Hanuman Chalisa

गैस सब्सिडी पर सरकार की मार, महंगा हुआ सिलेंडर...

Updated: मंगलवार, 1 अगस्त 2017 (10:38 IST)
नई दिल्ली। तेल विपणन कंपनियों ने सब्सिडी वाले रसोई गैस सिलेंडर की कीमत में दो रुपए की बढ़ोतरी की है, जबकि गैर सब्सिडी वाला सिलेंडर 40 रुपए सस्ता किया गया है। नई दरें मंगलवार से लागू हो गईं।
 
बढ़ोतरी के बाद दिल्ली में सब्सिडी वाला सिलेंडर 479.77 रुपए का मिलेगा। गैर सब्सिडी वाला सिलेंडर 564 रुपए से घटकर 524 रुपए रह जाएगा।
 
उल्लेखनीय है कि पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कल लोकसभा में एक लिखित प्रश्न के उत्तर में बताया था कि तेल विपणन कंपनियों को रसोई गैस सिलेंडर की सब्सिडी धीरे-धीरे खत्म करने के लिए हर महीने चार रुपए प्रति सिलेंडर की बढ़ोत्तरी करने को कहा गया है।
 
सरकार अगले वर्ष मार्च तक रसोई गैस सब्सिडी खत्म करना चाहती है। पहले कंपनियों को हर महीने दो रुपए बढ़ोतरी करने को कहा गया था। कंपनियां पिछले साल जुलाई से हर महीने दो रुपए (वैट अलग) की बढ़ोतरी करती आ रहीं थीं।
 
प्रधान ने बताया कि इस वर्ष 30 मई को कंपनियों से कहा गया था कि वे हर महीने जब तक सब्सिडी खत्म ना हो जाए, चार रुपए प्रति माह की बढ़ोतरी करें। एक जुलाई से जीएसटी लागू होने पर सब्सिडी वाले सिलेंडर में पिछले छह साल की सबसे अधिक 25 रुपए प्रति सिलेंडर की बढ़ोतरी हुई थी।
 
उपभोक्ता को एक वित्तीय वर्ष में 12 सिलेंडर सब्सिडी दर पर मिलते हैं। उससे अधिक लेने पर बाजार कीमत अदा करनी पड़ती है। (वार्ता) 
Show comments

TVS iQube MillionR Edition लॉन्च, 145 किमी रेंज और Type-C चार्जिंग समेत मिलेंगे ये फीचर्स, हासिल किया 10 लाख यूनिट का आंकड़ा, कीमत जानेंगे तो हो जाएंगे हैरान

नेपाल में बाढ़ से तबाही तो दिल्ली में H1N1 का कहर, मामलों की संख्या 3000 के करीब

कांवड़ यात्रा पर दिग्विजय सिंह के बयान से गरमाई सियासत, भाजपा ने बताया सनातन का अपमान, माफी की मांग

चीनी कैमरे ने रिकॉर्ड की Nepal की तबाही का भयावह दृश्‍य, जिस जगह टूटा था ग्लेशियर, वहां पहुंचा चीनी हेलीकॉप्टर

तिब्बत में टूटा ग्लेशियर का 'थूथन', नेपाल में हाहाकार, 30 फीट ऊंची प्रलयंकारी बाढ़ का खौफनाक सच

सभी देखें

ओरछा में भाजपा प्रदेश कार्यसमिति की बैठक मेंं युवा वोटर्स को पार्टी से जोड़ने और मिशन 2028 की बनेगी रणनीति

नेपाल की ग्लेशियर बाढ़ ने बजाई कश्मीर के लिए खतरे की घंटी, बढ़ती ग्लेशियल झीलें बन सकती हैं तबाही की वजह

नक्सल प्रभावित रहे ग्राम बोंदारी में विकास की नई सुबह, मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने ग्रामीणों से किया संवाद

राहुल गांधी का BJP-RSS पर सीधा हमला, 'शुद्धीकरण' को बताया आधुनिक छुआछूत, PM से FIR दर्ज कराने की मांग

कैसे उत्तर प्रदेश सरकार ने संजोया मेजर ध्यानचंद से जुड़ी यादों को

अगला लेख