धमकी के बीच कश्मीर में भाजपा नेताओं के जनाजे में पहुंचे सैकड़ों लोग

सुरेश एस डुग्गर| Last Updated: शुक्रवार, 30 अक्टूबर 2020 (16:44 IST)
जम्मू। भाजपा के तीन नेताओं की हत्या के बाद भले ही दक्षिण के जिला के काजीगुंड के गांव वाइके पोरा में मातम पसरा हुआ है, लेकिन मृतकों के जनाजे में शामिल हुई भीड़ ने आतंकियों की उस धमकी को दरकिनार कर दिया, जिसमें चेतावनी दी गई थी कि जनाजे में शामिल होने वालों का भी यही हाल होगा।
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गुरुवार देर रात आतंकी हमले में मारे गए भाजपा युवा मोर्चा के महासचिव फिदा हुसैन समेत तीनों कार्यकर्ताओं के घरों में अंतिम विदाई देने वालों की भीड़ देखने को मिली थी। स्थानीय लोगों में इस आतंकी करतूत को लेकर खासा रोष दिखा। वहीं कश्मीर भाजपा इकाई ने इन हत्याओं के लिए डीसी और एसपी कुलगाम को भी जिम्मेदार ठहराते हुए उनके इस्तीफे की मांग की है। उन्होंने यह तक चेतावनी दे डाली है कि इनके निलंबित होने तक वे किसी भी राजनीतिक गतिविधि में भाग नहीं लेंगे।
दहशतगर्द चाहे कितनी भी कोशिशें कर लें, लेकिन जम्मू कश्मीर की जनता उनके आगे झुकने वाली नहीं है। यह संदेश कुलगाम की जनता ने भाजपा नेताओं के जनाजे में शामिल होकर दिया है। दरअसल भाजपा के तीन नेताओं की हत्या के बाद आतंकी संगठन टीआरएफ ने लोगों को चेतावनी दी थी कि कोई भी इन नेताओं के जनाजे में शामिल नहीं होगा। लेकिन जब जनाजे की तस्वीरें सामने आईं तो यह साफ हो गया है कि दहशतगर्दों की धमकियां लोगों के लिए मायने नहीं रखती हैं।
आतंकियों ने लोगों को भाजपा नेता के जनाजे में जमा न होने के लिए धमकी थी, लेकिन आज जब तीनों का जनाजा निकला तो इलाके की कौनसी आंख होगी जो नम न हुई हो। लोगों ने सैकड़ों की संख्या में इकट्ठा होकर जनाजे को कांधा दिया।
जानकारी के लिए कल गुरुवार शाम को दक्षिण कश्मीर के जिला कुलगाम के काजीगुंड के वाईके पोरा इलाके में आतंकियों ने तीन भाजपा कार्यकर्ताओं की गोली मारकर हत्या कर दी। मारे गए भाजपा कार्यकर्ताओं की पहचान युवा मोर्चा कुलगाम के महासचिव फिदा हुसैन इटू, दोनों निवासी वाईके पोरा काजीगुंड जबकि तीसरा कार्यकर्ता निवासी सोपत काजीगुंड के रूप में हुई है।
भाजपा के वरिष्ठ नेता सोफी यूसुफ ने कहा कि भाजपा कार्यकर्ताओं पर हमले पाकिस्तान और आतंकवादियों की निराशा को जाहिर करते हैं। उन्होंने दावा किया कि ये हमले हमें कमजोर नहीं करेंगे। जल्द ही यहां समाप्त होने वाला है। युसूफ ने इन हत्याओं के लिए डीसी और एसपी कुलगाम को जिम्मेदार ठहराया। ये हत्याएं डीसी कुलगाम और एसपी कुलगाम की लापरवाही के कारण हुईं हैं। उन्हें कहा गया था कि वे कार्यकर्ताओं को सुरक्षा में रखें परंतु उनके पास कोई वाहन, ईंधन और सुरक्षा नहीं है। दोनों ही अधिकारी अभिमानी हैं।
उन्होंने जिला प्रशासन, केंद्र में बैठी भाजपा सरकार को चेतावनी दी कि कश्मीर भाजपा इकाई किसी भी राजनीतिक गतिविधि जहां तक की चुनाव में भी भाग नहीं लेगी जब तक डीसी और एसपी कुलगाम को निलंबित नहीं कर दिया जाता। उन्होंने कहा कि सुरक्षा की विफलता के कारण ये हत्याएं हुईं हैं। एसपी हमारे कार्यकर्ताओं की काल तक नहीं उठाते हैं। वह डीजीपी, डिवीजनल कमिश्नर और आईजीपी कश्मीर की भी नहीं सुनते हैं।




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