहन 6 लाख रु.में खरीदा गया, ACS संजय दुबे ने खुद खोली भ्रष्टाचार की पोल

भारत-पोलैंड के बीच गहरी हुई दोस्ती: पीएम मोदी बोले- रक्षा, स्पेस और ट्रेड में बढ़ेंगे नए अवसर

अगला लेख