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सीमा और एलओसी पर घुसपैठ को लेकर दोनों ओर से तैयारी

Updated: शुक्रवार, 17 नवंबर 2017 (21:14 IST)
श्रीनगर। बर्फ के गिरते ही सीमाओं पर घुसपैठ को लेकर दोनों ओर से तैयारियां जारी हैं। अगर पाक सेना आतंकियों को इस ओर धकेलने की खातिर सीमा पर लूप होलों की तलाश में है तो भारतीय सेना घुसपैठ को थामने की खातिर नई-नई रणनीतियां तैयार कर रही है।
 
सेना ने शीतकाल में सीमा पार से घुसपैठ की आशंका के मद्देनजर जम्मू-कश्मीर में एलओसी पर चौकसी और बढ़ाई है। सेना के वरिष्ठ कमांडरों ने बताया कि पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर से सर्दियों में घुसपैठ हो सकती है। पीओके में आतंकियों के शिविर चल रहे हैं और वे सभी घुसपैठ की फिराक में हैं इसलिए आने वाले दिन ज्यादा चुनौतीपूर्ण हैं। उन्होंने आश्वस्त किया कि सेना सतर्क है और घुसपैठियों को कड़ा जवाब देने के लिए तैयार है। उन्होंने बताया कि जिन क्षेत्रों से प्रशिक्षित आतंकी घुसपैठ कर सकते हैं, उन क्षेत्रों का जायजा सेना के वरिष्ठ अधिकारी ले चुके हैं। उन्होंने बताया कि सतर्कता सूत्रों के अनुसार, सीमा पार से घुसपैठ की तैयारी चल रही है, लेकिन सेना उसका जवाब देने के लिए तैयार है।
 
बताया जा रहा है कि आतंकवाद को बल देने के लिए सीमा पार लांचिंग पैडों पर तैयार सैकड़ों आतंकियों को घुसपैठ कराने के लिए पाकिस्तान सीमा पर कमजोर कड़ी तलाश रहा है। पड़ोसी देश ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी से पहाड़ी दर्रों के बंद होने से पहले घुसपैठ करवाने के लिए फिर दुस्साहस करेगा। सूत्रों के अनुसार, सेना व बीएसएफ के भारी दबाव के कारण अब सीमा पार से आतंकियों के छोटे दलों को घुसपैठ करवाने की कोशिशें हो रही हैं। बड़े दलों की घुसपैठ में अधिक नुकसान की संभावना रहती है।
 
असल में दिसंबर से पहाड़ी इलाकों में घुसपैठ के रूट बंद होने के पुख्ता संकेत मिलने के बाद एलओसी पर ऐसे स्थानों को चिन्हित किया गया है जो भारी गोलीबारी की आड़ में घुसपैठ करने के लिए पाकिस्तान का अगला निशाना हो सकते हैं। ऐसे स्थानों पर रात के समय घुसपैठ पर नजर रखने के लिए जवानों की तैनाती बढ़ाने के साथ हैंड हेल्ड थर्मल इमेजरों, सेंसरो व नाइट विजन यंत्रों की संख्या बढ़ाई गई है।
 
माना कि एलओसी के पहाड़ों पर बर्फबारी के कारण भयानक सर्दी का माहौल होना आरंभ हो गया है लेकिन पाक सेना इसमें भी घुसपैठ के प्रयासों को अंजाम देने की कोशिशें कर गर्मी पैदा करने की कोशिशों में है। सेना प्रवक्ता का कहना है कि पाक सेना के लिए असल में ये आतंकी सिरदर्द और बोझ बन गए हैं जिन्हें वह जल्द से जल्द और भयानक परिस्थितियों की परवाह किए बिना इस ओर धकेलना चाहती है।
 
यह बात अलग है कि प्रवक्ता इस पर कोई टिप्पणी करने से इनकार करते हैं कि बर्फबारी ने तारबंदी को भी दफन कर दिया है और उन उपकरणों को भी जिनके द्वारा एलओसी पर घुसपैठियों पर नजर रखी जाती है। हालांकि उनका कहना है कि हाथ से चलने वाले उपकरण अच्छी तरह से काम कर रहे हैं और पाक सेना द्वारा पैदा की जाने वाली घुसपैठ की गर्मी को रोकने में बखूबी सहायक हो रहे हैं। सेना चाहे कुछ भी कहे, लेकिन इतना जरूर है कि पाक सेना भयानक सर्दी और मौसम की इन परिस्थितियों में भी आराम से नहीं बैठने दे रही है।
लेखक के बारे में
सुरेश एस डुग्गर
सुरेश डुग्गर वेबदुनिया के लिए जम्मू कश्मीर से समाचार संकलन के लिए अधिकृत हैं। वे तीन दशक से ज्यादा समय से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं।.... और पढ़ें

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