कश्मीर में आतंक बढ़ाने की साजिश, बॉडी कैमरों से हमलों की रिकॉर्डिंग

सुरेश एस डुग्गर| Last Updated: शुक्रवार, 21 अगस्त 2020 (22:15 IST)
जम्मू। कश्मीर में आतंकी अब हाईटेक हो गए हैं। सुरक्षाबलों पर हमलों के दौरान वे बॉडी कैमरों का इस्तेमाल कर हमलों की कर रहे हैं ताकि बाद में वे इन वीडियो को नए आतंकियों को दिखाकर उनमें जोश भर सकें तथा अन्य युवकों को की ओर आकर्षित कर सकें।
आतंकी संगठनों द्वारा कार्रवाई को अंजाम देते समय हमले की रिकॉर्डिंग के लिए आतंकियों को बॉडी कैमरे दिए गए हैं। इसका खुलासा टीआरएफ द्वारा जारी किए गए एक वीडियो के दौरान किया गया है। इसमें उन्होंने करीरी बारामुला में किए गए हमले के कुछ फोटो जारी किए हैं। उस वीडियो में लिखा गया है कि जल्द हमले की वीडियो भी जारी की जाएगी। सूत्रों की मानें तो अब जैश, लश्कर और अल बदर के आतंकी मिलकर काम कर रहे हैं और सभी को बॉडी कैमरे दिए गए हैं, जिससे वह हमले की रिकॉर्डिंग कर सकें।
पुलिस ने करीरी वीडियो पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि यह आतंकवाद को बढ़ावा देने का प्रयास है। हम कभी भी आतंकियों को हीरो नहीं बनने देंगे। पीएएफएफ के 5 आतंकियों का 72 घंटे में मारा जाना इसकी पुष्टि करता है। कश्मीर में आतंकवाद इस समय मरणासन्न है। जल्द ही यह पूरी तरह खत्म होगा।

पीपुल्स एंटी फासिस्ट फ्रंट नामक आतंकी संगठन करीब तीन माह पहले ही कश्मीर में सक्रिय हुआ है। बीते माह इस संगठन ने पहली बार अपनी उपस्थिति का एलान किया। इसमें कश्मीरी आतंकियों के साथ लश्कर-ए-तैयबा, जैश-ए-मोहम्मद और अल-बदर के विदेशी आतंकी शामिल हैं। यह संगठन भी द रजिस्टेंस फ्रंट, कश्मीर में जिसे टीआरएफ कहते हैं, की तर्ज पर ही अपनी आतंकी गतिविधियों को अंजाम दे रहा है।
4 शीर्ष आतंकी मार गिराए : कश्मीर जोन पुलिस ने कहा है कि हमले के वीडियो जारी करके आतंकवादी फिर से आतंक फैलाना चाहते हैं। लेकिन उनके नापाक मंसूबों को हम सफल नहीं होने देंगे। सुरक्षाबलों ने मुस्तैदी से कार्रवाई करते हुए चार शीर्ष आतंकियों को मार गिराने में सफलता पाई है। मारे गए शीर्ष आतंकियों में सज्जाद हैदर, तैमूर खान, नसीर उर्फ साद और अली भाई उर्फ दानिश जैसे आतंकी शामिल हैं।
आईजीपी ने कहा कि जुलाई के पहले हफ्ते सज्जाद हैदर ने एक ऑडियो जारी किया था, जिसमें उसने पत्रकारों, जम्मू-कश्मीर पुलिस और राजनेताओं को निशाना बनाने की चेतावनी दी थी। आईजीपी को भो यह चेतावनी दी थी कि अगर आतंकी के परिवार वालों को तंग करोगे तो पुलिस वालों के परिवार वालों को मारा जाएगा।
आईजीपी ने कहा कि हमारी ओर से किसी भी आतंकी के परिवार वाले को तंग नहीं किया जाता है। केवल हिज्ब कमांडर अब्बास की बहन को हमने बुक किया है और उसके खिलाफ बहुत सारे सबूत हैं, जिसके आधार पर कोर्ट ने भी उसे बेल देने से इनकार किया है।




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