sundarkand

उम्‍मीदवारों की नकदी निकासी सीमा बढ़ाने से आरबीआई का इनकार, चुनाव आयोग नाराज

Updated: सोमवार, 30 जनवरी 2017 (11:51 IST)
पांच राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले चुनाव आयोग ने उम्मीदवारों की पैसे निकासी की सीमा न बढ़ाने के लिए आरबीआई को जिम्मेदार ठहराया है। वहीं, रिजर्व बैंक ने चुनाव आयोग को भेजे अपने जवाब में कहा है कि निकासी की सीमा बढ़ाई नहीं जा सकती। हालांकि इसके बाद आयोग ने एक बार फिर आरबीआई को उम्मीदवारों की पैसे निकासी की सीमा बढ़ाने को कहा है।
गौरतलब है कि 8 नवंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 500 और 1000 रुपये के नोटों को बंद करने की घोषणा के बाद रिजर्व बैंक ने नकद निकासी की सीमा निर्धारित कर दी थी। शुरुआत में यह 20,000 रुपये प्रति सप्‍ताह थी जिसे बाद में बढ़ाकर 24,000 रुपये कर दिया गया था।
 
चुनाव आयोग ने बुधवार को आरबीआई से उम्मीदवारों की नकदी निकासी की साप्ताहिक सीमा 24,000 रुपये से बढ़ाकर दो लाख रुपये करने का अनुरोध किया था। आयोग का कहना था कि नोटबंदी के बाद लागू सीमा से उम्मीदवारों को अपने प्रचार का खर्च निकालने में कठिनाई होगी। लेकिन रिजर्व बैंक का कहना है कि इस स्तर पर सीमा बढ़ाना संभव नहीं है। नाराज दिख रहे आयोग ने आरबीआई गवर्नर उर्जित पटेल को पत्र लिखकर इस मुद्दे से निपटने के तरीके पर गंभीर चिंता प्रकट की है।
 
चुनाव आयोग ने कहा, 'ऐसा लगता है कि आरबीआई को स्थिति की गंभीरता का आभास नहीं है। यह बात दोहराई जाती है कि निष्पक्ष और स्वतंत्र चुनाव कराना और सभी उम्मीदवारों को समान अवसर प्रदान करना आयोग का संवैधानिक अधिकार है और उचित तरीके से चुनाव कराने के लिए जरूरी है कि आयोग के दिशानिर्देशों का पालन किया जाए।' आयोग ने रिजर्व बैंक से प्रस्ताव पर पुनर्विचार करने का अनुरोध किया। आयोग ने बुधवार को आरबीआई से कहा था कि नोटबंदी के बाद लागू नकदी निकालने की सीमा की वजह से उम्मीदवारों को हो रही परेशानियों से वह वाकिफ है।
 
आयोग ने कहा कि विधानसभा क्षेत्र के निर्वाचन अधिकारी प्रमाणपत्र जारी करेंगे कि कौन व्यक्ति चुनाव मैदान में है और उसे चुनावी खर्च के लिए विशेष रूप से खोले गये बैंक खाते से प्रति सप्ताह दो लाख रुपये निकालने की अनुमति दी जाए। चुनाव आयोग ने कहा कि 11 मार्च को मतगणना की तारीख तक यह सुविधा दी जानी चाहिए। आयोग ने कहा था कि 24,000 रुपये की साप्ताहिक नकदी निकासी सीमा के साथ एक उम्मीदवार चुनाव प्रक्रिया पूरी होने तक अधिकतम 96,000 रुपये नकदी निकाल सकेगा।
 
आयोग ने रिजर्व बैंक से कहा कि कानून के अनुसार उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और पंजाब में चुनाव लड़ रहे प्रत्याशी चुनाव प्रचार में 28-28 लाख रुपये खर्च कर सकते हैं। गोवा और मणिपुर में यह सीमा 20-20 लाख रुपये है। चुनाव आयोग ने कहा कि चेक से भुगतान करने के बावजूद उम्मीदवारों को छोटे मोटे खर्चों के लिए नकदी चाहिए होगी। ग्रामीण इलाकों में नोटबंदी का बड़ा असर है जहां बैंकिंग सुविधाएं बहुत कम हैं।
Show comments

अमीर बनने से पहले बूढ़ा हो जाएगा भारत! 2050 तक हर 5 में 1 भारतीय होगा 60 साल से ज्यादा उम्र का

राहुल गांधी ने कुत्तों पर जो कहा... क्या हम उस पर बात कर सकते हैं?

IRCTC की नई वेबसाइट हुई लाइव, टिकट बुकिंग से पहले करना होगा ये जरूरी काम, जानें पूरा तरीका

भारत में बढ़ रहा EV का क्रेज, खरीदने से पहले जानें इलेक्ट्रिक वाहनों के 4 प्रकार और इनके फायदे

सिर्फ कीमत नहीं, कार खरीदते समय किन बातों पर ध्यान देना चाहिए?

सभी देखें

UPI MDR Charges Controversy: UPI लेनदेन शुल्क में 'ट्रंप कनेक्शन' की क्यों हो रही चर्चा?

भारी बारिश से गुरुग्राम बना जलग्राम, दिल्ली में जलभराव से जगह-जगह जाम

महिला आरक्षण पर राहुल गांधी का रिजिजू को जवाब, बोले- 2023 का कानून बिना शर्त लागू करें

तुर्की, पाकिस्तान और सऊदी अरब ने किया त्रिपक्षीय सैन्य समझौता

भोपाल का मास्टर प्लान लागू करना अब जरूरी या मजबूरी, आखिरी क्यों 21 साल में तीन ड्राफ्ट, फिर भी कागजों में शहर का भविष्य?

अगला लेख