मुजफ्फरपुर बलात्कार मामले पर सुप्रीम कोर्ट का केन्द्र और बिहार सरकार को नोटिस
गुरुवार, 2 अगस्त 2018 (14:42 IST)
नई दिल्ली। उच्चतम न्यायालय ने बिहार के मुजफ्फरपुर में एक बालिका आश्रय गृह में बालिकाओं के साथ कथित तौर पर बलात्कार की घटनाओं पर स्वत: संज्ञान लेते हुए केन्द्र सरकार और बिहार सरकार को गुरुवार को नोटिस जारी किए।
न्यायाधीश एमबी लोकुर और न्यायाधीश दीपक गुप्ता की खंडपीठ ने इस संबंध में केन्द्र सरकार और बिहार सरकार को नोटिस जारी करते हुए विस्तृत जबाब देने को कहा है। न्यायालय ने मीडिया से कहा है कि वह पीड़ित बालिकाओं की किसी भी रूप में (धुंधली अथवा बदली तस्वीरों और वीडियो का प्रसारण न करें।
उच्चतम न्यायालय ने प्रिंट और इलेक्ट्रानिक मीडिया के एक वर्ग में दुष्कर्म पीड़ित बालिकाओं की पहचान उजागर किए जाने पर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए कहा है कि आखिर मीडिया ने उनकी पहचान कैसे और क्यों उजागर की। न्यायालय ने इस मामले में सहयोग के लिए उच्चतम न्यायालय की वकील अपर्णा भट्ट को न्याय मित्र नियुक्त किया है।
गौरतलब है कि बिहार के मुजफ्फरपुर के एक आश्रय स्थल में रहने वाली 32 बच्चियों के साथ कथित तौर बलात्कार और उत्पीड़न की घटना ने पूरे देश को झकझोर दिया है। इन लड़कियों का आरोप है कि उन्हें नशे के इंजेक्शन दिए जाते थे और प्रशासन के अधिकारी तथा अन्य लोग उनके साथ दुष्कर्म करते थे। यह मामला मुंबई के टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइसेंज की एक सामाजिक आडिट रिपोर्ट से सामने आया है। (वार्ता)
Ram temple donation theft row : राम मंदिर चढ़ावा मामले में SIT की बड़ी रिपोर्ट, नकदी छिपाने के कई मामले उजागर, चंपत राय और अनिल मिश्रा के इस्तीफे मंजूर
Bankipur by-election : प्रशांत किशोर की पहली चुनावी परीक्षा, बांकीपुर उपचुनाव में दांव पर जनसुराज का भविष्य, क्या है पार्टी की रणनीति
मध्यप्रदेश वक्फ बोर्ड में हिंदू सदस्यों के शामिल करने पर सियासत, विधायक आतिफ अकील के मेंबर बनने पर कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद खफा
होमगार्ड जवानों को 5 लाख तक की कैशलेस चिकित्सा, CM योगी ने निभाया वादा
अहमदाबाद में रथयात्रा से पहले सुरक्षा सख्त : वेजलपुर, सैटेलाइट और सरखेज सहित कई इलाकों में पुलिस की सघन चेकिंग, वांटेड आरोपी जेल भेजे गए