dharma sangrah

समावेशी और सुरक्षित शहरों के निर्माण के लिए नई पहल

Updated: शुक्रवार, 5 फ़रवरी 2021 (11:59 IST)
नई दिल्ली, भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी), खड़गपुर और नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ अर्बन अफेयर्स (एनआईयूए) के बीच एक सहमति पत्र पर हस्ताक्षर किए गए हैं। आईआईटी, खड़गपुर और एनआईयूए के बीच यह साझेदारी समावेशी और सुरक्षित शहरों के निर्माण के लिए की गई है। इस समझौते का लक्ष्य ऐसे शहरों के निर्माण की रूपरेखा विकसित करना है, जो हर आयु-वर्ग, दिव्यांग-जनों और हर पेशे से जुड़े लोगों के लिए सामान रूप से सुगम व सुरक्षित हों।

आईआईटी, खड़गपुर के निदेशक प्रोफेसर वीरेन्द्र के तिवारी ने कहा है कि भारत एक युवा देश है, जिसकी जनसंख्या में वर्ष 2019 तक हर साल एक प्रतिशत की वृद्धि दर्ज होती है। जनसंख्या वृद्धि के ये आंकड़े भारत में आवास-निर्माण और नगर-योजना में निरंतर विकास की आवश्यकता को रेखांकित करते हैं। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय संस्थागत रैंकिंग फ्रेमवर्क (NIFR) की रैंकिंग के अनुसार आईआईटी, खड़गपुर का डिपार्टमेंट ऑफ
आर्किटेक्चर ऐंड रीजनल प्लानिंग, आर्किटेक्चर के क्षेत्र में देश का एक बेहतरीन स्कूल है।

आईआईटी, खड़गपुर के डिपार्टमेंट ऑफ आर्किटेक्चर एंड रीजनल प्लानिंग विभाग के प्रोफेसर सुब्रत चट्टोपाध्याय ने बताया कि अनेक कानून, दिशा-निर्देशों और डिजाइन मानकों की समीक्षा, वैश्विक चलन और अंतरराष्ट्रीय मानकों का अध्ययन करने के बाद, आईआईटी, खड़गपुर सबके किये अनुकूल शहरों के लिए एक रूपरेखा का प्रस्ताव करेगा, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि विकलांग लोगों, बुजुर्गों और माता-पिता सहित बच्चे, परिवहन सेवाओं और शहरी सुविधाओं को प्राप्त कर सके और साथ ही उनमें आजीविका, मनोरंजन और सूचना प्राप्त करने के साधन भी उपलब्द्ध हों।

योजना- क्रियान्वयन से पहले क्षेत्र की सुरक्षा, वहां तक पहुंच और क्षेत्र में मौजूद हरियाली के साथ-साथ उस क्षेत्र में पानी, बिजली, जलवायु, परिवहन, कनेक्टिविटी आदि सुविधाओं को ध्यान में रखा जाएगा।

डिपार्टमेंट ऑफ आर्किटेक्चर ऐंड रीजनल प्लानिंग विभाग में प्रोफेसर हैमंती बनर्जी ने कहा कि दिव्यांग और बुजुर्ग,  संवेदी, मनोवृत्ति, संज्ञानात्मक, शारीरिक और आर्थिक बाधाओं के कारण समाज में प्रायः भेदभाव और अलगाव का सामना करते हैं। इन सभी को ध्यान में रखकर शहर- निर्माण का फ्रेमवर्क तैयार किया जाएगा। इसके लिए जमीनी स्तर पर जानकारी एकत्र की जाएगी।

नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ अर्बन अफेयर्स (एनआईयूए), शहरी और क्षेत्रीय विकास योजना निर्माण और कार्यान्वयन दिशानिर्देशों के माध्यम से  क्षेत्रीय विकास, स्थायी आवास, भूमि उपयोग, समावेशी नियोजन और परिवहन एकीकरण जैसे नए उभरते पहलुओं के नियोजन, आपदा प्रबंधन अवधारणाओं को समर्पित एक राष्ट्रीय संस्थान है। (इंडिया साइंस वायर)

Show comments

आरक्षण विरोधी आंदोलन पर पूर्ण प्रतिबंध क्यों? हाईकोर्ट ने लगाई दिल्ली पुलिस को फटकार, जानिए क्या है पूरा मामला

पहले 10 लाख जमा किए, IDA ने फिर मांगे 4 लाख रुपए, राहुल गांधी के इंदौर में आयोजन में फिर अड़चन

Hyundai BAYON India : नए SUV का डिजाइन आया सामने, H-Edge लाइटिंग ने खींचा ध्यान; जानें क्या-क्या हुआ कन्फर्म

Samsung Galaxy A18 4G लॉन्च, 50MP कैमरा और 5000mAh बैटरी के साथ आया फोन; जानें कीमत और फीचर्स

Suzuki e-Access खरीदें या नहीं? आराम, बैटरी और रेंज में दमदार, क्या कुछ कमियां भी हैं

सभी देखें

PM मोदी के 76वें जन्मदिन पर UP में दीपोत्सव जैसा माहौल, सीतापुर में मोदी-योगी की आकृति तो मेरठ में 'आशीर्वाद का दीया' बना आकर्षण

बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन और सीएम डॉ. मोहन यादव ने की सेवा-संकल्प अभियान की शुरुआत, स्वामित्व अधिकार योजना के तहत 50 लाख संपत्तियों की होगी फ्री रजिस्ट्री

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन पर जगमगाया मध्यप्रदेश, शिप्रा तट-महाकाल महालोक में एक साथ जलाए गए 33.27 लाख दीये, बना वर्ल्ड रिकॉर्ड

UPI विवाद पर हंसराज विश्वकर्मा का राहुल गांधी-अखिलेश पर निशाना , बोले- दोनों के बीच सांठगांठ

अंबेडकरनगर में 1100 बीघा जमीन पर आकार ले रहा इंडस्ट्रियल कॉरिडोर, पराली से बनेगी बायो गैस

अगला लेख