भाजपा नेता के साथ ब्रह्मेश्वर नाथ मंदिर गए नीतीश कुमार, तेजस्वी ने बनाई दूरी
Bihar Political Crisis : बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के एक बार फिर पाला बदलने की अटकलों के बीच, जनता दल यूनाइटेड (JDU) प्रमुख ने भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं केंद्रीय मंत्री अश्विनी कुमार चौबे की मौजूदगी में शनिवार को बक्सर जिले के ब्रह्मपुर में प्रसिद्ध बाबा ब्रह्मेश्वर नाथ मंदिर के सौंदर्यीकरण कार्य की शुरुआत की। इस कार्यक्रम से उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव नदारद रहे।
बिहार के पर्यटन विभाग की ओर से शुरू की जा रही इस परियोजना के उदघाटन के अवसर पर नीतीश के पार्टी सहयोगी एवं मंत्री अशोक चौधरी भी उनके साथ रहे, लेकिन तेजस्वी सहित राजद के कोई भी नेता मौजूद नहीं रहे, जबकि पयर्टन विभाग तेजस्वी यादव के पास है।
राज्य में राजनीतिक अनिश्चितता को लेकर जारी अटकलों को शुक्रवार को उस समय और बल मिला जब नीतीश कुमार ने गणतंत्र दिवस के अवसर पर यहां राजभवन में आयोजित जलपान समारोह में भाग लिया, लेकिन उपमुख्यमंत्री एवं राजद नेता तेजस्वी यादव शामिल नहीं हुए।
राजभवन में आयोजित समारोह के दौरान मुख्यमंत्री को भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष विजय कुमार सिन्हा सहित अन्य आगंतुकों से अभिवादन स्वीकार करते देखा गया। राजद की ओर से केवल राज्य के शिक्षा मंत्री आलोक मेहता समारोह में शामिल हुए थे।
प्रसिद्ध बाबा ब्रह्मेश्वर नाथ के सौंदर्यीकरण कार्य के उद्घाटन के तुरंत बाद मुख्यमंत्री पटना के लिए रवाना हो गए।जय बाबा ब्रह्मेश्वरनाथ की
— Ashwini Kr. Choubey (@AshwiniKChoubey) January 27, 2024
आज संसदीय क्षेत्र बक्सर के प्रसिद्ध ब्रह्मपुर स्थित बाबा ब्रह्मेश्वरनाथ मंदिर के सौंदर्यीकरण व तालाब का जीर्णोद्धार के पहले चरण का उद्घाटन मा. CM श्री @NitishKumar जी ने किया। इसके उपरांत बाबा ब्रह्मेश्वरनाथ जी का पूजा अर्चना कर सभी के लिए मंगलकामना की। pic.twitter.com/tHFbjeOOA0
बक्सर से सांसद एवं केंद्रीय मंत्री अश्विनी कुमार चौबे ने से विशेष रूप से उनकी उपस्थिति का कारण पूछा गया तो चौबे ने कहा कि जब मैंने पहली बार बक्सर से लोकसभा चुनाव लड़ा था तो मैं मुख्यमंत्री के साथ इस मंदिर में आया था। इस बार भी जब मुख्यमंत्री उद्घाटन के लिए आये तो मैं यहां आया। इस पर टिप्पणी करने के लिए कुछ भी नहीं है।
जुलाई 2022 में मुख्यमंत्री ने बाबा ब्रह्मेश्वर नाथ मंदिर परिसर में सौंदर्यीकरण परियोजना का शिलान्यास किया था।
यह भगवान शिव का एक प्राचीन मंदिर है। भक्त पूरे वर्ष विशेष रूप से फाल्गुन और श्रावण माह के दौरान पूजा करने के लिए मंदिर में आते हैं।
Edited by : Nrapendra Gupta
