विपक्षी दलों ने की किसानों पर फायरिंग की निंदा

पुनः संशोधित मंगलवार, 6 जून 2017 (21:08 IST)
नई दिल्ली। कांग्रेस, जनता दल (यू) और वामदलों के अलावा कई किसान संगठनों ने मध्य प्रदेश के मंदसौर में किसानों पर हुई फायरिंग की घटना में पांच किसानों की मौत की तीखी निंदा की है और दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
















कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी और पार्टी के वरिष्ठ नेता कमलनाथ, जनता दल (यू) के वरिष्ठ नेता शरद यादव के अलावा मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी तथा अखिल भारतीय किसान सभा ने किसानों पर हुई फायरिंग को अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण बताया और कहा कि भाजपा के शासन में हक मांगने पर किसानों को गोलियां खानी पड़ती हैं।








उल्लेखनीय है कि मंदसौर के पिपल्यामंडी में किसानों पर फायरिंग में पांच की मौत हो गई, जबकि चार अन्य घायल हो गए। गांधी ने ट्वीट करके कहा कि भाजपा सरकार देश के किसानों के साथ युद्ध की स्थिति में है।

पार्टी के वरिष्ठ नेता कमलनाथ ने
किसानों की मांगों को जायज बताते हुए कहा कि वह पिछले कई माह से राहत की मांग कर रहा था लेकिन कुंभकर्ण की नींद में सोई
सरकार की कानों पर जूं नहीं रेंग रही है। सरकार की अनदेखी के कारण ही किसानों ने शांतिपूर्ण-अहिंसक ढंग से हड़ताल पर जाने का निर्णय लिया लेकिन राज्य के मुख्यमंत्री किसान पुत्र शिवराज सिंह चौहान के इशारे पर उन गोलियां चलाईं गईं।












जनता दल (यू) के वरिष्ठ नेता शरद यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश और महाराष्ट्र में किसान अपनी समस्याओं को लेकर सड़क पर हैं और सरकार ने मोबाइल फोन एवं इंटरनेट कनेक्शन काट दिए
हैं। इससे ऐसा लगता है कि सत्तारुढ़ पार्टी किसानों को अपना शत्रु और आतंकवादी मानती है। यादव ने कहा कि किसानों ने फसलों का बम्पर उत्पादन किया है, इसके बावजूद किसानों की आत्महत्या की घटनाएं 2014 की तुलना में 2015 में 41 प्रतिशत बढ़ गई हैं।












माकपा ने भी इस घटना की कड़ी निन्दा करते हुए कहा कि किसानों पर पुलिस द्वारा बिना उकसावे के की गई गोलीबारी से विशेषकर राज्य में भाजपा का किसान विरोधी चरित्र प्रकट होता है। उसने राज्य सरकार से किसानों की वाजिब मांगों को मानने, पुलिस को गोलीबारी का आदेश देने के लिए जिम्मेदार अधिकारी को तत्काल निलम्बित करने, मारे गए लोगों के परिजनों को पर्याप्त मुआवजा तथा घायलों को चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने की मांग की








अखिल भारतीय किसान महासभा ने कहा कि किसान विरोधी नीतियों के विरुद्ध नौ जून को देशभर के किसान मिलकर व्यापक प्रदर्शन करेंगे। नेशनल एलायंस ऑफ पीपुल्स मूवमेंट ने भी किसानों पर हुई गोलीबारी की घटना की निंदा की है। (वार्ता)



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