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Last Updated : सोमवार, 31 अगस्त 2020 (21:44 IST)

जब PM नरेंद्र मोदी ने पैर छूकर प्रणब मुखर्जी का आशीर्वाद लिया था...

मोदी ने प्रणब दा को सर्वोत्कृष्ट विद्वान और उच्च कोटि का राजनीतिज्ञ बताया

जब PM नरेंद्र मोदी ने पैर छूकर प्रणब मुखर्जी का आशीर्वाद लिया था... - PM Modi calls Pranab da the best scholar and a high-profile politician
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) ने पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी (Pranab Mukherjee) के निधन पर गहरा शोक प्रकट करते हुए उन्हें सर्वोत्कृष्ट विद्वान और उच्च कोटि का राजनीतिज्ञ बताया और कहा कि प्रधानमंत्री (Prime Minister) के रूप में पहले दिन से उन्हें उनका मार्गदर्शन, समर्थन और आशीर्वाद मिलने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। मोदी ने सोशल मीडिया पर प्रणब मुखर्जी के पैर छूकर आशीर्वाद लेने वाली तस्वीरें भी साझा की है।
मुखर्जी का आज यहां एक सैन्य अस्पताल में निधन हो गया। वह 84 वर्ष के थे। मोदी ने सिलसिलेवार ट्वीट कर कहा, ‘उनके परिवार, मित्रों और देश भर में उनके प्रशंसकों व समर्थकों के प्रति मेरी संवेदानाएं है। ओम शांति।’ मोदी ने कहा कि साल 2014 में जब वह प्रधानमंत्री बने तो दिल्ली के लिए बिल्कुल नए थे।
उन्होंने कहा, ‘पहले दिन से मुझे मुखर्जी का मार्गदर्शन, समर्थन और आशीर्वाद मिलने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। उनके साथ अपनी यादों को मैं हमेशा संजो कर रखूंगा।’ उन्होंने कहा, ‘प्रमुख नीतिगत मुद्दों पर उनका ज्ञानपूर्ण परामर्श मैं कभी भी नहीं भूल पाऊंगा।’ प्रधानमंत्री ने मुखर्जी के साथ अपनी कुछ तस्वीरें भी साझा कीं। इनमें से एक तस्वीर में वे मुखर्जी के पैर छूकर प्रणाम करते दिखाई दे रहे हैं।
उन्होंने कहा, ‘भारत रत्न प्रणब मुखर्जी के निधन पर भारत आज दु:खी है। देश के विकास में वह अमिट छाप छोड़ गए हैं। वे एक सर्वोत्कृष्ट विद्वान और उच्च कोटि के राजनीतिज्ञ थे, जिनकी प्रशंसा सभी राजनीतिक दल और समाज के सभी वर्गों में होती है।’ उन्होंने कहा कि अपने दशकों लंबे राजनीतिक करियर के दौरान प्रणब मुखर्जी ने आर्थिक और रणनीतिक जैसे प्रमुख मंत्रालयों में दीर्घकालिक योगदान दिए।
प्रधानमंत्री ने उन्हें एक ‘उत्कृष्ट’’ सांसद बताया जो हमेशा पूरी तैयारी में रहते थे, गजब के वक्ता थे और साथ ही हाजिर जवाब भी। उन्होंने कहा कि भारत के राष्ट्रपति के रूप में उन्होंने राष्ट्रपति भवन तक आम आदमी की पहुंच सरल बना दी। उन्होंने कहा, ‘राष्ट्रपति भवन को उन्होंने ज्ञान, नवाचार, संस्कृति, विज्ञान और साहित्य का केंद्र बनाया।’
पूर्व राष्ट्रपति मुखर्जी को दिल्ली छावनी स्थित अस्पताल में गत 10 अगस्त को भर्ती कराया गया था और उसी दिन उनके मस्तिष्क में जमे खून के थक्के को हटाने के लिए उनकी सर्जरी की गई थी। मुखर्जी को बाद में फेफड़ों में संक्रमण हो गया। वह 2012 से 2017 तक देश के 13वें राष्ट्रपति थे।

देश में 7 दिन का राजकीय कोष : सरकार ने पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी के निधन पर 7 दिन के राजकीय शोक की घोषणा की। गृह मंत्रालय ने कहा कि दिवंगत सम्मानीय नेता के सम्मान में भारत में 31 अगस्त से लेकर 6 सितंबर तक राजकीय शोक रहेगा। 
 
राजकीय शोक के दौरान देशभर में उन सभी भवनों पर राष्ट्रीय ध्वज आधा झुका रहेगा जहां ध्वज लगा रहता है। मंत्रालय ने कहा कि पूर्व राष्ट्रपति के राजकीय अंतिम संस्कार की तारीख, समय और स्थल की जानकारी बाद में दी जाएगी।
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