स्वतंत्रता दिवस से पहले हमले की साजिश, मुठभेड़ में मारा गया पाकिस्तानी आतंकी

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Last Updated: शनिवार, 14 अगस्त 2021 (00:08 IST)
श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर में से पहले राष्ट्रीय राजमार्ग पर हमले की साजिश रच रहे एक पाकिस्तानी आतंकवादी के कुलगाम जिले में एक मुठभेड़ में मारे जाने से सुरक्षा बलों को बड़ी सफलता मिली है।

अधिकारियों ने शुक्रवार को कहा कि रात भर चली मुठभेड़ उस समय शुरू हुई थी, जब एक इमारत में छिपे दो आतंकवादियों ने जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर बीएसएफ के काफिले पर अंधाधुंध गोलीबारी शुरू कर दी। सुरक्षाबलों ने आतंकवादियों की आवाजाही की निगरानी के लिए ड्रोनों की मदद ली।

कश्मीर के पुलिस महानिरीक्षक (आईजीपी) विजय कुमार ने कहा कि मारे गए आतंकवादी की पहचान पाकिस्तान के उस्मान के रूप में हुई है, जो पिछले छह महीनों से सक्रिय एक 'खतरनाक आतंकवादी' था। पुलिस के एक प्रवक्ता ने कहा कि कुलगाम के मालपोरा क्रॉसिंग के पास आतंकवादियों ने श्रीनगर-जम्मू राष्ट्रीय राजमार्ग से गुजर रहे बीएसफ के एक काफिले पर हमला कर दिया।
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उन्होंने कहा कि राजमार्ग पर तैनात सीआरपीएफ और पुलिस की त्वरित, प्रभावी एवं तत्काल जवाबी कार्रवाई ने न केवल हमले को विफल किया बल्कि सुरक्षाकर्मियों, आम नागिरकों समेत बेशकीमती जिंदिगियां बचा दी और साथ ही आतंकवादी को एक बिल्डिंग में घेर लिया गया।
सेना, पुलिस और सीआरपीएफ की ‘मजबूत टीम तुरंत मुठभेड़ स्थल पर पहुंच गई। उन्होंने बताया कि कश्मीर के आईजीपी और सेना के दक्षिण कश्मीर स्थित विक्टर फोर्स के जीओसी मौके पर पहुंचे और उन्होंने जमीनी स्थिति का जायजा लिया एवं देर रात तक अभियान का निरीक्षण किया। अधिकारी ने बताया कि इमारत की विशाल एवं कंक्रीट संरचना को देखते हुए तथा नुकसान कम से कम करने के लिए ड्रोनों की मदद ली गई ताकि अंदर छिपे आतंकवादियों की निगरानी की जा सके। उन्होंने कहा कि इस अभियान के दौरान दो ड्रोन नष्ट हो गए।

प्रवक्ता के अनुसार सुरक्षाबलों ने आसपास से 22 नागरिकों को सुरक्षित ढंग से बाहर निकाला। उन्होंने बताया कि मुठभेड़ के दौरान सुरक्षाबलों ने पाकिस्तान के उस्मान नामक एक विदेशी आतंकवादी को मार गिराया जिसका संबंध लश्कर ए तैयबा से था। आतंकवादियों की अंधाधुंध गोलीबारी में एक सीआरपीएफ जवान, एक सैन्यकर्मी और दो नागरिक घायल हो गए।

प्रवक्ता के अनुसार प्राथमिक जांच, हथियारों एवं अन्य सामानों की बरामदगी एवं आतंकवादियों के साथ मुठभेड़ के तौर तरीके से पता चला है कि उनका हमला सुनियोजित था और वे 15 अगस्त से पहले सुरक्षाबलों को अधिकाधिक नुकसान पहुंचाना चाहते थे, निर्धारित कार्यक्रमों में बाधा डालना चाहते थे और लोगों में भय पैदा करना चाहते थे।

आईजीपी ने कहा कि पिछले एक सप्ताह से जानकारी मिल रही थी कि आतंकवादी बारामूला-श्रीनगर रोड या काजीगुंड-पंथा चौक से राष्ट्रीय राजमार्ग पर हमला करने की साजिश रच रहे थे। उन्होंने बताया कि मुठभेड़ स्थल से भारी मात्रा में हथियार और गोला-बारूद बरामद किया गया, जिसमें एक एके-47 राइफल, मैगजीन, ग्रेनेड, आरपीजी-7 रॉकेट लांचर शामिल हैं। कुमार ने कहा कि यह दिखाता है कि ' वे आतंकवादी कोई बड़ी योजना बना रहे थे।'
उन्होंने कहा कि लंबे समय के बाद (कश्मीर में) आरपीजी-7 बरामद किया गया है और पुलिस व सुरक्षा बलों ने एक बड़ी घटना को टाल दिया है। मुझे पुलिस और सुरक्षा बलों पर गर्व है।' उन्होंने कहा कि खूंखार पाकिस्तानी आतंकवादी उस्मान को मारकर बड़ी सफलता मिली है।
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बारामूला में ग्रेनेड हमला : दूसरी ओर, बारामूला जिले में आतंकवादियों ने शुक्रवार को सुरक्षा बलों को निशाना बनाकर ग्रेनेड से हमला किया जिसमें केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के एक हेड कांस्टेबल सहित तीन लोग घायल हो गए। पुलिस ने यह जानकारी दी। पुलिस अधिकारी ने बताया कि उत्तरी कश्मीर के बारामूला जिले में एसबीआई मुख्य चौक सोपोर के नजदीक आतंकवादियों ने सुरक्षा बल के दल को निशाना बनाकर ग्रेनेड फेंका।
इस बीच, एक अन्य घटना में आतंकवादियों ने ग्रेनेड से सीआरपीएफ के शिविर को निशाना बनाया। हालांकि, इस हमले में किसी के हताहत होने की कोई खबर नहीं है। अधिकारियों ने बताया कि रात करीब साढ़े 8 बजे आतंकवादियों ने नौपोरा चौक स्थित सीआरपीएफ के शिविर को निशाना बनाकर ग्रेनेड फेंका, जो सड़क किनारे फटा।



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