संसद के बजट सत्र का दूसरा चरण सोमवार से, लोकसभा स्पीकर को लेकर हंगामे के आसार, अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा की उम्मीद
Parliament's second phase of Budget session : संसद के बजट सत्र का दूसरा चरण सोमवार को शुरू हो रहा है। खबरों के अनुसार, इस दौरान विपक्ष कई मुद्दों को जोरदार तरीके से उठाने की तैयारी में है। वहीं लोकसभा अध्यक्ष को हटाने का मुद्दा पहले दिन हंगामे की वजह बन सकता है। इस सत्र में फिर से केंद्र और विपक्षी दल आमने-सामने होंगे। इस बार सत्र के दौरान लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा और वोटिंग होने की उम्मीद है। संसद का बजट सत्र 28 जनवरी को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के दोनों सदनों को संबोधित करने के साथ शुरू हुआ था। यह सत्र कुल 65 दिनों तक चलेगा और इसमें 30 बैठकें होंगी।
केंद्र और विपक्षी दल होंगे आमने-सामने
संसद के बजट सत्र का दूसरा चरण सोमवार को शुरू हो रहा है। इस दौरान विपक्ष कई मुद्दों को जोरदार तरीके से उठाने की तैयारी में है। वहीं लोकसभा अध्यक्ष को हटाने का मुद्दा पहले दिन हंगामे की वजह बन सकता है। इस सत्र में फिर से केंद्र और विपक्षी दल आमने-सामने होंगे।
28 जनवरी को शुरू हुआ था बजट सत्र
इस बार सत्र के दौरान लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा और वोटिंग होने की उम्मीद है। संसद का बजट सत्र 28 जनवरी को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के दोनों सदनों को संबोधित करने के साथ शुरू हुआ था। यह सत्र कुल 65 दिनों तक चलेगा और इसमें 30 बैठकें होंगी। बजट सत्र 2 अप्रैल को समाप्त होगा। पहला चरण 13 फरवरी को खत्म हुआ था।
लोकसभा स्पीकर को हटाने के लिए असरदार बहुमत चाहिए
इस दौरान भारत-अमेरिका अंतरिम व्यापार समझौते और पूर्व सेना प्रमुख की किताब को लेकर संसद के भीतर और बाहर काफी विवाद हुआ था। सेशन के पहले हिस्से में विपक्ष ने चेयर पर पार्टीबाजी करने का आरोप लगाया था। साथ ही कई मुद्दों को एक साथ उठाया, जिसमें विपक्ष के नेता राहुल गांधी को बोलने का समय न देने और सांसदों को सस्पेंड करने जैसे मुद्दे शामिल थे। लोकसभा स्पीकर को हटाने के लिए असरदार बहुमत चाहिए।
विपक्ष का यह प्रयास सफल नहीं हो पाएगा
543 सदस्यों वाली लोकसभा में संख्या को देखते हुए विपक्ष के लिए जरूरी बहुमत हासिल करना मुश्किल काम है। हालांकि हाउस में नंबर्स को देखते हुए प्रस्ताव के सफल होने की उम्मीद कम है। लोकसभा अध्यक्ष को हटाने का मुद्दा पहले दिन हंगामे की वजह बन सकता है। इतिहास में इससे पहले भी तीन लोकसभा अध्यक्षों के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाए गए थे। माना जा रहा है कि इस बार भी विपक्ष का यह प्रयास सफल नहीं हो पाएगा।
ओम बिरला ने खुद को कार्यवाही से अलग कर लिया
विपक्ष का आरोप है कि स्पीकर ओम बिरला ने सदन की कार्यवाही के दौरान पक्षपातपूर्ण रवैया अपनाया और कांग्रेस के सांसदों को लेकर कुछ गलत दावे भी किए। इसी वजह से कई विपक्षी दलों के नेताओं ने उन्हें हटाने का प्रस्ताव दिया है। नियमों के अनुसार, प्रस्ताव दिए जाने के बाद ओम बिरला ने खुद को कार्यवाही से अलग कर लिया है और कहा गया है कि प्रस्ताव पर फैसला होने के बाद ही वह फिर से सदन की कार्यवाही संभालेंगे।
Edited By : Chetan Gour