सम्बंधित जानकारी
- मोदी मंत्रिमंडल निरंतरता का द्योतक
- बिहार और आंध्र को क्यों नहीं मिल सकता विशेष राज्य का दर्जा?
- NEET exam : कांग्रेस ने मोदी सरकार को घेरा, मामले से 24 लाख छात्र प्रभावित
- वर्क कमिटमेंट और विकसित राष्ट्र पर क्या बोलीं कंगना रनौत?
- नीतीश को बिहार को विशेष दर्जा और जाति जनगणना की मांग उठानी चाहिए : तेजस्वी यादव
MSP को लेकर नाराज किसानों को बड़ा तोहफा, केंद्र सरकार ने 14 फसलों पर बढ़ाया न्यूनतम समर्थन मूल्य
Cabinet approves MSP for 14 kharif crops : प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में दिल्ली में कैबिनेट की बैठक हुई। इसमें किसानों को सरकार की तरफ से तोहफा दिया गया। सरकार ने 14 फसलों के लिए एमएसपी को बढ़ा दिया।
केंद्रीय मंत्रिमंडल के फैसलों पर केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि मंत्रिमंडल ने धान, रागी, बाजरा, ज्वार, मक्का और कपास सहित 14 खरीफ सीजन की फसलों पर न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) को मंजूरी दी है।
केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि पीएम मोदी का तीसरा कार्यकाल बहुत महत्वपूर्ण है क्योंकि यह किसानों के कल्याण के लिए कई फैसलों के माध्यम से परिवर्तन के साथ निरंतरता पर केंद्रित है।#CabinetDecisions | Cabinet approves Minimum Support Prices (MSP) for #KharifCrops for Marketing Season 2024-25
— DD News (@DDNewslive) June 19, 2024
The highest absolute increase in MSP over the previous year has been recommended for oilseeds and pulses.@MIB_India @AgriGoI #MSP pic.twitter.com/Nw6zSrL9Vr
किस पर कितना बढ़ा मूल्य : बुधवार को खरीफ विपणन सत्र 2024-25 के लिए धान का न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) 5.35 प्रतिशत बढ़ाकर 2,300 रुपए प्रति क्विंटल कर दिया। धान के समर्थन मूल्य में बढ़ोतरी सरकार के पास अधिशेष चावल भंडार होने के बावजूद हुई है। हालांकि हरियाणा, महाराष्ट्र, झारखंड और दिल्ली जैसे राज्यों में चुनावों से पहले यह महत्वपूर्ण पहल है।
एमएसपी वृद्धि की घोषणा करते हुए सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि मंत्रिमंडल ने कृषि लागत और मूल्य आयोग (सीएसीपी) की सिफारिशों के आधार पर 14 खरीफ (ग्रीष्मकालीन) फसलों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्यों को मंजूरी दी है।
वैष्णव ने कहा कि आगामी खरीफ मौसम के लिए 'सामान्य' ग्रेड के धान का एमएसपी 117 रुपये बढ़ाकर 2,300 रुपये प्रति क्विंटल कर दिया गया है, जबकि ए ग्रेड किस्म के लिए इसे बढ़ाकर 2,320 रुपये प्रति क्विंटल कर दिया गया है।
मंत्री ने कहा कि सरकार ने वर्ष 2018 के केंद्रीय बजट में एक स्पष्ट नीतिगत निर्णय लिया था कि एमएसपी उत्पादन की लागत से कम से कम 1.5 गुना होना चाहिए और नवीनतम एमएसपी वृद्धि में इस सिद्धांत का पालन किया गया है। उन्होंने कहा कि लागत की गणना सीएसीपी ने वैज्ञानिक तरीके से की है।
भारतीय खाद्य निगम के पास वर्तमान में लगभग 5.34 करोड़ टन चावल का रिकॉर्ड भंडार है, जो एक जुलाई तक के लिए आवश्यक बफर से चार गुना अधिक है। यह बिना किसी नई खरीद के एक साल के लिए कल्याणकारी योजनाओं के तहत मांग को पूरा करने के लिए पर्याप्त है।
मौसम विभाग के अनुसार, एक जून को मानसून की शुरुआत के बाद से देश भर में लगभग 20 प्रतिशत कम वर्षा हुई है। इसके बावजूद अब मौसम की स्थिति बारिश को आगे बढ़ने के लिए अनुकूल है।
जारी हुई थी किसान सम्मान निधि की दूसरी किस्त : इससे पहले काशी में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पीएम किसान सम्मान निधि की 17वीं किस्त जारी की थी। देश के 9.26 करोड़ों किसानों के खाते में 20 हजार करोड़ रुपए की राशि डीबीटी के माध्यम से भेजी गई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 18 जून को वाराणसी में आयोजित एक कार्यक्रम में पीएम किसान सम्मान निधि योजना की 17वीं किस्त जारी की थी। एजेंसियां
