sundarkand
✕

हिन्दी को अनिवार्य करने संबंधी याचिका की सुनवाई से इंकार

Updated: गुरुवार, 4 मई 2017 (15:39 IST)
नई दिल्ली। उच्चतम न्यायालय ने देश के सभी स्कूलों में 8वीं कक्षा तक हिन्दी को अनिवार्य बनाने संबंधी जनहित याचिका की सुनवाई से गुरुवार को इंकार कर दिया।
 
मुख्य न्यायाधीश जेएस केहर की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने कहा कि वह इस तरह का कोई आदेश नहीं पारित कर सकती। न्यायमूर्ति केहर ने कहा कि हम इस तरह का आदेश नहीं दे सकते। कल कोई और आकर कहेगा कि संस्कृत को अनिवार्य बनाया जाए, कोई पंजाबी को अनिवार्य करने की मांग करेगा।
 
न्यायालय ने याचिकाकर्ता भारतीय जनता पार्टी की दिल्ली इकाई के प्रवक्ता अश्विनी उपाध्याय की याचिका की सुनवाई के दौरान कहा कि हिन्दी को बढ़ावा देने के लिए सरकार खुद ही काफी प्रयास कर रही है। ये नीतिगत फैसले हैं और इस तरह का कोई आदेश न्यायालय कैसे पास कर सकता है?
 
उपाध्याय की ओर से जिरह कर रहे वरिष्ठ अधिवक्ता आरएस सूरी ने बाद में याचिका वापस ले ली। (वार्ता)

Show comments

Tata Punch EV और Nexon EV को कड़ी टक्कर देगी Hyundai की सस्ती EV कार, जानिए कितनी मिलेगी रेंज

PM Kisan 24th Installment : किसानों के खाते में आ गए ₹2,000, पीएम मोदी ने जारी की 19 हजार करोड़ रुपये की किस्त, ऐसे चेक करें अपना स्टेटस

Samsung W27 : धमाका करने आया सैमसंग का सस्ता स्मार्टफोन, कंपनियों के छूटे पसीने

IDBI Bank Privatization : निर्मला सीतारमण का राहुल गांधी पर पलटवार, कांग्रेस राज के बैंक घोटालों की खोली पोल

क्यों गिर रहे सोने-चांदी के भाव? रिकॉर्ड हाई से गोल्ड 51000 सस्ता, सिल्वर 2.33 लाख से अधिक टूटी, क्या खरीदारी का यही है सही मौका या करें इंतजार?

सभी देखें

Census 2027: 25 जनवरी से शुरू होगी देश की आबादी की गिनती, जानिए किन राज्यों में टली प्रक्रिया

मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा: प्रदेश में बस संचालन को नई गति दे रही निजी भागीदारी और आधुनिक तकनीक

रिलायंस ने तोड़ा कमाई का रिकॉर्ड, तिमाही मुनाफा 33.8% उछलकर ₹29,550 करोड़, पहली बार ₹3.62 लाख करोड़ के पार पहुंचा रेवेन्यू

कैलाश विजयवर्गीय के बयान पर कांग्रेस का निशाना, बोले- सवालों से घबराती है भाजपा

UP की 58 हजार ग्राम पंचायतों का बदलेगा विकास मॉडल! योगी सरकार का हाईटेक प्लान, अब तकनीक से बनेगी गांवों की विकास योजना

अगला लेख