Hanuman Chalisa

इतनी करोड़ संपत्‍त‍ि के आसामी हैं किसान नेता राकेश टि‍कैत

Updated: मंगलवार, 2 फ़रवरी 2021 (13:27 IST)
पिछले कुछ दिनों से राकेश टि‍कैत चर्चा में हैं। वे किसान बि‍ल के विरोध में आंदोलन कर रहे हैं। पिछले कई दिनों से चल रहा आंदोलन 26 जनवरी को हिंसक हो गया और कुछ असामाजिक तत्‍वों ने लाल किले पर कब्‍जा कर इसके परिसर में एक खास पंथ का झंडा भी फहरा दिया था, जिसकी पूरे देश में जमकर आलोचना हुई।

इसके बाद आंदोलन तकरीबन खत्‍म ही हो गया था, लेकिन टि‍कैत के रोने वाले दृश्‍य से एक बार फि‍र दिल्‍ली में किसानों की भीड़ जुट गई। हालांकि कुछ किसान संगठनों ने अपने आपको इस आंदोलन से अलग भी कर लिया है। ऐसे में कौन लोग असल किसान है और कौन नहीं, इसे लेकर भी देशभर के सोशल मीडिया में बहस चल रही है।
इस मौके पर यह जानना बेहद दिलचस्‍प होगा कि आखि‍र किसान नेता राकेश टिकैत कौन हैं, उनके पास कितनी संपत्ति है और क्‍या रहा है उनका अब तक का सफर।

दरअसल, टि‍कैत कभी दिल्ली पुलिस में सब-इंस्पेक्टर हुआ करते थे, लेकिन आज वे करोड़ों रुपए की संपत्ति के मालिक हैं। राकेश टिकैत दो बार चुनाव भी लड़ चुके हैं। हालांकि उन्हें दोनों बार जीत नहीं मिली और उनकी जमानत जब्‍त हो गई थी। किसानों की राजनीति तो राकेश टिकैत को विरासत में मिली है। उनके दिवंगत पिता महेंद्र सिंह टिकैत भारतीय किसान यूनियन के अध्यक्ष थे।

4 जून 1969 को उत्तर प्रदेश में मुजफ्फरनगर जिले के सिसौली गांव में राकेश टिकैत का जन्म हुआ था। उन्‍होंने मेरठ यूनिवर्सिटी से एमए की पढ़ाई की। इसके बाद एलएलबी कर वे वकील बन गए।

राकेश टिकैत 1992 में दिल्ली में सब-इंस्पेक्टर के पद पर तैनात थे, उस दौरान 1993-1994 में दिल्ली में महेंद्र सिंह टिकैत के नेतृत्व में किसान आंदोलन चल रहा था। चूंकि महेंद्र सिंह टिकैत राकेश टिकैत के पिता थे, इसलिए सरकार ने किसान आंदोलन खत्म करवाने के लिए उन पर दबाव डाला कि वो अपने पिता को मनाएं। फिर राकेश टिकैत ने अपना पद छोड़ दिया और किसानों के साथ खड़े हो गए।

साल 2014 के लोकसभा चुनाव में राकेश टिकैत द्वारा दिए गए शपथपत्र के अनुसार  उनकी संपत्ति की कीमत 4,25,18,038 रुपए थी। इसके अलावा राकेश टिकैत के शपथपत्र के मुताबिक  उस समय उनके पास 10 लाख रुपए कैश था।

राकेश टिकैत ने पहली बार साल 2007 में मुजफ्फरनगर की खतौली विधान सभा सीट से निर्दलीय चुनाव लड़ा था, जिसमें उनकी हार हो गई थी। इसके बाद राकेश टिकैत ने साल 2014 में अमरोहा जिले से राष्ट्रीय लोक दल के टिकट पर लोक सभा चुनाव लड़ा था. लेकिन वो चुनाव नहीं जीत पाए।

राकेश टिकैत के बड़े भाई नरेश टिकैत भारतीय किसान यूनियन (BKU) के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं। राकेश टिकैत खुद भारतीय किसान यूनियन के प्रवक्ता हैं। राकेश टिकैत के छोटे भाई सुरेंद्र टिकैत मेरठ की एक शुगर मिल में मैनेजर हैं। वहीं सबसे छोटे भाई नरेंद्र टिकैत खेती करते हैं।

Show comments

आरक्षण विरोधी आंदोलन पर पूर्ण प्रतिबंध क्यों? हाईकोर्ट ने लगाई दिल्ली पुलिस को फटकार, जानिए क्या है पूरा मामला

पहले 10 लाख जमा किए, IDA ने फिर मांगे 4 लाख रुपए, राहुल गांधी के इंदौर में आयोजन में फिर अड़चन

Hyundai BAYON India : नए SUV का डिजाइन आया सामने, H-Edge लाइटिंग ने खींचा ध्यान; जानें क्या-क्या हुआ कन्फर्म

Samsung Galaxy A18 4G लॉन्च, 50MP कैमरा और 5000mAh बैटरी के साथ आया फोन; जानें कीमत और फीचर्स

Suzuki e-Access खरीदें या नहीं? आराम, बैटरी और रेंज में दमदार, क्या कुछ कमियां भी हैं

सभी देखें

PM मोदी के 76वें जन्मदिन पर UP में दीपोत्सव जैसा माहौल, सीतापुर में मोदी-योगी की आकृति तो मेरठ में 'आशीर्वाद का दीया' बना आकर्षण

बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन और सीएम डॉ. मोहन यादव ने की सेवा-संकल्प अभियान की शुरुआत, स्वामित्व अधिकार योजना के तहत 50 लाख संपत्तियों की होगी फ्री रजिस्ट्री

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन पर जगमगाया मध्यप्रदेश, शिप्रा तट-महाकाल महालोक में एक साथ जलाए गए 33.27 लाख दीये, बना वर्ल्ड रिकॉर्ड

UPI विवाद पर हंसराज विश्वकर्मा का राहुल गांधी-अखिलेश पर निशाना , बोले- दोनों के बीच सांठगांठ

अंबेडकरनगर में 1100 बीघा जमीन पर आकार ले रहा इंडस्ट्रियल कॉरिडोर, पराली से बनेगी बायो गैस

अगला लेख