घाटी में जलापूर्ति, संचार लिंक आंशिक बहाल

श्रीनगर| Last Updated: गुरुवार, 11 सितम्बर 2014 (18:48 IST)
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श्रीनगर। 6 दशक में सबसे भीषण बाढ़ से प्रभावित कश्मीर में 20 प्रतिशत जलापूर्ति बहाल हो गई है और संचार लिंक को बहाल करने के लिए घाटी में पूरे जोर-शोर से कोशिशें की जा रही हैं।
जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने सभी सरकारी कर्मचारियों को शाम तक ड्यूटी पर रिपोर्ट करने को कहा है ताकि हालात से निपटने के लिए प्रयास तेज किए जा सके।
 
कश्मीर के डिवीजनल आयुक्त रोहित कंसल ने बताया कि 20 प्रतिशत जलापूर्ति बहाल कर दी गई है और संचार सेवाएं आंशिक तौर पर बहाल हो गई हैं। सड़कों को साफ करने के लिए प्रयास हो रहे हैं। आधे कश्मीर में जलापूर्ति काफी हद तक प्रभावित हुई है।
 
कंसल ने कहा कि राहत अभियान तेज करने की दिशा में प्रशासन ने राज्य सरकार के सभी कर्मचारियों से इस शाम तक ड्यूटी पर रिपोर्ट करने को कहा है। उन्होंने यह भी कहा कि जम्मू एंड कश्मीर बैंक में खाताधारियों की सभी जमा राशि सुरक्षित है।
 
बाढ़ प्रभावित घाटी में नुकसान का एक खाका देते हुए कंसल ने कहा कि कश्मीर के 12 जिलों में से 8 पूरी तरह से या आंशिक तौर पर प्रभावित हुए हैं। इससे 20 लाख लोग प्रभावित हुए हैं। 4 जिले पूरी तरह कटे हुए हैं।
 
कंसल ने कहा कि बाढ़ से 50 पुलों और 170 किलोमीटर सड़क क्षतिग्रस्त हो गई है। कम से कम 45,000 लोगों को विमान या नौकाओं के जरिए बचावकर्मियों ने निकाला है। कम से कम 5,000 लोगों को बाढ़ प्रभावित राज्य में विमानों से निकाला गया है जिसमें अधिकतर दूसरे राज्यों के हैं।
 
प्रशासन ने 150 राहत शिविर लगाए हैं, जहां 1 लाख लोगों ने शरण ली है। अब तक 200 टन राहत सामग्री की आपूर्ति हुई है। श्रीनगर एसडीएम सैयद अबीद रशीद शाह ने बताया कि पहली प्राथमिकता असहाय लोगों को बचाना है। हालात से निपटने का यह समन्वित प्रयास है, जिसमें एनडीआरएफ की महत्वपूर्ण भूमिका है।
 
शाह ने कहा कि प्रशासन हालात सामान्य करने और समुदाय की मदद के लिए कड़ी मेहनत कर रहा है। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए और राहत आपूर्ति की जरूरत है। (भाषा)



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